कंटेंट क्रिएटर्स के लिए शानदार रहा बजट, मिलेंगे ज्यादा मौके
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट 2026 कंटेंट क्रिएशन से जुड़े लोगों के लिए शानदार रहा है। इसमें कई ऐसे ऐलान किए गए हैं, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स को प्राथमिकता मिलेगी और वे मुख्यधारा में आ पाएंगे।
बजट 2026 में सबसे बड़ा ऐलान 15,000 सेकेंडरी स्कूल और 500 कॉलेज में एवीजीसी (एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर्स लैब्स की स्थापना करना है। इसे छात्रों में डिजिटल कहानी कहने, विजुअल डिजाइन और कंटेंटे क्रिएशन स्किल को बढ़ावा देने का अब तक का सबसे बड़ा औपचारिक ऐलान माना जा रहा है।
एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर्स लैब्स से छात्र स्कूल और कॉलेज के दौरान ही कंटेंट क्रिएट करने के लिए जरूरी स्किल जैसे एडिटिंग और थंबनेल बनाना आदि सीख पाएंगे।
बजट 2026 में ट्रैवल, कल्चर, इतिहास और शिक्षा में काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्कीम लॉन्च की गई।
इसका उद्देश्य भारत के कल्चर, इतिहास और ऐतिहासिक स्थलों को डिजिटल रूप से संजोना है। इससे रील, शॉर्ट-फॉर्म वीडियो और डॉक्यूमेंट्री की मांग बढ़ेगी।
बजट में पूर्वी भारत में एक नया नेशनल डिजाइन इंस्टीट्यूशन स्थापित करने के प्रस्ताव दिया गया है। इससे अधिक प्रशिक्षित डिजाइनर, यूआई/यूएक्स विशेषज्ञ और ब्रांड रणनीतिकार बाजार में प्रवेश करेंगे।
आईआईएम के साथ एक सुनियोजित कार्यक्रम के माध्यम से 10,000 पर्यटक गाइडों के कौशल विकास से क्रिएटर्स और गाइडों के बीच साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, लोथल, धोलावीरा, सारनाथ और लेह पैलेस सहित 15 पुरातात्विक स्थलों पर गहन कहानी कहने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे रिसर्च आधारित या विजुअल-फर्स्ट कंटेंट में विशेषज्ञता रखने वाले क्रिएटर्स के लिए अवसर बढ़ेंगे।
इसके अलावा, बजट में 1,476.83 करोड़ रुपए इन्फॉर्मेशन और पब्लिसिटी और 2,750.19 करोड़ रुपए ब्रॉडकास्टिंग के लिए आवंटित किए गए हैं। आम तौर पर देखा जाता है कि इस राशि का एक हिस्सा कंटेंटे क्रिएशन इंडस्ट्री में भी आता है, जिससे देश के कंटेंट क्रिएटर्स को मजबूती मिलेगी।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बजट से आयुष हेल्थकेयर को मिलेगी नई ताकत, भारत बनेगा समग्र चिकित्सा का वैश्विक केंद्र: आयुष मंत्री
नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट में की गई घोषणाएं स्वास्थ्य नीति को ग्रामीण आजीविका, निर्यात वृद्धि, युवाओं के रोजगार और उद्यमिता से जोड़ती हैं। इससे भारत को वैज्ञानिक आधार पर बनी समग्र हेल्थकेयर का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। यह बात केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सोमवार को कही।
मंत्री ने कहा कि बजट में आयुष (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) से जुड़े सिस्टम को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। ये कदम एक समग्र, सबको शामिल करने वाली और दुनिया में प्रतिस्पर्धी हेल्थकेयर व्यवस्था बनाने की सरकार की मजबूत सोच को दिखाते हैं, जिसमें आयुष की बड़ी भूमिका होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में आयुष से जुड़ी शिक्षा, रिसर्च, गुणवत्ता जांच, वैश्विक नेतृत्व, मेडिकल टूरिज्म और कुशल कर्मचारियों के विकास के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं।
प्रतापराव जाधव के अनुसार, ये सभी कदम पारंपरिक चिकित्सा को बीमारी से बचाव, आर्थिक विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बनाने में मदद करेंगे।
बजट में तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) खोलने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन स्तर की पढ़ाई, उन्नत रिसर्च और बेहतर इलाज की सुविधाएं बढ़ेंगी।
इन संस्थानों से देशभर में पढ़ाई का स्तर ऊंचा होगा और वैज्ञानिक आधार पर समग्र इलाज (इंटीग्रेटेड केयर) को मजबूती मिलेगी।
बजट में आयुष फार्मेसियों और दवाओं की जांच करने वाली लैब्स को अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी है, ताकि वे बेहतर सर्टिफिकेशन मानकों पर खरी उतर सकें।
मंत्री के अनुसार, इस कदम से आयुष उत्पादों की गुणवत्ता सुधरेगी, लोगों का भरोसा बढ़ेगा और निर्यात में मदद मिलेगी। साथ ही औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और दवा बनाने वाली एमएसएमई कंपनियों को भी फायदा होगा।
जामनगर में स्थित डब्ल्यूएचओ के ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि रिसर्च, अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग और नीति से जुड़ी बातचीत को बढ़ावा मिल सके और भारत पारंपरिक चिकित्सा का वैश्विक ज्ञान केंद्र बन सके।
इसके अलावा, आयुष केंद्रों को पांच प्रस्तावित रीजनल मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब्स का हिस्सा बनाया जाएगा, जहां आधुनिक इलाज के साथ पारंपरिक थेरेपी, वेलनेस सेवाएं और रिहैबिलिटेशन की सुविधाएं एक साथ मिलेंगी।
इसके साथ ही, एनएसक्यूएफ से जुड़े केयरगिवर ट्रेनिंग प्रोग्राम में योग और वेलनेस स्किल्स को शामिल किया गया है। अगले साल 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है, जिससे बुजुर्गों की देखभाल और बीमारी से बचाव वाली सेवाएं मजबूत हो सकेंगी।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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