Spain Prime Minister Pedro Sanchez ने 29 नवंबर को मध्यावधि चुनाव कराने का किया ऐलान
मैड्रिड, पांच अक्टूबर (एपी) स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने सोमवार को समय से पहले आम चुनाव कराने की घोषणा की। उनकी सरकार को पिछले सप्ताह देश के आवास संकट से जुड़े आपात उपायों पर संसद में हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव 29 नवंबर को होगा।
पिछले कुछ सप्ताह में स्पेन के विभिन्न शहरों में लोगों ने किफायती आवास उपलब्ध कराने को लेकर सरकार से समाधान की मांग करते हुए प्रदर्शन किए हैं। पिछले महीने मैड्रिड में 87 वर्षीय एक महिला को घर से निकाले जाने की घटना का टेलीविजन पर प्रसारण होने के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया था। दक्षिणपंथी विपक्षी दलों ने संसद में दो आपातकालीन अध्यादेशों को रोकने के लिए एकजुट होकर मतदान किया।
इनमें बेदखली की घटनाओं और रियल एस्टेट में सट्टेबाजी को कम करने के उपाय शामिल थे। इस झटके के बाद व्यापक अटकलें लगने लगी थीं कि सांचेज अगले साल होने वाले राष्ट्रीय चुनाव को समय से पहले कराने पर विचार कर सकते हैं। टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में सांचेज ने कहा कि संसद में व्यापक प्रगतिशील गठबंधन से स्पेनवासी देश के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों से निपट सकेंगे।
सांचेज (54) ने कहा, ‘‘इसलिए अब समय आ गया है कि स्पेन की जनता तय करे कि वह अपने और अपने देश के लिए किस तरह का भविष्य चाहती है।’’ सांचेज 2018 से स्पेन के प्रधानमंत्री हैं और यूरोप में लंबे समय से पद पर बने नेताओं में शामिल हैं। वह प्रवासन के समर्थन, फलस्तीनियों के पक्ष में अपने कूटनीतिक प्रयासों और ईरान के खिलाफ अमेरिकी एवं इजराइली युद्ध की आलोचना के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रगतिशील विचारधारा वाले प्रमुख शासनाध्यक्षों में गिने जाते हैं। हाल के वर्षों में स्पेन की अर्थव्यवस्था भी विकसित देशों में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में रही है।
हालांकि, सांचेज की सरकार उनकी सोशलिस्ट पार्टी तथा उनकी पत्नी और भाई से जुड़े कई कानूनी मामलों के कारण दबाव में रही है। उनकी पत्नी और भाई दोनों ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। इस गर्मी में मोरक्को के हजारों लोगों के स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में प्रवेश करने के मामले को लेकर भी सांचेज सरकार को जवाब देना पड़ा है।
शुरुआती संकट के दो महीने बाद भी वहां मानवीय संकट बना हुआ है। सांचेज ने 2023 से वामपंथी सहयोगी दल सुमार के साथ अल्पमत गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया है। हालांकि, सरकार चलाने के लिए कई छोटे दलों पर उनकी निर्भरता ने उनकी विधायी क्षमता को सीमित किया है।
अपने राजनीतिक करियर के दौरान सांचेज ने ऐसे नेता की छवि बनाई है जो मुश्किल परिस्थितियों से निकलने और मुश्किल चुनावों में भी जीत हासिल करने में सक्षम हैं। संसद को औपचारिक रूप से भंग करने के फैसले को मंत्रिमंडल की मंजूरी आवश्यक होगी। सांचेज ने इस उद्देश्य से सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है।
Nobel Prize 2026: मेडिसिन क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा, किन्हें मिला अवॉर्ड?
कार्ल डाइसेरोथ (Karl Deisseroth), पीटर हेगेमैन (Peter Hegemann) और जॉर्ज नागेल (Georg Nagel) को संयुक्त रूप से फिजियोलॉजी या मेडिसिन (चिकित्सा) के क्षेत्र में वर्ष 2026 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली ने सोमवार, 5 अक्टूबर को इसकी घोषणा की। इन तीनों वैज्ञानिकों को यह प्रतिष्ठित सम्मान 'लाइट-गेटेड आयन चैनल्स' (प्रकाश-संवेदनशील आयन चैनल) और 'ऑप्टोजेनेटिक्स' (Optogenetics) से जुड़ी उनकी महत्वपूर्ण खोजों के लिए दिया गया है। वैज्ञानिकों के इस शोध ने ऑप्टोजेनेटिक्स तकनीक की नींव रखी। यह एक ऐसी क्रांतिकारी विधि है जिसमें प्रकाश (लाइट) के जरिए तंत्रिका कोशिकाओं (nerve cells) को नियंत्रित किया जाता है। इस तकनीक की मदद से वैज्ञानिकों के लिए यह समझना आसान हुआ है कि मस्तिष्क के खास सर्किट किस तरह हमारी यादों, भावनाओं और व्यवहार को आकार देते हैं।
ऑप्टोजेनेटिक्स क्या है?
इस बड़ी खोज की शुरुआत हेगेमैन और नागेल के 'क्लैमाइडोमोनास'नाम के एक-कोशिका वाले शैवाल पर किए गए काम से हुई। उन्होंने शैवाल की सतह पर 'चैनलरोडोप्सिन' नाम का एक प्रोटीन खोजा। जब इस पर नीली रोशनी पड़ती है, तो यह प्रोटीन एक चैनल खोलता है जिससे चार्ज वाले कण बहते हैं और एक इलेक्ट्रिकल सिग्नल पैदा होता है। इसके बाद डाइसेरोथ ने चूहों की नर्व सेल्स में चैनलरोडोप्सिन का जीन डाला। उन पर नीली रोशनी डालकर, वे नर्व सिग्नल शुरू कर सकते थे। उन्होंने 2005 में यह बड़ी खोज पब्लिश की और दो साल बाद दिखाया कि लाइट से कंट्रोल होने वाला यह स्विच ज़िंदा चूहों के दिमाग में भी काम कर सकता है। इस तकनीक को ऑप्टोजेनेटिक्स के नाम से जाना जाने लगा। इस तरीके ने शोधकर्ताओं के दिमाग के अध्ययन के तरीके को बदल दिया है, क्योंकि यह उन्हें रोशनी की मदद से खास नर्व सेल्स को एक्टिवेट करने और खास यादों, भावनाओं और व्यवहारों में उनकी भूमिका की जांच करने की सुविधा देता है। रिसर्चर दृष्टि दोष वाले लोगों की दृष्टि वापस लाने की कोशिशों में भी इसके इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं।
मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार क्यों महत्वपूर्ण है?
फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार, अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के तहत शुरू किए गए मूल नोबेल पुरस्कारों में से एक है। यह 1901 से उन खोजों के लिए दिया जा रहा है जिन्हें मानवता के लिए महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। 2026 के पुरस्कार में 11,50,00,000 रुपये की राशि शामिल है, जिसे तीनों विजेताओं के बीच बराबर-बराबर बांटा जाएगा।
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