UP News: राज्य के छोटे व्यापारियों को ODOC से मिलेगी नई पहचान, CM योगी ने दिए अधिकारियों को खास निर्देश
UP News: यूपी की योगी सरकार राज्य के हर वर्ग के विकास के लिए काम कर रही है. अब सीएम योगी एक जिला-एक व्यंजन (ODOC) के माध्यम से राज्य के छोटे व्यापारियों को भी नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है. सीएम योगी ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) की सफलता के बाद अब यूपी सरकार एक जिला-एक व्यंजन के माध्यम से छोटे व्यापारियों, पारंपरिक पाक कला से जुड़े कारीगरों और गिग वर्कर्स को नई पहचान देने की कोशिश कर रही है.
सरकार ने बैंकों से आह्वान किया कि जैसे ओडीओपी को वित्तीय सहयोग मिला, उसी तरह से ओडीओसी को भी प्राथमिकता देते हुए लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाए. सराकर ने सभी बैंक को किसान, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम (MSME), स्टार्टअप, महिला स्वयं सहायता समूहों और नवउद्यमी युवाओं को ऋण उपलब्धता कराने की बात कही है.
सीएम योगी ने उनके सीडी रेशियो के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की कोशिश की है. चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश में कुल क्रेडिट डिपॉजिट (सीडी रेशियो) 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही सरकार प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में पूरा सहयोग देने की कोशिश कर रही है. सीएम योगी के इस मिशन को गति देने में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.
यूपी के सीडी रेशियो में हुई बढ़ोतरी
सीएम योगी ने बैठक के दौरान बताया कि दिसंबर 2025 तक यूपी का कुल सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक है. वहीं जनपद-वार समीक्षा के मुताबिक, 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जनपदों की संख्या घटकर सिर्फ पांच रह गई है. जबकि 40-50, 50-60 और 60-80 प्रतिशत की श्रेणी वाले जिलों की संक्या भी लगातार सुधर रही है. बता दें कि मार्च 2018 में 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले 20 जिले थे, जो अब घटकर 5 हो गए हैं. सीएम ने निर्देश दिया कि मार्च 2026 तक सभी जिलों के सीडी रेशियो में लक्षित सुधार सुनिश्चित करना चाहिए.
आम आदमी को मिल रही सुविधाएं
सीएम योगी ने बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि, इन योजनाओं की सफलता के केंद्र में बैंकों की सहयोगी भावना है. उन्होंने कहा कि अनावश्यक दस्तावेजों की मांग, बार-बार वेरिफिकेशन और प्रक्रिया में देरी जैसी परेशानियों का लाभार्थियों को सामना करना पड़ता था. सीएम ने निर्देश दिया कि बैंकिंग प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे आम लोगों को वास्तविक सहूलियत मिले और पात्र लाभार्थी बिना किसी परेशानी के योजनाओं का लाभ मिले.
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हिंगोली के बाभुळगांव स्थित येडोबा नागनाथ मंदिर का अद्भुत रहस्य, अंगारों पर चलने के बाद भी भक्तों के नहीं जलते पैर!
Yedoba Nag Nath Mandir: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के बाभुळगांव गांव में स्थित येडोबा नागनाथ मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है. यह मंदिर अपने एक अद्भुत और रहस्यमयी धार्मिक अनुष्ठान के कारण भी जाना जाता है. यहां हर साल खास पर्वों पर ऐसा दृश्य देखने को मिलता है, जिसे देखकर श्रद्धालु ही नहीं बल्कि सामान्य लोग भी हैरान हो जाते हैं. दरअसल, इस मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्त जलते हुए अंगारों के ढेर पर नंगे पांव चलते हैं. मान्यता है कि इसके बावजूद उनके पैर नहीं जलते है.
सालों पुरानी है परंपरा
इस मंदिर की यह परंपरा वर्षों पुरानी बताई जाती है और स्थानीय लोगों के अनुसार यह येडोबा नागनाथ की कृपा का प्रमाण है. येडोबा नागनाथ को भगवान शिव के लोकदेवता स्वरूप माने जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि भक्तों का विश्वास है कि जो भी श्रद्धा, विश्वास और शुद्ध मन से अंगारों पर चलता है, उसकी भगवान स्वयं रक्षा करते हैं.
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कहां है यह मंदिर?
यह मंदिर महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के औंधा नागनाथ में स्थित है. यह भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. इस मंदिर में शिव जी के नागनाथ और नागेश्वरी रूप की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस मंदिर के दर्शन करने से कालसर्प दोष उतरता है.
किसने बनवाया मंदिर?
लोक मान्यताओं और इतिहासकारों की मानें तो इस मंदिर को पांडवों ने बनवाया था. युद्धिष्ठिर ने वनवास के दौरान यहां मंदिर स्थापित किया था. मुगलकाल में भी इस मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया था. हालांकि, इसके बाद अहिल्यादेवी ने मंदिर को मराठा संस्कृति में दोबारा निर्मित करवाया.
महाशिवरात्रि और सावन में लगती है भीड़
धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर में जलते हुए कोयले बिछाए जाते हैं. इसके बाद 'येडोबा महाराज की जय' के जयघोष के साथ भक्त एक-एक कर अंगारों पर चलते हैं. मगर भक्तों के पैर नहीं जलते हैं. हालांकि, इसको लेकर कोई मान्यता नहीं है लेकिन भक्तों के विश्वास को लेकर इसे किया जाता है. इस मंदिर में महाशिवरात्रि और सावन के महीने में भक्तों का आना-जाना ज्यादा होता है.
अद्भुत रहस्य है इस मंदिर का
इस मंदिर का सबसे बड़ा अद्भुत रहस्य और आकर्षण जलते अंगारों पर नंगे पैर चलने की परंपरा है. यहां लहाडी पौर्णिमा पर हर साल बड़ी यात्रा होती है. इस दौरान भक्त धधकते अंगारों पर चलते हैं, लेकिन उनके पैरों में न तो जलन होती है और न ही छाले नहीं पड़ते हैं. यह चमत्कार भक्तों की अटूट श्रद्धा, येडोबा महाराज की कृपा और दिव्य शक्ति से जुड़ा माना जाता है.
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