हिंगोली के बाभुळगांव स्थित येडोबा नागनाथ मंदिर का अद्भुत रहस्य, अंगारों पर चलने के बाद भी भक्तों के नहीं जलते पैर!
Yedoba Nag Nath Mandir: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के बाभुळगांव गांव में स्थित येडोबा नागनाथ मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है. यह मंदिर अपने एक अद्भुत और रहस्यमयी धार्मिक अनुष्ठान के कारण भी जाना जाता है. यहां हर साल खास पर्वों पर ऐसा दृश्य देखने को मिलता है, जिसे देखकर श्रद्धालु ही नहीं बल्कि सामान्य लोग भी हैरान हो जाते हैं. दरअसल, इस मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्त जलते हुए अंगारों के ढेर पर नंगे पांव चलते हैं. मान्यता है कि इसके बावजूद उनके पैर नहीं जलते है.
सालों पुरानी है परंपरा
इस मंदिर की यह परंपरा वर्षों पुरानी बताई जाती है और स्थानीय लोगों के अनुसार यह येडोबा नागनाथ की कृपा का प्रमाण है. येडोबा नागनाथ को भगवान शिव के लोकदेवता स्वरूप माने जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि भक्तों का विश्वास है कि जो भी श्रद्धा, विश्वास और शुद्ध मन से अंगारों पर चलता है, उसकी भगवान स्वयं रक्षा करते हैं.
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कहां है यह मंदिर?
यह मंदिर महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के औंधा नागनाथ में स्थित है. यह भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. इस मंदिर में शिव जी के नागनाथ और नागेश्वरी रूप की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस मंदिर के दर्शन करने से कालसर्प दोष उतरता है.
किसने बनवाया मंदिर?
लोक मान्यताओं और इतिहासकारों की मानें तो इस मंदिर को पांडवों ने बनवाया था. युद्धिष्ठिर ने वनवास के दौरान यहां मंदिर स्थापित किया था. मुगलकाल में भी इस मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया था. हालांकि, इसके बाद अहिल्यादेवी ने मंदिर को मराठा संस्कृति में दोबारा निर्मित करवाया.
महाशिवरात्रि और सावन में लगती है भीड़
धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर में जलते हुए कोयले बिछाए जाते हैं. इसके बाद 'येडोबा महाराज की जय' के जयघोष के साथ भक्त एक-एक कर अंगारों पर चलते हैं. मगर भक्तों के पैर नहीं जलते हैं. हालांकि, इसको लेकर कोई मान्यता नहीं है लेकिन भक्तों के विश्वास को लेकर इसे किया जाता है. इस मंदिर में महाशिवरात्रि और सावन के महीने में भक्तों का आना-जाना ज्यादा होता है.
अद्भुत रहस्य है इस मंदिर का
इस मंदिर का सबसे बड़ा अद्भुत रहस्य और आकर्षण जलते अंगारों पर नंगे पैर चलने की परंपरा है. यहां लहाडी पौर्णिमा पर हर साल बड़ी यात्रा होती है. इस दौरान भक्त धधकते अंगारों पर चलते हैं, लेकिन उनके पैरों में न तो जलन होती है और न ही छाले नहीं पड़ते हैं. यह चमत्कार भक्तों की अटूट श्रद्धा, येडोबा महाराज की कृपा और दिव्य शक्ति से जुड़ा माना जाता है.
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भारत की आबादी उसकी अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है : अर्जेंटीना के राजदूत
नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो अगस्टिन कॉसिनो ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ खास बातचीत में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत उसकी आबादी है।
भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो अगस्टिन कॉसिनो ने भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत को लेकर कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत लोगों की बहुत बड़ी संख्या है। आप आबादी के मामले में दुनिया के सबसे बड़ा देश हैं, लेकिन मुझे लगता है कि लोगों में टैलेंट और क्रिएटिव होने की संभावना भी है। एक बार जब सरकार ने पाबंदियां, सीमाएं और रेगुलेशन हटा दिए, तो भारतीय लोग बहुत कुछ करने में सक्षम हैं। इसीलिए पिछले दस सालों में या पिछले पंद्रह सालों में, आप इतना आगे बढ़े हैं। तो मुझे लगता है कि ताकत आपमें ही है।
भारत के लिए पीएम मोदी के दृष्टिकोण को लेकर अर्जेंटीना के राजदूत ने कहा, हम विदेश नीतियों और अर्जेंटीना के साथ संबंध पर फोकस कर रहे हैं। लेकिन यह साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी को बहुत बड़ी सफलता मिली है क्योंकि देश पिछले दस सालों में छह, सात, आठ फीसदी की दर से बढ़ रहा है। यह एक सफलता है। इसलिए मुझे लगता है कि आर्थिक नीति एक उदाहरण है, और विनियमन में ढील एक उदाहरण है। जब वे अर्जेंटीना गए थे तो मुझे हमारे राष्ट्रपति माइली के साथ मीटिंग में रहने का मौका मिला था और उन्होंने खास तौर पर विनियमन में ढील के बारे में, रेगुलेशन हटाने और लोगों को सरकार से कम से कम रेगुलेशन के साथ खुद से आगे बढ़ने और तरक्की करने का मौका देने के बारे में बात की थी।
अर्जेंटीना के राजदूत से जब पूछा गया कि भारत को और ज्यादा विदेशी निवेश लाने के लिए भविष्य में कौन से सुधार करने चाहिए, तो उन्होंने कहा कि मैं यह कहने वाला कोई नहीं हूं कि भारत को क्या करना चाहिए। यह एक घरेलू नीति है, लेकिन यह सच है कि जब देश अपनी अर्थव्यवस्था खोलते हैं, जब वे विनियमन में ढील देते हैं, जब वे बाहर से ज्यादा प्रोडक्ट ला पाते हैं, तो यह भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अच्छा है। यह घरेलू खपत के लिए अच्छा है।
मारियानो अगस्टिन कॉसिनो ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि आप इसमें अच्छा काम कर रहे हैं, और हमें उम्मीद है कि हम, उदाहरण के लिए, भारत की खाद्य सुरक्षा या भारत की ऊर्जा सुरक्षा में और भी ज्यादा योगदान दे सकते हैं। और मुझे लगता है कि इस मायने में अर्जेंटीना, एक देश जिसकी भारत के साथ बहुत कॉम्प्लिमेंट्री इकॉनमी है, इस रणनीतिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ सकता है, जिसे हम पिछले कुछ सालों से विकसित कर रहे हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस
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