महाराष्ट के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार की एक विमान दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु के बाद महाराष्ट्र की सत्ता और NCP के भीतर हलचल तेज हो गई है। पार्टी अब अपने अस्तित्व को बचाने और अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कयावद में जुट गई है। इस बीच, पार्टी के भीतर से सुनेत्रा पवार को कैबिनेट में शामिल करने और शरद पवार गुट के साथ विलय (Merger) की खबरें प्रमुखता से उभर रही हैं। NCP (अजित पवार गुट) के नेताओं का मानना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। अजित पवार के पास वित्त, योजना, राज्य उत्पाद शुल्क, खेल और अल्पसंख्यक विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। पार्टी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र सौंपकर इन विभागों को अपने कोटे में रखने की मांग कर सकती है।
अजित पवार दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे: किरण गुजर
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था, मृतक नेता के एक करीबी सहयोगी ने दावा किया है। किरण गुजर, जो 1980 के दशक के मध्य में राजनीति में आने से पहले से अजित पवार से जुड़े थे, ने गुरुवार को PTI को बताया कि पवार ने बुधवार की घातक विमान दुर्घटना से सिर्फ पांच दिन पहले उनसे इस बारे में बात की थी। वह दोनों गुटों का विलय करने के लिए सौ प्रतिशत इच्छुक थे। गुजर ने कहा, "उन्होंने मुझे पांच दिन पहले बताया था कि पूरी प्रक्रिया पूरी हो गई है और अगले कुछ दिनों में मर्जर होने वाला है।"
अजित पवार खेमा फिलहाल दो गुटों में बंटा हुआ है
गौरतलब है कि अजित पवार खेमा फिलहाल दो गुटों में बंटा हुआ है, जिसमें एक महायुति गठबंधन के साथ रहना चाहता है, और दूसरा शरद पवार के साथ फिर से जुड़ना चाहता है। इस समय, अजित पवार की मौत से NCP के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेताओं ने यह भी सुझाव दिया कि सुनेत्रा पवार को आगे आकर पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए, जो BJP के नेतृत्व वाले सत्ताधारी महायुति गठबंधन का एक घटक है। NCP के वरिष्ठ नेता और FDA मंत्री नरहरि ज़िरवाल ने कहा कि यह लोगों की इच्छा है कि दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा, जो राज्यसभा सदस्य हैं, को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए।
पार्टी चाहती है कि सुनेत्रा पवार कैबिनेट सदस्य बनें
पार्टी अध्यक्ष रहे अजित पवार की असामयिक मृत्यु के बाद NCP के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर, ज़िरवाल ने पत्रकारों से कहा कि लोग चाहते हैं कि "वहिनी" (भाभी, सुनेत्रा पवार का जिक्र करते हुए) को कैबिनेट सदस्य बनाया जाए।
अजित पवार के करीबी रहे ज़िरवाल ने पुणे जिले में अपने गृहनगर बारामती में दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार के बाद कहा, "हम इस बारे में (सुनेत्रा को कैबिनेट में शामिल करने के बारे में) अपने नेतृत्व से बात करेंगे और फैसला लेंगे।"
प्रतिद्वंद्वी गुटों, सत्ताधारी सहयोगी NCP और विपक्षी NCP (शरदचंद्र पवार) के संभावित विलय के बारे में एक सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा, "दोनों गुट पहले से ही एक साथ हैं (स्थानीय निकाय चुनावों के लिए)। सभी को एहसास हो गया है कि बिखरे रहने का कोई मतलब नहीं है और हमें एक साथ रहना होगा।"
नवाब मलिक का कहना है कि वह भविष्यवाणी नहीं कर सकते कि अब राजनीति क्या रूप लेगी
NCP नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक ने जोर देकर कहा कि विलय पर अंतिम फैसला अजित पवार और शरद पवार को लेना था, जो NCP (SP) के प्रमुख हैं। मलिक ने कहा, "अब, मैं भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि राजनीति क्या रूप लेगी। लेकिन यह सभी की इच्छा है कि पूरा परिवार और दोनों पार्टियां एक साथ आएं।"
एक अन्य NCP नेता और अजित पवार के करीबी प्रमोद हिंदुराव ने कहा कि सुनेत्रा पवार को अपने पति की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए और पार्टी कार्यकर्ताओं का ख्याल रखना चाहिए। सुनेत्रा पवार, जिन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव NCP के टिकट पर लड़ा था, वह बारामती में NCP (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से हार गई थीं।
जुलाई 2023 में, अजीत पवार तत्कालीन एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए थे, जिससे उनके चाचा शरद पवार द्वारा स्थापित NCP में फूट पड़ गई थी।
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तेहरान में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबल के दूत की एंट्री है। मित्रों युद्ध के इस माहौल के बीच डोभाल के दूत की तेहरान पहुंचने की तस्वीरें सारी दुनिया में वायरल हो रही है। यानी जिस वक्त दुनिया सोच रही है अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध कब शुरू होगा? रोजाना दी जा रही नई-नई धमकियों के बीच क्या युद्ध तय है या फिर समझौते की भी कोई गुंजाइश बची है? उस वक्त भारत के इस दाव ने सारी दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिका ने तेहरान की तरफ अपने परमाणु बम सूंघने वाले विमान को रवाना कर दिया। जिसके बाद ईरान ने परमाणु बम हासिल करने की आशंका जाहिर की जा रही है। कल तक ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामनेई के बंकर में छिपे होने की खबर सामने आ रही थी। लेकिन आज उनकी सार्वजनिक तस्वीर सामने आ गई। यानी खामनेई बंकर से बाहर आ गए। इसी के साथ अमेरिका का दूसरा करियर स्ट्राइक ग्रुप ईरान के और नजदीक पहुंच गया। और इन सारे अपडेट्स के बीच डोभाल के दूत यानी भारत के डिप्टी एनएसए पवन कपूर ने तेहरान में उस शख्सियत के साथ बड़ी मीटिंग की है जिसे ईरान के सर्वोच्च नेता आया अली खामई का रणनीतिक दिमाग कहा जाता है।
जिस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। कुछ दिन पहले यूएन में ईरान के पक्ष में वोटिंग करने वाला भारत अगर इजराइल का पक्का दोस्त है तो इस तनाव भरे माहौल में युद्ध छिड़ने से ठीक पहले तेहरान के साथ यह बड़ी मीटिंग के बेहद अहम मायने हैं। अमेरिका के ऑफ एयरफोर्स बेस से WC135R कास्टेंट फिनिक्स विमान ने उड़ान भरी। इस विमान को न्यूक स्नाइपर यानी कि परमाणु बम को सूंघने वाला विमान कहा जाता है। और यह अमेरिकी विमान यूरोप होते हुए मिडिल ईस्ट की तरफ जा रहा है। जिस ऑफ एयरफोर्स बेस से इस विमान ने उड़ान भरी वो अमेरिका का सबसे संवेदनशील और रणनीतिक सैन्य अड्डों में से एक है। जहां कुछ खास तैयारियां की जाती हैं। अमेरिका के नेब्रास्का राज्य में स्थित इस एयरबेस में अमेरिकी सामरिक कमान का मुख्यालय है जो अमेरिका के परमाणु हथियारों को संभालता है। न्यूक्लियर डिटरेंस यानी परमाणु हथियारों के जरिए दुश्मन को हमला करने से रोकने की योजना भी यही बनती है।
अमेरिका पर होने वाले मिसाइल हमले से सुरक्षा और साइबर और स्पेस ऑपरेशन की रूख रूपरेखा भी यहीं पर तैयार की जाती है। यानी आप कह सकते हैं जिस एयरबेस से अमेरिका के परमाणु बम सूंघने वाले विमान ने उड़ान भरी वहीं पर अमेरिका का न्यूक्लियर दिमाग भी बैठता है। अमेरिका का WC135R कास्टेंट फिनिक्स विमान जब यहां से उड़ता है तो आमतौर पर यह कोई सामान्य ट्रेनिंग मिशन नहीं होता है बल्कि दुनिया के किसी हिस्से में परमाणु गड़बड़ी के संकेत होते हैं और फिलहाल यह विमान यूरोप होते हुए मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहा है। यानी अमेरिका को पूरा शक है मिडिल ईस्ट में कोई परमाणु घटना हो रही है और इस उड़ान को दुनिया भर के डिफेंस एक्सपर्ट्स सीधे ईरान के परमाणु बम से जोड़कर देख रहे हैं। अमेरिका का यह विमान उस वक्त ही अपना एयरबेस छोड़ता है जब अमेरिका को किसी देश पर न्यूक्लियर टेस्ट का शक हो। या फिर युद्ध जैसे हालात में किसी देश ने अमेरिका को न्यूक्लियर हथियारों की धमकी दी हो।
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