Budget 2026 Big Announcement: आम जनता और विकास पर केंद्रित सीतारमण का नौवां बजट, 10 बड़े ऐलान जो भारत को ले जाएंगे नई ऊंचाइयों पर
Budget 2026 Big Announcement: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना नौवां बजट पेश किया। इस बार का बजट सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दिखाता है आर्थिक स्थिरता, रोजगार सृजन और समावेशी विकास। टैक्स से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर तक कई बड़े ऐलान किए गए, जिनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा।
परिवार में संबंध: छिपे फैसलों से तनाव बढ़ता है:चुप्पी और गलतफहमी से बिगड़ते हैं संबंध; सीमाएं तय करने और संवाद से रिश्तों में लौटता है सम्मान
परिवारों में संबंध कई तरह की उलझनों से गुजरते हैं। कहीं स्वभाव टकराता है, कहीं संवाद टूटता है और कहीं अपेक्षाएं बोझ बनती हैं। ऐसी ही तरह-तरह की दुविधाएं एनवाईटी के दि एथिसिस्ट कॉलम में पाठक भेजते हैं, जहां विशेषज्ञ उनका समाधान सुझाते हैं। रिश्ता कोई भी हो, चुनौती वही रहती है और अक्सर हल भी- स्पेस, सीमाएं और संवाद। पहला मामला एक संयुक्त परिवार का है, जहां वर्षों बाद मिलन की योजना बन रही थी। बातचीत सहज चल रही थी, लेकिन एक सदस्य का नाम आते ही वातावरण बदल जाता है। वह व्यक्ति विवादों के कारण कई रिश्तों से कट चुका था। पिछला गेट-टुगेदर इसी तनाव में बिगड़ा था। इस बार उनकी संतान ने साफ कहा, ‘हम तभी आएंगे, जब वे न हों।’ परिवार असमंजस में था। अंततः निर्णय हुआ कि उस सदस्य को आमंत्रण न भेजा जाए। निर्णय सामने आने पर नाराजगी बढ़ी, बाद में बातचीत से स्पष्ट किया गया कि मकसद किसी को हटाना नहीं, बल्कि किसी और को भावनात्मक स्पेस देना था। दंपती में संवाद कम हुआ, दूरियां बढ़ती गईं दूसरी कहानी पति-पत्नी की है। वर्षों पुराने विवाह में संवाद कम हो गया था। बातें जमा होती रहीं, दूरी बढ़ती गई। एक दिन बहस के बाद पत्नी ने कुछ समय अलग रहने का निर्णय लिया। बाद में हुई ईमानदार बातचीत ने वर्षों की धुंध कम की और सीमाएं तय होने के बाद संबंध अधिक संतुलित हो गया। तीसरी कहानी सास-बहू की है। बहू को लगता था कि सास उसकी दिनचर्या में हस्तक्षेप करती हैं, जबकि सास इसे देखभाल का हिस्सा मानती थीं। गलतफहमियों से दूरी बढ़ती गई। अंतत: बहू ने सीधे बात कर अपने स्पेस की जरूरत समझाई। संवाद ने दोनों को यह समझने में मदद की कि सहअस्तित्व के लिए सीमाएं तय करना आवश्यक है। विशेषज्ञों की राय: रिश्तों में स्पष्टता ही सुरक्षा देती है मनोचिकित्सक रसैल के अनुसार, ‘रिश्तों में कभी चुप्पी बचाव बनती है और कभी बातचीत समाधान। फर्क केवल समय और परिस्थिति का होता है।’ वहीं समाजशास्त्री केविन वुड के अनुसार, रिश्तों में दयालुता और विनम्रता का संतुलन अनिवार्य है। अनकहे विरोध सालों तक चोट देते हैं, लेकिन सही समय पर कही गई सही बात भविष्य को सुरक्षित करती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Moneycontrol























