Rejinagar By Election: उपचुनाव में मतदान के बीच ऐसे क्या बोल गए हुमायूं कबीर? दफ्तर से घसीट कर ले गई पुलिस
Rejinagar By Election: पश्चिम बंगाल समेत तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की पांच विधानसभा सीटों ओर एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव चुनाव के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं. इस बीच पुलिस ने रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में पुलिस के दखल का आरोप लगाने वाली टिप्पणी के बाद हुमायूं कबीर को गिरफ्तार कर लिया है.
क्यों गिरफ्तार किए गए हुमायूं कबीर?
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को मंगलवार को रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में वोट डालने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दरअसल, उन्होंने पुलिस पर कई बूथों पर वोटिंग प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया था. पुलिस ने कबीर पर वोटिंग के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
इसके उलट, वोट डालने के बाद कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी वोटिंग प्रक्रिया में बाधा डाल रहे थे. उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार पहले से ही सत्ता में है, तो ऐसे दखल की क्या जरूरत है. हुमायूं कबीर ने कहा, "आरोप तो अभी शुरू हुए हैं. पुलिस खुद कई बूथों पर वोटिंग प्रक्रिया को अपने कब्जे में ले रही है."
#WATCH | Murshidabad, West Bengal: Aam Janata Unnayan Party (AJUP) chief and MLA Humayun Kabir says, "The accusations have just begun... The police themselves are hijacking the voting process at many booths. In India's republic and under the Constitution, the police are meant to… https://t.co/bcjXGmDFtK pic.twitter.com/No1NCrFEHn
— ANI (@ANI) October 6, 2026
उन्होंने कहा कि संविधान के तहत नागरिकों की सुरक्षा और हिफाजत सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन आरोप लगाया कि वे इसके बजाय चुनावी प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं.
हुमायूं कबीर ने कहा, "वोटों पर कब्जा करने की क्या जरूरत है? सरकार तो पहले से ही बनी हुई है." बता दें कि AJUP प्रमुख ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और दावा किया कि वोटिंग शांतिपूर्ण रही थी और उस समय गड़बड़ी का कोई आरोप नहीं लगा था. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है और पुलिसकर्मी हमले कर रहे हैं तथा "ज्यादतियां" कर रहे हैं.
भारत में सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री 31.8 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 25 लाख इकाई के पार: फाडा
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्योहारी मांग और कम आधार के चलते सितंबर में घरेलू ऑटोमोबाइल रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 31.82 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 25,36,920 इकाई हो गई। यह जानकारी उद्योग संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों में दी गई।
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त की तुलना में सितंबर में रिटेल बिक्री 4.69 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि, सितंबर उद्योग के लिए अब तक का सबसे अच्छा महीना रहा।
फाडा ने कहा कि सालाना आधार पर हुई इस तेज वृद्धि को कम आधार के नजरिए से देखा जाना चाहिए, क्योंकि सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 लागू होने से पहले खरीदारी टालने के कारण बिक्री प्रभावित हुई थी।
इसके अलावा, छह में से पांच वाहन श्रेणियों में उद्योग ने अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी रिटेल बिक्री रिकॉर्ड 1,55,12,319 इकाई रही, जो सालाना आधार पर 20.77 प्रतिशत अधिक है।
श्रेणीवार देखें तो दोपहिया वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 33.08 प्रतिशत बढ़कर 17,90,188 इकाई हो गई, जबकि यात्री वाहनों की बिक्री 32.10 प्रतिशत बढ़कर 4,27,213 इकाई रही।
वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 37.62 प्रतिशत बढ़कर 1,03,557 इकाई हो गई। सितंबर में पहली बार इस सेगमेंट की बिक्री एक लाख इकाई के आंकड़े को पार कर गई।
तिपहिया वाहनों की बिक्री 22.25 प्रतिशत बढ़कर 1,32,570 इकाई रही, जबकि ट्रैक्टरों की बिक्री 13.75 प्रतिशत बढ़कर 76,906 इकाई हो गई।
निर्माण उपकरणों की बिक्री 38 प्रतिशत बढ़कर 6,486 इकाई हो गई।
फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा, सितंबर 2026 भारतीय ऑटो रिटेल के इतिहास का सबसे अच्छा सितंबर रहा।
उन्होंने कहा कि अधिक महत्वपूर्ण संकेतकों में पहली छमाही की रिकॉर्ड बिक्री, महीने-दर-महीने 4.69 प्रतिशत की वृद्धि और वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है। इसमें सितंबर की असामान्य तुलना को शामिल नहीं किया गया है।
इसके अलावा, सितंबर में यात्री वाहनों की रिटेल बिक्री में वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत रही, जो पेट्रोल वाहनों की 41.27 प्रतिशत हिस्सेदारी के लगभग बराबर है।
यात्री वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच बढ़कर 8.45 प्रतिशत हो गई।
फाडा ने कहा कि सभी श्रेणियों को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की रिटेल बिक्री लगभग 3.34 लाख इकाई के सर्वकालिक मासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इससे कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 13 प्रतिशत हो गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि 75.57 प्रतिशत डीलरों को अक्टूबर में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
वहीं, 19.46 प्रतिशत डीलरों को बाजार के स्थिर रहने की उम्मीद है, जबकि 4.98 प्रतिशत को बिक्री में गिरावट की आशंका है।
उद्योग को उम्मीद है कि ‘पितृ पक्ष’ के दौरान टली हुई मांग नवरात्रि और दशहरा के दौरान डिलीवरी में बदल जाएगी।
फाडा ने कहा कि बुकिंग का सिलसिला पहले ही मजबूत हो रहा है और 63 प्रतिशत डीलरों ने बुकिंग में बढ़ोतरी की जानकारी दी है।
अक्टूबर-दिसंबर अवधि के लिए 78.28 प्रतिशत डीलरों को बिक्री में वृद्धि की उम्मीद है, जबकि 17.65 प्रतिशत को बाजार के स्थिर रहने और लगभग 4 प्रतिशत डीलरों को बिक्री में गिरावट की आशंका है।
--आईएएनएस
एबीएस
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