Ajit Pawar राकांपा के दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे: सहयोगी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे और उनकी यह इच्छा जल्द ही साकार होने वाली थी।
अजित पवार के करीबी सहयोगी किरण गुजर ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया। गुजर 1980 के दशक के मध्य में अजित पवार के राजनीति में कदम रखने से पहले से ही उनसे जुड़े हुए थे।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पवार ने बुधवार को हुए विमान हादसे से ठीक पांच दिन पहले उनसे इस बारे में बात की थी। गुजर ने कहा, ‘‘वह दोनों गुटों के विलय के लिए बहुत उत्सुक थे। उन्होंने मुझे पांच दिन पहले बताया था कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में विलय होने वाला है।’’
अजित पवार ने हाल ही में संपन्न नगर निकाय चुनावों के दौरान कुछ चुनिंदा संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि वह अपनी पार्टी का शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शरद चंद्र पवार) में विलय करने का इरादा रखते हैं।
राकांपा और राकांपा (शरद चंद्र पवार) ने पुणे और पिंपरी चिचवड में नगर निकाय चुनाव गठबंधन में लड़ा था। दोनों ने अगले महीने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए भी गठबंधन बरकरार रखने का फैसला किया था।
गुजर ने कहा कि अजित पवार के पास विलय और संयुक्त राकांपा के भविष्य के मार्ग के लिए एक रोडमैप तैयार था। यह पूछे जाने पर कि क्या अजित पवार ने शरद पवार से इस मुद्दे पर चर्चा की थी, गुजर ने कहा कि ‘‘पवार साहब, सुप्रिया ताई (सुप्रिया सुले) और अन्य नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही थी’’ और संकेत मिल रहे थे कि शरद पवार इस कदम का समर्थन करेंगे।
गुजर ने कहा, ‘‘कई सकारात्मक संभावनाएं उभर रही थीं, लेकिन इस त्रासदी ने अजित दादा को हमसे छीन लिया। अब उनकी मृत्यु के बाद यह और भी अधिक अनिवार्य हो गया है कि दोनों गुट एकजुट होकर बारामती और राज्य की बेहतरी के लिए काम करें।
विजय एक अच्छे अभिनेता हो सकते हैं, नेता नहीं: Palaniswami
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ई के पलानीस्वामी ने करूर में भगदड़ की घटना को लेकर अभिनेता से नेता बने विजय की बृहस्पतिवार को कड़ी आलोचना की और दावा किया कि उक्त हादसा योजना एवं प्रबंधन की कमी के कारण हुआ। यह विजय के खिलाफ पलानीस्वामी की पहली आलोचनात्मक टिप्पणी है।
पलानीस्वामी ने सलेम में पार्टी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘विजय एक अच्छे अभिनेता हो सकते हैं, लेकिन नेता नहीं।’’ उन्होंने पिछले साल 27 सितंबर को करूर में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की रैली में भगदड़ को लेकर पार्टी प्रमुख विजय पर निशाना साधा।
इस घटना में 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। पलानीस्वामी ने कहा कि विजय ने पार्टी की “बिना उचित योजना के आयोजित” रैली को संबोधित किया था, जिसके कारण मौतें हुईं।
उन्होंने आरोप लगाया, “विजय ने पीड़ितों को सांत्वना देने के लिए उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं की। अन्नाद्रमुक के नेता और कार्यकर्ता सुनामी या चक्रवात के दौरान लोगों की देखभाल करने में हमेशा आगे रहते थे।”
पलानीस्वामी अभी तक तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को करूर भगदड़ के लिए जिम्मेदार ठहराते आए थे। उनका आरोप था कि खराब सुरक्षा इंतजामके कारण यह घटना घटी, क्योंकि विजय एक लोकप्रिय अभिनेता हैं और उनके कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ना तय है। उन्होंने कहा था, “लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करना राज्य सरकार और पुलिस का कर्तव्य है।
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