पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता ने बलोच महिलाओं की जबरन गुमशुदगी पर जताई चिंता
क्वेटा, 1 फरवरी (आईएएनएस)। हिरासत में बंद बलोच यकजहती कमेटी (बीवाईसी) की केंद्रीय आयोजक महरंग बलोच ने कहा है कि बलोच महिलाओं की जबरन गुमशुदगी राज्य हिंसा में एक खतरनाक बढ़ोतरी को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जबरन गुमशुदगी अब एक संगठित और लैंगिक रणनीति के रूप में इस्तेमाल की जा रही है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।
महरंग बलोच ने कहा कि दशकों से बलोच लोगों को एक संदिग्ध और हाशिये पर पड़े समुदाय के रूप में देखा गया है, जहां समावेशन और संवैधानिक अधिकारों के बजाय डर, दबाव और बल प्रयोग की नीति अपनाई गई। उन्होंने बताया कि पहले जबरन गुमशुदगी मुख्य रूप से बलोच पुरुषों तक सीमित थी, लेकिन अब इसका दायरा महिलाओं और लड़कियों तक बढ़ा दिया गया है। द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि जबरन गुमशुदगी के शिकार लोगों में छात्राएं, नाबालिग लड़कियां, गर्भवती महिलाएं और दिव्यांग व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनमें से कई का किसी भी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। महरंग बलोच ने जोर देकर कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि जिसे लंबे समय तक सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई बताया जाता रहा, वह अब व्यापक सामाजिक और राजनीतिक आयाम ले चुका है।
महरंग बलोच ने आरोप लगाया कि बलोच महिलाओं को सीधे निशाना बनाया जा रहा है, ताकि प्रतिरोध की सामाजिक नींव को कमजोर किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं ने अपने लापता परिजनों की तलाश शुरू की, विरोध प्रदर्शन किए और अदालतों व राज्य संस्थाओं से सवाल पूछे, तब उन्हें दमन का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि दमन और पहचान-आधारित हिंसा से चुप्पी या आत्मसमर्पण नहीं होता, बल्कि इससे राजनीतिक चेतना, सामूहिक एकजुटता और प्रतिरोध और मजबूत होते हैं। द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, उन्होंने बलोच महिलाओं की जबरन गुमशुदगी को डर के जरिए समाज को नियंत्रित करने की एक व्यवस्थित नीति करार दिया।
इस बीच, 26 जनवरी को एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने कहा कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की बढ़ती घटनाओं के बीच पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा कम से कम 10 नागरिकों को जबरन गायब किया गया।
इन घटनाओं की निंदा करते हुए बलोच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ ने बताया कि डेरा बुगती जिले के पीर कोह निवासी ईदो बख्श को 24 जनवरी को पाकिस्तान की फ्रंटियर कोर (एफसी) के जवानों ने जबरन उठा लिया।
--आईएएनएस
डीएससी
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राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने केंद्रीय बजट की सराहना की
जयपुर, 1 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार को बड़ा बढ़ावा देगा और हर नागरिक के सपनों को पूरा करने में मदद करेगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास और सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास की सच्ची भावना को दर्शाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट को अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज करने और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास ध्यान देकर तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि बजट में किए गए प्रावधान देश की आर्थिक नींव को मजबूत करेंगे और समाज के हर वर्ग के लोगों को सशक्त बनाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, बजट की सोच “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के सिद्धांतों से पूरी तरह मेल खाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि यह बजट मजबूत नेतृत्व और भारत की प्रगति के लिए स्पष्ट रोडमैप को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विकासोन्मुख नीतियों पर दिया गया जोर भारत को तेजी से विकसित राष्ट्र (विकसित भारत) बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रविवार को लगातार नौवां बजट पेश किया।
बजट पेश किए जाने के दौरान शेयर बाजार में गिरावट देखी गई।
वित्त मंत्री सीतारमण का यह नौवां बजट तीन “कर्तव्यों” पर आधारित है, जिनका उद्देश्य प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों व अवसरों तक पहुंच मिले।
इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी रविवार को केंद्रीय बजट 2026 की सराहना करते हुए इसे समावेशी, प्रगतिशील और दूरदर्शी बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा बजट प्रस्तुति सुनी और इसे विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत रोडमैप बताया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताते हुए कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि बजट संतुलित विकास और दीर्घकालिक राष्ट्रीय प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026 अर्थव्यवस्था के हर अहम क्षेत्र को छूता है। बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, ग्रामीण समृद्धि से पर्यटन तक, युवा सशक्तिकरण से लेकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्वास्थ्य से लेकर जनकल्याण तक, यह बजट भारत के भविष्य की एक व्यापक रूपरेखा पेश करता है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ तकनीक और नवाचार पर दिया गया जोर विकास को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगा।
सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि बजट तीन मुख्य उद्देश्यों से प्रेरित है। पहला, निवेश और रोजगार सृजन के जरिए आर्थिक विकास को बढ़ावा देना। दूसरा, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सेवाएं और अवसर उपलब्ध कराकर जीवन स्तर में सुधार करना। और तीसरा व सबसे अहम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, जो “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बजट आधुनिकता और विरासत के बीच संतुलन बनाता है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण कर यह एक स्वस्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी राष्ट्र की मजबूत नींव रखता है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर केंद्रित खर्च से एक अधिक समावेशी और मजबूत समाज के निर्माण में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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