एस जयशंकर का तीन दिवसीय अमेरिका दौरा, महत्वपूर्ण खनिज को लेकर मंत्रियों की बैठक में लेंगे हिस्सा
नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री (ईएएम) डॉ. एस. जयशंकर सोमवार को अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर जाएंगे। ईएएम अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
एमईए ने कहा, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। वे अमेरिका में आयोजित हो रही क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे। यह मीटिंग अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई है। यह मीटिंग सप्लाई चेन रेजिलिएंस, क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और क्रिटिकल मिनरल्स में स्ट्रेटेजिक कोऑपरेशन पर फोकस करेगी। इस दौरे में एस जयशंकर अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ भी मीटिंग करेंगे।
पिछले हफ्ते ईएएम जयशंकर ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मुलाकात की थी और दोनों देशों के संबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा की। गोर का स्वागत करते हुए डॉ. जयशंकर ने भरोसा जताया कि वह भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत में हमारी पार्टनरशिप के कई पहलुओं पर बात हुई। उनका स्वागत किया और भरोसा जताया कि वह भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगे।
जयशंकर ने 25 जनवरी को नई दिल्ली में सर्जियो गोर के साथ माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस वाले अमेरिकी कांग्रेसनल डेलीगेशन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हो रहे विकास और यूक्रेन विवाद पर चर्चा की।
इससे पहले उन्होंने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से 13 जनवरी को टेलीफोनिक बातचीत भी की थी। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, ट्रेड बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित सहयोग के मुख्य क्षेत्रों की समीक्षा की। इसके बाद एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, ट्रेड, जरूरी मिनरल्स, न्यूक्लियर कोऑपरेशन, डिफेंस और एनर्जी पर चर्चा हुई। इन और दूसरे मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमत हुए।
फोन पर रुबियो ने भारत को ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल के लिए सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी बिल (परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन एवं विकास बिल/ शांति) लागू करने पर बधाई दी। अमेरिकी राज्य विभाग के प्रिंसिपल उपप्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि यह एक हालिया कानून है, जो भारत के न्यूक्लियर एनर्जी फ्रेमवर्क का हिस्सा है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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सिर्फ क्रैम्प्स ही नहीं पीरियड्स में होते हैं कई तरह के पेन, डॉक्टर से जानिए इसके अलग-अलग टाइप
Periods Pain: पीरियड्स में हर महीने महिला के शरीर से खून की अंदरूनी परत वैजाइना के जरिए बाहर निकलती है. इस दौरान महिलाओं को कमर, पैरों में क्रैम्पस और तेज दर्द होता है. दर्द की वजह से कई बार महिलाओं के लिए अपने रोजमर्रा के काम करने भी मुश्किल हो जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीरियड्स दर्द के अलग-अलग टाइप होते हैं. चलिए डॉ. शर्मिष्ठा से विस्तार से जानते हैं इसके बारे में.
डॉक्टर से जानें पीरियड्स के अलग-अलग टाइप
डॉ. शर्मिष्ठा के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कई तरह के दर्द और असुविधा महसूस होती हैं. इनमें से कुछ दर्द सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ परेशानियों पर ध्यान देना जरूरी है.
क्रैम्प्स (Cramp)
डॉ. शर्मिष्ठा का कहना है कि पेट के निचले हिस्से में ऐंठन होना सबसे आम समस्या है. यह मासिक धर्म के शुरू होने से पहले या दौरान हो सकती है.
पाचन संबंधी दर्द (Digestive Pain)
इसके अलावा पीरियड्स के दौरान पेट में गैस, दस्त या कब्ज की शिकायत भी हो सकती है. हार्मोनल बदलाव इसका मुख्य कारण हैं.
लगातार फुलाव और सूजन (Consistent Bloating Pain)
डॉ. शर्मिष्ठा बताती है कि पीरियड्स में पेट फूला हुआ महसूस होना या सूजन की समस्या महिलाओं में आम है. यह हार्मोन प्रोजेस्टेरोन के बदलाव के कारण होता है.
स्तनों में दर्द (Breast Pain)
पीरियड्स से पहले और दौरान स्तनों में दर्द या संवेदनशीलता आम है. इसे टेंशन या हार्मोनल बदलाव से जोड़ा जाता है.
मासिक धर्म से जुड़ा माइग्रेन (Menstrual Migraine)
कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान सिर दर्द या माइग्रेन की समस्या होती है. यह हार्मोनल असंतुलन के कारण हो सकता है.
टांगों और जांघों में दर्द (Radiating Pain in Legs and Thighs)
कभी-कभी पेट के दर्द के साथ ही पैरों और जांघों में भी दर्द महसूस होता है. इसे रेफरिंग पेन कहा जाता है.
पीरियड्स के दौरान मल त्याग में बदलाव (Period Poop)
पीरियड्स में पाचन तंत्र पर असर के कारण महिलाओं को दस्त या कब्ज जैसी समस्या भी हो सकती है.
योनि में दर्द (Vaginal Pain)
पीरियड्स के दौरान योनि में जलन, दर्द या असुविधा महसूस होना आम है.
ओव्यूलेशन के दौरान दर्द (Ovulation Pain)
कुछ महिलाओं को अंडोत्सर्जन के समय पेट में ऐंठन या हल्का दर्द महसूस होता है.
राहत पाने के आसान उपाय
गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें.
हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करें.
संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना जरूरी लें.
दर्द ज्यादा हो या लगातार बने रहे, तो डॉक्टर से संपर्क करें.
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