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Aligarh News: ‘तीन तलाक दिया, फिर 2 देवरों के साथ कराया हलाला’… महिला बोली- मुझे पति से बचा लो

अलीगढ़ में एक महिला को पति ने पहले तीन तलाक दिया, फिर जबरन देवरों से हलाला कराया. महिला को घर में बंधक बनाकर शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी गईं. वाट्सऐप पर भाई को सूचना देने के बाद पुलिस ने उसे बचाया.

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PM Modi और स्विस राष्ट्रपति की बैठक, भारत-Switzerland के बीच पांच अहम समझौते हुए

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन के बीच वार्ता के बाद, भारत और स्विट्जरलैंड ने सोमवार को आव्रजन और आवाजाही साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए तथा भारतीय निर्यात की स्विस बाजार में पहुंच बढ़ाने और परमाणु ऊर्जा व रक्षा क्षेत्र में सहयोग को प्रगाढ़ करने पर भी सहमति जताई। पार्मेलिन सोमवार सुबह तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचे, जो भारत की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। हालांकि, इस वर्ष वह दूसरी बार भारत आए हैं।

वह इससे पहले फरवरी में आयोजित ‘एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन’ में शामिल होने आए थे। आवाजाही और आव्रजन समझौते के अलावा, दोनों पक्षों ने चार और समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें युवा पेशेवरों के एक देश से दूसरे देश आने-जाने की योजना और परिवहन प्रौद्योगिकी, आवाजाही प्रणाली और अवसंरचना विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक बड़ा समझौता शामिल है।

बैठक में यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया के हालात पर भी खास तौर पर चर्चा हुई, जिसमें मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों पक्ष शांति की दिशा में सभी सार्थक प्रयासों का समर्थन करते हैं। अपने मीडिया वक्तव्य में मोदी ने कहा कि स्विट्जरलैंड में भारतीय निर्यात के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाने और दोनों देशों के बीच निवेश को और आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। स्विट्जरलैंड यूरोप में भारत का एक प्रमुख आर्थिक साझेदार है।

वर्तमान में इंजीनियरिंग, सेवा, रसायन और दवा जैसे क्षेत्रों में 330 से अधिक स्विस कंपनियां भारत में काम कर रही हैं, जबकि स्विट्जरलैंड में सूचना प्रौद्योगिकी, दवा और मशीनरी जैसे सेक्टरों में भारतीय कंपनियां मौजूद हैं। स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत में मुख्य जोर व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने पर था। पार्मेलिन ने उल्लेख किया कि स्विट्जरलैंड को उम्मीद है कि वह जल्द ही भारत के साथ निवेश सुरक्षा समझौता कर लेगा, ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का प्रवाह बढ़ सके।

भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के देशों-आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड-के बीच ‘व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता’ (टीईपीए) के अक्टूबर में लागू होने से दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश के रिश्तों को और बढ़ावा मिला है। मोदी ने कहा कि टीईपीए निवेश, नवाचार, रोजगार और साझा समृद्धि के लिए एक ‘‘महत्वाकांक्षी खाका’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके माध्यम से, हम अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अपने लक्ष्यों को साकार करेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने नवाचार, बुनियादी ढांचे और उन्नत प्रौद्योगिकी को भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी के मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष सहभागिता को ‘‘नयी गति’’ देने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने स्विट्जरलैंड में भारतीय निर्यात के लिए बाजार तक पहुंच का विस्तार करने और दोनों देशों के बीच निवेश को और सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे स्विट्जरलैंड को भारत के कृषि, दवा, वस्त्र और इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि होगी। साथ ही, हम जैवप्रौद्योगिकी, जीव विज्ञान, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और स्थिरता जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नए स्विस निवेश को आकर्षित करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि इन पहल के माध्यम से, हम पूरी दुनिया के लिए विश्वसनीय आपूर्ति शृंखलाओं और भरोसेमंद समाधानों का संयुक्त रूप से विकास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों ने परमाणु ऊर्जा में सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर सहमति जताने के अलावा सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में सहयोग के लिए ‘‘नयी संभावनाओं’’ की पहचान की।

उन्होंने कहा, ‘‘वाराणसी में रोपवे, नोएडा में जेवर हवाई अड्डा और पर्वतीय क्षेत्रों में रेलवे तथा सुरंग निर्माण परियोजनाएं हमारे बुनियादी ढांचे के सहयोग के शानदार उदाहरण हैं।’’ परिवहन और बुनियादी ढांचे पर सहयोग के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। मोदी ने कहा, ‘‘हम स्विस बुनियादी ढांचा कंपनियों को भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करने और क्षमता निर्माण, डिजाइन तथा विनिर्माण में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।’’ प्रधानमंत्री ने भारत-स्विट्जरलैंड विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग को संबंधों का एक मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नयी संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं जल्द शुरू की जाएंगी। मोदी ने लोगों के बीच संपर्क के महत्व पर भी प्रकाश डाला और इसे ‘‘साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत’’ बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हस्ताक्षरित प्रवासन और आवाजाही साझेदारी समझौता तथा युवा पेशेवर समझौता भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों और युवाओं के लिए स्विट्जरलैंड में नए अवसर खोलेगा।’’ मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और संवाद तथा कूटनीति में विश्वास करते हैं और दोनों पक्ष वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत ने शांति की दिशा में हर सार्थक प्रयास का समर्थन किया है। हम इस बात से भी सहमत हैं कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है।’’ प्रधानमंत्री ने बुधवार को होने वाले भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन हमारी व्यापार और निवेश साझेदारी के वादे को ठोस परिणामों में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अगले साल एआई शिखर सम्मेलन के अगले संस्करण की मेजबानी करने के लिए स्विट्जरलैंड को भी अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल फरवरी में, भारत ने दुनिया के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।

अगले साल, स्विट्जरलैंड जिनेवा एआई शिखर सम्मेलन के माध्यम से इस यात्रा को आगे बढ़ाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं जिनेवा एआई शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए स्विट्ज़रलैंड को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि हम मिलकर एआई को जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित बनाने की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।’’ स्विस राष्ट्रपति के साथ स्विटजरलैंड के प्रमुख कारोबारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।

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  Sports

'इतिहास आपको बेहतर नजरिए से देखेगा', Ajit Agarkar के इस्तीफे पर Gautam Gambhir का आलोचकों को करारा जवाब, लिखा इमोशनल पोस्ट

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चीफ सेलेक्टर के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी है। इसके साथ ही गंभीर ने अगरकर के आलोचकों पर सीधा तंज कसते हुए टीम इंडिया की हालिया सफलताओं में उनके योगदान को सराहा है। अजीत अगरकर का 3 साल से अधिक का सफल कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया, जिसके बाद BCCI ने मुख्य चयनकर्ता पद के लिए नए आवेदनों की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

X पर अपने संदेश में गंभीर ने अगरकर के आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले तीन सालों में टीम इंडिया को जो सफलता मिली, वह 'टीम को सबसे पहले रखने' के रवैये और पक्के इरादे की वजह से मिली।

अगरकर, जिनका कार्यकाल इस हफ़्ते की शुरुआत में खत्म हुआ, उन चीफ सेलेक्टर में से थे जो बड़े और कभी-कभी अलोकप्रिय फैसले लेने से नहीं हिचकिचाते थे। उनके कार्यकाल में भारत ने टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली और रोहित शर्मा से आगे बढ़कर नए खिलाड़ियों को मौका दिया, जबकि सूर्यकुमार यादव को भारत को 2026 T20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताने के कुछ हफ़्ते बाद ही T20I टीम से बाहर कर दिया गया।

गंभीर ने X पर लिखा, "प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही। वे 3 ICC ट्रॉफियां आपके पक्के इरादे का सबूत हैं: टीम सबसे पहले और टीम हमेशा आगे... मैं यह ज़रूर कहूंगा कि इतिहास आपको बेहतर नज़रिए से देखेगा। हर चीज़ के लिए धन्यवाद। आपके भविष्य के कामों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं!!"

सिलेक्शन कमेटी ने भविष्य के लिए टीम तैयार करने पर भी ज़ोर दिया, जिसमें अगरकर ने अक्सर जाने-माने नामों के बजाय युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी। हर फैसला सही नहीं रहा और उनके कुछ फैसलों की आलोचना भी हुई, लेकिन उनका मुख्य नज़रिया एक जैसा रहा: भारत पीछे मुड़कर देखने के बजाय आगे बढ़ता रहा। अगरकर के जाने के तुरंत बाद भुवनेश्वर कुमार की T20I टीम में वापसी उस सोच में एक बड़ा बदलाव था, क्योंकि यह अनुभवी खिलाड़ी लगभग चार साल बाद टीम में लौटा था। गवर्निंग बॉडी ने मंगलवार को एप्लीकेशन का नोटिस जारी किया, जो अगरकर का चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होने के ठीक 48 घंटे बाद आया। अगरकर जुलाई 2023 में सीनियर पुरुष सिलेक्शन पैनल की कमान संभालने के बाद से इसके प्रमुख थे, लेकिन खबरों से पता चला था कि वह अपना कार्यकाल आगे बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं रखते थे।

अगरकर के कार्यकाल के दौरान ही गंभीर भारतीय टीम के कोच बने और दोनों ने मिलकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए काम किया।

चीफ सिलेक्टर के तौर पर अगरकर का कार्यकाल
अगरकर ने 4 जुलाई, 2023 को भारत के सीनियर पुरुष सिलेक्शन पैनल की कमान संभाली और चेयरमैन के तौर पर तीन साल से कुछ ज़्यादा समय तक काम किया, उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में खत्म हुआ। उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौर में से एक रहा, जिसमें टीम ने तीन ICC ट्रॉफियां जीतीं: 2024 T20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 T20 वर्ल्ड कप। उनके कार्यकाल के दौरान भारत 2023 ODI वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंचा।

अगरकर के कार्यकाल के दौरान सिलेक्शन कमेटी मीडिया के लिए ज़्यादा सुलभ रही; भारत के पूर्व ऑलराउंडर सिलेक्शन मीटिंग के बाद नियमित रूप से प्रेस से बात करते थे और बड़े फैसलों के पीछे की सोच बताते थे। अगरकर ने खुद इस काम की प्रकृति को समझा और कहा कि हर किसी को खुश करना नामुमकिन है और भारतीय क्रिकेट में लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए सिलेक्टर्स को आलोचना का सामना करना ही पड़ेगा।

हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से अछूता नहीं रहा। सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक थी रोहित शर्मा और विराट कोहली के ODI भविष्य को लेकर अनिश्चितता, क्योंकि भारत 2027 वर्ल्ड कप की ओर देख रहा था। अक्टूबर 2025 में, अगरकर ने सार्वजनिक रूप से इन दोनों दिग्गजों के बने रहने का समर्थन किया और कहा कि उनके शानदार ODI रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें "ट्रायल" पर नहीं रखा जाएगा। 2026 में अनिश्चितता का माहौल फिर से बन गया, खासकर रोहित के भविष्य को लेकर, क्योंकि अगरकर और BCCI के बीच इस बात पर मतभेद की खबरें थीं कि इस अनुभवी खिलाड़ी के वनडे करियर को कैसे संभाला जाए। आगे चलकर यह मुद्दा अगरकर का कार्यकाल खत्म होने की वजहों में से एक बना।

ऐसे मौके भी आए जब चयनकर्ताओं के फैसलों की प्रशंसकों और क्रिकेट जगत के कुछ हिस्सों ने आलोचना की, खासकर तब जब जाने-माने खिलाड़ियों को धीरे-धीरे टीम से बाहर किया गया।

Wed, 07 Oct 2026 14:14:00 +0530

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