पंजाबी दंपती की कनाडा में मौत:घर में खून से लथपथ शव मिले; दावा- गोली मारी गई, एक आरोपी हिरासत में
पंजाब के दंपती की संदिग्ध हालत में कनाडा के कैलगरी शहर में हो गई। उनके शव घर में खून से लथपथ हालत में मिले। दावा किया जा रहा है कि दोनों पति-पत्नी को गोली लगी है घटना की सूचना मिलते की कनाडा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्ट के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को भी हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मामले में हत्या और सुसाइड दोनों एंगल से जांच कर रही है। मृतकों की पहचान पत्नी जैस्मीन कौर और पति एकमवीर सिंह के नाम से हुई है, जो लुधियाना के रहने वाले हैं। माता-पिता की पहले हो चुक मौत घटना आज 30 जनवरी की है। मृतक दंपति मूल रूप से लुधियाना के जगराओं क्षेत्र के चौकीमान गांव के रहने वाले थे। वे बेहतर भविष्य की तलाश में कनाडा गए थे, लेकिन वहां उनकी मौत की खबर ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उसने माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। गांव चौकीमान के सरपंच केवल सिंह ने बताया कि कोई कह रहा है कि दोनों को गोली लगी है, तो कोई कहता है कि आत्महत्या की है। लेकिन सच क्या है। इस बारे में वहां की पुलिस ही जानती है। उन्होंने कहा कि मृतक एकमवीर सिंह के माता पिता की काफी समय पहले मौत हो गई थी। उसके बाद एकमवीर का भाई अपने नाना के घर में रहने लगा। अब वह भी कभी कभी ही गांव अपने पुराने घर आता था। मामले की जांच कर ही पुलिस कैलगरी पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए इसकी गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के सही कारणों का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो वह 403-266-1234 पर संपर्क करे। वहीं, गुमनाम रूप से सूचना देने के लिए क्राइम स्टॉपर्स 1-800-222-8477 पर कॉल किया जा सकता है। ************************ इस खबर को भी पढ़ें.. कनाडा में पंजाबी युवक की हत्या: कातिलों ने अपनी कार फूंकी, फिर दूसरी गाड़ियों से फरार हुए; कैनेडियन पुलिस को टारगेट किलिंग का शक कनाडा में पंजाबी मूल के युवक की हत्या कर दी गई। युवक वैंकूवर का रहने वाला था। वारदात बर्नाबी इलाके में हुई। वारदात के बाद हमलावरों ने उस गाड़ी में भी आग लगा दी, जिससे वे आए थे। इसके बाद हमलावर वहां से अन्य वाहनों में सवार होकर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह कार में लगी आग बुझाई। इसके बाद मामले की जानकारी जुटाई। जिस तरह से यह वारदात की गई, उससे पुलिस यह मानकर चल रही है कि मामला टारगेट किलिंग का हो सकता है। इसके अलावा पुलिस इसे गैंगवार से जोड़कर भी देख रही है। (पूरी खबर पढ़ें)
अरब सागर से लाल सागर तक कसा शिकंजा:अमेरिकी मिसाइलों के निशाने पर ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकाने
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत करते हुए अरब सागर और लाल सागर में विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट और कई मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत तैनात किए हैं। साथ ही कतर, बहरीन, सऊदी अरब, इराक और जॉर्डन के सैन्य अड्डों से वायुसेना की सक्रियता बढ़ी है। अमेरिका अब ईरान के परमाणु ठिकानों, सैन्य अड्डों व कमांड सेंटरों पर समुद्र और आसमान दोनों से हमले की स्थिति में आ गया है। उधर, ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह जून, 2025 की तरह कतर के अमेरिकी ठिकानों और इजराइल पर मिसाइलें और ड्रोन दाग सकता है। वार्ता संभव: जंग की आहट के बीच सुलह की कोशिशें जारी हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची हमले को टालने के लिए अंकारा जा रहे हैं। तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने ट्रम्प व ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच वीडियो वार्ता का प्रस्ताव रखा है। अराघची इस पर चर्चा करेंगे। मोर्चाबंदी: ईरानी सेना को आतंकी संगठन घोषित किया ब्रसेल्स| यूरोपीय संघ (ईयू) ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। यह फैसला विरोध प्रदर्शनों पर ईरानी सरकार की हिंसक कार्रवाई के चलते लिया गया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडरों समेत 15 अधिकारियों और 6 संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी करने वाली संस्थाएं भी हैं। यूरोप में इनकी संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उनकी यात्रा पर रोक लगेगी। कुछ घंटों में हमला संभव विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका को अब किसी अतिरिक्त जमावड़े की जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि राजनीतिक आदेश मिलता है, तो कुछ ही घंटों में सीमित या बड़े पैमाने की सैन्य कार्रवाई संभव है। यही वजह है कि इसे हमले से पहले की स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है। 13 ईरान की ताकत लगभग 3,500 अमेरिकी सैनिक सऊदी अरब इजराइल, कतर पर ईरान 7 माह पहले हमले कर चुका दैनिक भास्कर, भोपाल, शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 कुल सैनिक 11.8 लाख बैटल टैंक 1,700 बख्तरबंद वाहन 65,000 तोपखाने 6,800 फाइटर जेट 300 शाहिद-136 (सुसाइड ड्रोन) लंबी दूरी तक उड़ान, लक्ष्य से टकराकर विस्फोट। शाहिद-129 (सशस्त्र ड्रोन) निगरानी और मिसाइल हमले दोनों में सक्षम मोहाजेर-6 (टोही और स्ट्राइक ड्रोन) गाइडेड बम और मिसाइल ले जाने में सक्षम इस्तेमाल: जून, 2025 में इजराइल पर हमले में 150 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। उसमें इनका भी पहली बार प्रयोग। हाइपर सोनिक मिसाइल रेंज : 1400 किमी ईरान की ‘फतह’ ये इजराइल को थर्रा चुकी खाड़ी देशों में तैनाती कतर, बहरीन, यूएई और सऊदी अरब में कुल 50,000 अमेरिकी सैनिक फारस खाड़ी में शक्ति यूएसएस अब्राहम लिंकन; 70 से अधिक लड़ाकू विमानों की तैनाती, 5 फ्रिगेट भी मिसाइल बेस इसफाहान नानतेज फोर्दो न्यूक्लियर साइट तुर्कमेनिस्तान तुर्किये जॉर्डन इजराइल सीरिया बहरीन कतर कुवैत यूएई ओमान इराक ईरान लाल सागर में मोर्चा यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट; 70+ लड़ाकू विमान, 300 से अधिक टॉमहॉक मिसाइल
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