आधार में पूरा नाम बदलने के लिए गजट नोटिफिकेशन जरूरी:नाम में गलती बिना डॉक्यूमेंट सही होगी, जानें जरूरी डॉक्यूमेंट्स और पूरी प्रोसेस
अगर आपके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत है, शादी के बाद सरनेम बदलना है या फिर पूरा नाम ही चेंज करना है, तो अब नियम बदल चुके हैं। आधार जारी करने वाली संस्था UIDAI ने हाल ही में नाम में सुधार और बदलाव के लिए नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, अब हर तरह के बदलाव के लिए अलग-अलग सरकारी कागज, फॉर्म या एफिडेविट देना होगा। एक ही डॉक्यूमेंट से सारे काम नहीं होंगे। फ्रॉड रोकने के लिए UIDAI जमा किए गए सभी डॉक्यूमेंट्स की बारीकी से जांच करेगा। नाम में 5 तरह के बदलावों के नियम को समझें... 1. स्पेलिंग में मामूली सुधार के लिए दस्तावेज नाम में छोटी-मोटी स्पेलिंग की गलती सुधारने, मिडल/लास्ट नेम जोड़ने या हटाने और नाम का क्रम बदलने को 'माइनर नेम चेंज' माना जाएगा (जैसे- Ram को Rama करना)। इसके लिए सिर्फ एक मान्य पहचान पत्र देना होगा। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए परिवार के मुखिया के आधार पर 'प्रूफ ऑफ रिलेशनशिप' भी मान्य रहेगा। 2. ऑपरेटर की गलती (डेटा-एंट्री एरर) सुधारना अगर आपके डॉक्यूमेंट सही थे, लेकिन ऑपरेटर की गलती से आधार में नाम गलत दर्ज हुआ है, तो इसे सुधारने के लिए एफिडेविट देना होगा। व्यस्कों के लिए Annexure B और बच्चों के लिए Annexure C फॉर्म के साथ पहचान/संबंध का प्रमाण लगेगा। ध्यान रहे, नया नाम आपके पुराने जमा डाक्यूमेंट्स से मेल खाना चाहिए, नहीं तो रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो सकती है। 3. शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलना शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने के लिए पहचान पत्र के साथ Annexure D का एफिडेविट जमा करना होगा। इसमें स्पष्ट करना होगा कि यह बदलाव सिर्फ शादी या तलाक की वजह से है। विकल्प के तौर पर रजिस्टर्ड मैरिज सर्टिफिकेट भी मान्य होगा। वहीं जेंडर चेंज के बाद नाम बदलने के लिए भी पहचान पत्र देना होगा। 4. बिना डॉक्यूमेंट भी सुधरेंगी ये गलतियां नाम में रैंडम कैपिटल लेटर्स सही करने (जैसे- 'RaMesh' को 'Ramesh' करना) या नाम से डॉट्स हटाने के लिए किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होगी। वहीं, 'उर्फ' या 'अलिआस' वाले नाम में से एक नाम चुनने के लिए एफिडेविट (एडल्ट के लिए Annexure E और बच्चों के लिए Annexure F) लगेगा। आधार में मिलिट्री रैंक या पद जोड़ने की इजाजत नहीं है। 5. पूरा नाम बदलने के लिए गजट नोटिफिकेशन जरूरी अगर आप अपना पूरा नाम बदल रहे हैं या ऐसा बदलाव कर रहे हैं, जिससे आपकी पहचान बदलती है, तो इसे 'मेजर नेम चेंज' माना जाएगा। इसके लिए केंद्र या राज्य सरकार का गजट नोटिफिकेशन और पहचान पत्र देना अनिवार्य है। UIDAI पुराने रिकॉर्ड से नए नाम की तुलना और डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद ही इसे अपडेट करेगा।
पीरियड्स बंद होने के बाद क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक, बीपी जैसी हार्ट डिजीज का खतरा? एक्सपर्ट से जानें 3 बड़े बदलाव
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