जब मायके आती हैं मां दुर्गा: बंगाल की दुर्गापूजा में क्यों मछली और मटन का भोग बन जाता है असीम स्नेह का प्रतीक?
Durga Puja Non Veg Tradition Reasons : बंगाल की दुर्गा पूजा में मछली-मीट का सेवन केवल खान-पान का शौक नहीं, बल्कि वहाँ की गहरी लोक-आस्था और भावनाओं से जुड़ा एक अनूठा 'इमोशन' है. इस समाज में मां दुर्गा को सिर्फ देवी नहीं, बल्कि ‘घर की बेटी’ माना जाता है, जो साल में एक बार मायके आती हैं. जिस प्रकार बेटी के स्वागत में शानदार दावतें सजाई जाती हैं, उसी तरह मां को भी मछली और मटन के लजीज व्यंजनों का भोग लगाया जाता है. इसके अलावा, प्राचीन शाक्त परंपरा और बंगाल की नदी-तटीय भौगोलिक स्थिति (जहाँ मछली शुभता का प्रतीक है) इस परंपरा को और मजबूत बनाती है. यह खान-पान आस्था और आत्मीयता का अनूठा संगम है.
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