कितनी मात्रा में लिया गया भोजन बन जाता है औषधि, आयुर्वेद से जानें सही नियम
नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भोजन शरीर के लिए ऑक्सीजन की तरह ही जरूरी है क्योंकि भोजन की मात्रा सिर्फ पेट नहीं भरती, बल्कि शरीर को ऊर्जा और वृद्धि प्रदान करती है।
आयुर्वेद में भी भोजन केवल शरीर की आवश्यकता नहीं माना गया है, बल्कि इसे जीवन को संचालित करने वाला एक अनुशासन कहा गया है क्योंकि भोजन की मात्रा जितनी संतुलित होती है, अग्नि उतनी ही स्थिर रहती है। हालांकि हमें पता ही नहीं है कि कितना भोजन खाना है।
भोजन को हम शरीर की ऊर्जा के लिए नहीं बल्कि पेट भरने के लिए खाते हैं और ज्यादातर समय तय सीमा से ज्यादा खाकर शरीर को बोझिल बना देते हैं, जिससे आलस, नींद आना, भारीपन, गैस और कब्ज की परेशानी होने लगती है। आयुर्वेद का मानना है कि आमाशय को पूरी तरह भर देना स्वास्थ्य का मार्ग नहीं है। इसके लिए आधा भाग ठोस भोजन के लिए, चौथाई भाग पेय के लिए और चौथाई भाग रिक्त स्थान के लिए रखा जाना चाहिए। इसे भी भोजन की सर्वोत्तम मात्रा माना गया है।
आधा भाग ठोस में अनाज, सब्जी और चावल हो सकते हैं, चौथाई भाग पेय में छाछ या गुनगुने पानी को शामिल किया जाता है, जबकि चौथाई भाग रिक्त स्थान को पेट में अग्नि और वायु की गति के संचालन का भाग माना जाता है, जो खाने को सही तरीके से पचाने में मदद करती है। अगर खाना खाने के बाद आलस, नींद आना, भारीपन, गैस और कब्ज की परेशानी होती है तो समझ लीजिए कि तय सीमा से ज्यादा खा लिया है, लेकिन अगर भोजन के बाद शरीर स्थिर बना रहे, मन शांत रहे और खुद 4 घंटे बाद भूख लगने लगे तो ये प्राकृतिक है।
भूख लगने पर सीमित मात्रा में खाया गया खाना दवा की तरह काम करता है और सभी अंगों तक पोषक तत्वों को पहुंचाता है। आयुर्वेद में खाने को शरीर के विज्ञान को समझकर खाने के बारे में बताया गया है। कितनी मात्रा में खाना है या कब खाना है जैसे सवालों का जवाब आसानी से मिल जाता है। आयुर्वेद में हमेशा रात के समय हल्का खाना खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि रात के समय शरीर खुद अपनी कोशिकाओं की मरम्मत करने का काम करता है।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
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'मेरा एडमिशन करवा दो', जनता दर्शन में CM योगी से बोली मासूम, मुख्यमत्री ने पूरी की मुस्लिम बच्ची की मुराद
CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ और अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में अक्सर जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके तत्काल समाधान के भी आदेश देते हैं. ऐसा ही एक नजारा सोमवार (2 फरवरी) को लखनऊ में देखने को मिला. जब सीएम योगी जनता दर्शन के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे. इस दौरान एक मामूस बच्ची भी अपनी मां के साथ जनता दर्शन में पहुंची थी. बच्ची ने सीएम योगी को अपनी समस्या बताई, जिसका सीएम योगी ने तुरंत समाधान भी कर दिया.
बच्ची ने की सीएम योगी ने एडमिशन की मांग
दरअसल, सीएम योगी सोमवार को लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान लोगों की शिकायतें सुन रहे थे. जिसमें एक मासूम बच्ची भी अपनी मां के साथ अपनी समस्या लेकर पहुंची थी. सीएम योगी ने बच्ची से पूछा क्या नाम है? तो बच्ची कहा कि अनाबी अली. उसके बाद सीएम योगी ने बच्ची से पूछा क्या है बताओ, तो बच्ची ने कहा मेरा एडमिशन करा दीजिए.
#WATCH | Lucknow | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath's heartwarming interaction with a child seeking school admission during 'Janta Darshan'.
— ANI (@ANI) February 2, 2026
After the interaction, the CM ordered his officials to ensure the child gets school admission. pic.twitter.com/G4mfDvisne
इस पर सीएम योगी ने कहा कि कहां? तो बच्ची ने कहा कि स्कूल में. इस पर सीएम योगी ने कहा इस ठंड में स्कूल जाओगी? सीएम योगी ने पूछा कि किस क्लास में एडमिशन चाहिए. बच्ची ने कहा कि नर्सरी में... सीएम ने बच्ची से कहा कि रोज जाओगी न स्कूल, मेहनत से पढ़ोगी न? इस पर बच्ची ने सीएम के सवाल पर हां में सिर हिलाकर जवाब दिया.
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बच्ची ने सीएम योगी को सुनाई कविता
इस दौरान सीएम योगी ने बच्ची से पूछा कि स्कूल में क्या पढ़ती हो, इस पर बच्ची ने 'शेर बच्चे, शेर बच्चे' कविता सुनाई. बच्ची की कविता सुनकर सीएम योगी खुश हो गए. उसके बाद उन्होंने पास में खड़े अधिकारी से कहा कि बच्ची की एडमिशन कराओ. इसके बाद सीएम योगी ने बच्ची को चॉकलेट भी दी.
कहां के रहने वाली है सीएम से फरियाद करने वाली बच्ची?
बता दें कि जनता दर्शन कार्यक्रम में अपनी मां के साथ पहुंची बच्ची अनाबी अली लखनऊ की रहने वाली है. बच्ची ने बताया कि उसे स्कूल में एडमिशन लेना है इसलिए वह जनता दर्शन में सीएम के पास गई थी और उनसे एडमिशन कराने का आग्रह किया.
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