सोशल मीडिया क्रिएटर्स जगत की बड़ी डील:सबसे महंगे इंफ्लुएंसर खाबी लैम ने 9 हजार करोड़ रु. में बेचे पर्सनैलिटी राइट
सोशल मीडिया के सबसे बड़े चेहरों में शामिल खाबी लैम अब एआई की दुनिया में नया अध्याय लिखने जा रहे हैं। 2020 में ओवर-द-टॉप लाइफ हैक्स पर बिना बोले रिएक्शन देकर चर्चा में आए 25 साल के लैम अब डिजिटल ट्विन के जरिए वर्चुअल अवतार में सामने आएंगे। इटली के इंफ्लुएंसर लैम ने हांगकांग की एआई कंटेंट फर्म रिच स्पार्क होल्डिंग्स के साथ करीब 8,961 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक डील साइन की है। इसमें उन्होंने अपनी ब्रांडिंग, फेस आईडी, वॉइस आईडी और बिहेवियरल मॉडल्स के इस्तेमाल की मंजूरी दी है। अब एआई से उनका वर्चुअल हमशक्ल तैयार होगा, जो लाइवस्ट्रीमिंग और कई भाषाओं में कंटेंट बना सकेगा। सोशल मीडिया क्रिएटर्स की दुनिया में यह सबसे बड़ी डील मानी जा रही है। यह डिजिटल पर्सनैलिटी राइट्स के भविष्य को दिशा दे सकती है। फर्म अब लैम के चेहरे के हाव-भाव, आवाज के उतार-चढ़ाव को एआई के जरिए हूबहू कॉपी करेगी। लैम का वर्चुअल वर्जन उन्हीं की तरह दिखेगा, बोलेगा और व्यवहार करेगा। इस डिजिटल ‘जुड़वां’ के जरिए वे मौजूद न रहते हुए भी चौबीस घंटे दुनियाभर के दर्शकों से जुड़ सकेंगे। रिच स्पार्कल का अनुमान है कि इस डील से 33 हजार करोड़ रुपए का नया कारोबार खड़ा होगा। करीब 166 करोड़ की कमाई के साथ खाबी कई बड़े ब्रांड्स के साथ काम कर चुके हैं। कोरोना में नौकरी गई... 5 साल में बदली किस्मत, अब 36 करोड़ फॉलोअर कोरोना के बाद लाखों लोग टूटा हुआ महसूस कर रहे थे, लैम भी उन्हीं में शामिल थे। फैक्ट्री मैकेनिक की नौकरी जाने के बाद लैम ने खामोशी को ही अपनी पहचान बना लिया। बिना कुछ बोले ऐसे वीडियो बनाए, जटिल लाइफ हैक्स को मजेदार इशारों से आसान बना दिया जाता था। यही सादगी उन्हें भीड़ से अलग ले गई। आज लैम दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल क्रिएटर्स में गिने जाते हैं। सोशल मीडिया पर उनके करीब 36 करोड़ फॉलोअर हैं। चुप्पी और सादगी से शुरू हुआ ये सफर उन्हें दुनिया के सबसे महंगे और अमीर डिजिटल क्रिएटर्स में शामिल कर चुका है।
पाकिस्तान से आज 7 भारतीय होंगे रिहा:अटारी-वाघा बॉर्डर से भेजे जाएंगे, लाहौर की सेंट्रल जेल में काट रहे थे सजा
पाकिस्तान सरकार ने 7 भारतीय नागरिकों को रिहा कर भारत वापस भेजने का आदेश जारी किया है। यह आदेश पंजाब सरकार (पाकिस्तान) के गृह विभाग द्वारा जारी किया गया। आदेश के अनुसार, ये सभी भारतीय 31 जनवरी यानी आज अटारी वाघा बॉर्डर, लाहौर के रास्ते भारत को सौंपे जाएंगे। दस्तावेज में बताया गया है कि यह फैसला पाकिस्तान के गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल मंत्रालय, इस्लामाबाद द्वारा लिया गया है। भारतीय सरकार द्वारा इनकी नागरिकता की पुष्टि हो चुकी है और सभी लोग पाकिस्तान में अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं। रिहा होने वाले लोगों में चंदर सिंह उर्फ छिंदर सिंह, गुरमीत सिंह उर्फ गुरमेज सिंह, जोगिंदर सिंह, हरविंदर सिंह, विशाल, रतन पाल और सुनील अडे उर्फ प्रसंजीत शामिल हैं। ये सभी फिलहाल सेंट्रल जेल लाहौर में बंद थे। वाघा बॉर्डर पर आज भारत को सौंपे जाएंगे आदेश में जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इन भायतीय नागरिकों को वाघा बॉर्डर लाया जाए। वहां उन्हें इमिग्रेशन अधिकारियों को आज सौंपा जाएगा। इस फैसले को मानवीय आधार पर उठाया गया कदम माना जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है।
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