पूर्वोत्तर भारत के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में हो रहे बदलावों को एक बड़ी पहचान मिली है। अरुणाचल प्रदेश के होलोंगी स्थित डोनी पोलो हवाई अड्डे को केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ (UDAN) के तहत देश का सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा घोषित किया गया है।
'विंग्स इंडिया 2026' में मिला सम्मान
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हैदराबाद में आयोजित नागरिक उड्डयन के सबसे बड़े कार्यक्रम ‘विंग्स इंडिया 2026’ के दौरान दिया गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने यह सम्मान हवाई अड्डे के अधिकारियों को सौंपा। डोनी पोलो हवाई अड्डे को यह पुरस्कार 'आरसीएस-उड़ान' (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पुरस्कार केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने हैदराबाद में आयोजित ‘विंग्स इंडिया 2026’ कार्यक्रम में दिया।
हवाई अड्डे को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना - उड़े देश का आम नागरिक (आरसीएस-उड़ान) के तहत इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
उपमुख्यमंत्री चाउना मेन ने कहा कि यह पहचान ‘‘क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पूरे अरुणाचल प्रदेश में विकास, पर्यटन और अवसरों के लिए नए रास्ते खोलने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता’’ को दिखाती है।
अधिकारियों ने बताया कि 2022 के आखिर में खुला और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा विकसित डोनी पोलो हवाई अड्डा अब दिल्ली और कोलकाता के लिए नियमित उड़ान संचालित करता है, जिससे यात्रियों की पहुंच में काफी सुधार हुआ है और आर्थिक गतिविधियों को भी सहयोग मिल रहा है।
निष्कर्ष
डोनी पोलो हवाई अड्डे को मिला यह पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि 'उड़ान' योजना दूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफल रही है। यह न केवल अरुणाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए एक मील का पत्थर है।
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अगर सवाल पूछा जाए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में भारत के लिए अच्छे थे या दूसरे कार्यकाल में तो आप बिना देर लगाए जवाब देंगे कि डोनाल्ड ट्रंप जब पहली बार राष्ट्रपति बने थे तभी वह भारत के लिए अच्छे थे। क्योंकि उस समय उन्होंने जमकर भारत की तारीफ की थी। पाकिस्तान को खूब सुनाया था। लेकिन आपको बता दें कि ऐसा सोचने वाले ज्यादातर लोग गलत हैं। दरअसल सच यह है कि डॉनल्ड ट्रंप भारत के लिए अब ज्यादा अच्छे साबित हो रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक खजाना साबित हो रहे हैं। ट्रंप अपनी अकड़, अपने अहंकार और अपनी गलतफहमी से भारत को एक बड़ी सुपर पावर बनाने जा रहे हैं।
ट्रंप ने उस वर्ल्ड ऑर्डर को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है जो सेकंड वर्ल्ड वॉर से चला आ रहा था। अगर डॉनल्ड ट्रंप अपने सनकी और गुस्सैल रवैया से मौजूदा वैश्विक सिस्टम को नहीं तोड़ते तो दुनिया वैसे ही चलती रहती जैसे दशकों से चली आ रही है। डॉनल्ड ट्रंप की वजह से ही अब भारत दुनिया की इकलौती उम्मीद बन गया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला जब इजराइल ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए यह ऐलान कर दिया कि वह अगले 10 सालों में अमेरिका पर अपनी सैन्य और आर्थिक निर्भरता को खत्म करने की कोशिश करेगा। इसी के साथ इजराइल ने यह भी ऐलान कर दिया कि वह भारत के साथ एक बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन करेगा। इजराइल अपने बड़े-बड़े हथियारों की प्रोडक्शन भी भारत में शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है और यह सब कुछ डोनल्ड ट्रंप के अहंकार की वजह से ही हो रहा है।
27 जनवरी को जिस तरह से यूरोपियन यूनियन ने भारत के साथ मदर ऑफ ऑल डील्स यानी एक बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया तो उसने भारत को दुनिया के मंच पर सबसे ऊपर बैठा दिया। यह वही यूरोप है जो दशकों से भारत का अपमान करता आ रहा है। भारत को थर्ड वर्ल्ड कंट्री बोलता आ रहा है। लेकिन आज यही यूरोप लॉन्ग लिव इंडिया के नारे लगा रहा है। यूरोप को द्वितीय विश्व युद्ध से ही यह लगता आ रहा है कि वह दुनिया में सबसे ताकतवर है। उसकी सेना और अर्थव्यवस्था सबसे आगे है। ट्रंप ने सिर्फ 3 महीनों में यूरोप की यह गलतफहमी दूर कर दी। डॉन्ड ट्रंप की धमकियों के बाद यूरोप को पता चला कि वह कितना कमजोर हो चुका है। यूरोप अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए भारत से डील कर रहा है। यहां तक कि जब डॉन्ड ट्रंप ने डेनमार्क के अधिकार वाले ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कही तब भी यूरोप कुछ नहीं कर पाया।
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