कबड्डी चैंपियंस लीग में युवा सितारों का जलवा:सोनीपत स्टार्स की बड़ी जीत; करनाल किंग्स ने 40–34 से फरीदाबाद को दी मात
कबड्डी चैंपियंस लीग (KCL) में मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, रोमांच और प्रतिस्पर्धा भी नए शिखर पर पहुंचती जा रही है। लीग के एक और हाई-वोल्टेज डबल-हेडर में जहां सोनीपत स्टार्स ने दमदार खेल दिखाते हुए भिवानी बुल्स जैसी मजबूत टीम को चौंकाया। वहीं करनाल किंग्स ने फरीदाबाद फाइटर्स के खिलाफ जीत दर्ज कर अपना अपराजेय अभियान जारी रखा। इन दोनों मुकाबलों में अनुभव और युवा जोश का शानदार संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। खास बात यह रही कि निर्णायक क्षणों में युवा रेडर्स और डिफेंडर्स ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन कर यह साबित किया कि लीग भविष्य के सितारों के लिए मजबूत मंच बन चुकी है। सोनीपत की शानदार वापसी दिन के पहले मुकाबले यानी मैच नंबर-9 में सोनीपत स्टार्स ने भिवानी बुल्स को कड़े संघर्ष में 31–28 से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। मुकाबले की शुरुआत भिवानी बुल्स के पक्ष में रही, जहां देवांक दलाल की सटीक रेड्स के दम पर टीम ने रणनीतिक टाइमआउट तक बढ़त बना ली थी। हालांकि, सोनीपत ने संयमित डिफेंस और समय पर मिले रेड अंकों के जरिए खुद को मुकाबले में बनाए रखा। पहला हाफ बेहद रोमांचक रहा और दोनों टीमें लगभग बराबरी पर दिखीं, लेकिन मामूली बढ़त के साथ भिवानी ने हाफटाइम में प्रवेश किया। दूसरा हाफ बना टर्निंग प्वाइंट दूसरे हाफ में सोनीपत स्टार्स ने खेल का रुख पूरी तरह बदल दिया। अयान लोछाब ने रेडिंग की जिम्मेदारी संभालते हुए न सिर्फ अपना सुपर 10 पूरा किया, बल्कि एक अहम ऑल-आउट दिलाकर टीम को बढ़त भी दिलाई। भिवानी की ओर से देवांक दलाल ने भी सुपर 10 के साथ जोरदार जवाब दिया। वहीं परवेश मलिक ने डिफेंस में हाई 5 हासिल कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन अंतिम मिनटों में अयान लोछाब की दो अंकों वाली डू-ऑर-डाई रेड निर्णायक साबित हुई और सोनीपत स्टार्स ने 31–28 से जीत पर मुहर लगा दी। करनाल किंग्स की जीत की लय बरकरार दिन के दूसरे मुकाबले यानी मैच नंबर-10 में कर्नाल किंग्स ने फरीदाबाद फाइटर्स को 40–34 से हराकर अपने अपराजेय अभियान को आगे बढ़ाया। मुकाबले की शुरुआत में करनाल ने आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन फरीदाबाद के युवा रेडर ईशांत की निडर रेड्स की जिसमें डू-ऑर-डाई स्थिति में एक शानदार सुपर रेड भी शामिल रही। जिसने मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया। अक्षीत ढुल ने कर्नाल की ओर से लगातार सफल रेड्स कर टीम को मजबूती दी और पहला हाफ ऑल-आउट के सहारे कर्नाल ने हल्की बढ़त के साथ समाप्त किया। ईशांत-रोहित की वापसी, अनुभव के आगे फिसली बाजी दूसरे हाफ में फरीदाबाद फाइटर्स ने जोरदार वापसी की। ईशांत और रोहित गुलिया ने अपने-अपने सुपर 10 पूरे किए और करनाल के खिलाफ एक ऑल-आउट भी हासिल किया, जिससे मुकाबला पूरी तरह खुल गया।हालांकि, निर्णायक पलों में कर्नाल किंग्स के अनुभव ने काम किया। सुरेंद्र गिल और अक्षीत ढुल ने रेडिंग में टीम को संभाला, जबकि रोहित नंदल ने डिफेंस में हाई 5 लगाकर मजबूत दीवार खड़ी कर दी। अंततः करनाल किंग्स ने 40–34 से जीत दर्ज कर ली। युवा प्रतिभाओं का मंच बनती KCL सोनीपत स्टार्स की अनुशासित रणनीति और करनाल किंग्स की निरंतरता ने यह साफ कर दिया है कि कबड्डी चैंपियंस लीग सिर्फ मुकाबलों की श्रृंखला नहीं, बल्कि उभरती प्रतिभाओं के लिए बड़ा अवसर बन चुकी है। अयान लोछाब और ईशांत जैसे युवा खिलाड़ी जहां स्टार परफॉर्मर बनकर उभरे, वहीं अनुभवी खिलाड़ियों ने सही समय पर टीम को दिशा दी। लीग के बढ़ते रोमांच के साथ दर्शकों को आने वाले मुकाबलों में और भी हाई-इंटेंसिटी कबड्डी की उम्मीद है।
अमेरिका में जन्मे बच्चों को ₹92 हजार देगी सरकार:स्पेशल 'ट्रम्प अकाउंट' में जमा होगी राशि, निवेश में बैंक और टेक कंपनियां भी शामिल हुईं
अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को सरकार की ओर से 1,000 डॉलर (92 हजार रुपए) दिए जाएंगे। यह रकम बच्चों के नाम से खोले जाने वाले एक स्पेशल अकाउंट में जमा की जाएगी। यह योजना पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरू की थी। अब इसे अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियों का समर्थन मिलने लगा है। इस योजना को ‘ट्रम्प अकाउंट’ कहा जाता है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह एक टैक्स-फ्री सेविंग अकाउंट होगा, जिसमें सरकार बच्चों के भविष्य के लिए शुरुआती निवेश करेगी। इस खाते में जमा रकम शेयर बाजार में निवेश की जाएगी ताकि समय के साथ यह बढ़ सके। इस योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा जो 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2028 के बीच अमेरिका में पैदा होंगे। अब कई बड़ी कंपनियां भी इस योजना में आगे आ रही हैं। बैंक ऑफ अमेरिका और जेपी मॉर्गन चेस ने घोषणा की है कि वे अपने कर्मचारियों के बच्चों के ट्रम्प अकाउंट में सरकार की तरह 1,000 डॉलर की बराबर राशि जमा करेंगे। ट्रम्प बोले- हमारी सरकार हर बच्चे को आर्थिक आजादी दे रही है ट्रम्प ने कहा, "हर राष्ट्रपति ने हमारी अगली पीढ़ी को सिर्फ कर्ज दिया है, लेकिन हमारी सरकार हर बच्चे को असली संपत्ति और आर्थिक आजादी का मौका देगी।" उन्होंने नियोक्ताओं से अपील की कि वे अपने कर्मचारियों के लिए ट्रम्प अकाउंट में योगदान दें।92 हजार केवल ट्रम्प प्रशासन के दौरान जन्मे बच्चों को मिलेगा। बच्चे के माता-पिता की इमिग्रेशन स्थिति कोई मायने नहीं रखती, कोई भी पैरेंट अकाउंट खोल सकता है। बड़े बच्चों के लिए अकाउंट खोला जा सकता है, लेकिन उन्हें राशि नहीं मिलेगा। समर्थक बोले- इससे गरीब बच्चों को भी अमेरिका की संपत्ति का हिस्सा मिलेगा समर्थकों का कहना है कि इससे ज्यादा लोग स्टॉक मार्केट से जुड़ेंगे और गरीबी में जन्मे बच्चों को भी अमेरिका की संपत्ति का हिस्सा मिलेगा। यह पूंजीवाद को बढ़ावा देगा, खासकर जब समाजवादी विचार बढ़ रहे हैं। निवेशक ब्रैड गर्स्टनर ने कहा, 'सोशलिज्म का जवाब पूंजीवाद है, इससे हर बच्चा जन्म से ही कैपिटलिस्ट बन जाता है।" 2022 में केवल 58% अमेरिकी घरों के पास स्टॉक या बॉन्ड थे और सबसे अमीर 1% के पास आधे से ज्यादा मूल्य था। इससे पहले कैलिफोर्निया, कनेक्टिकट और वॉशिंगटन डीसी जैसे जगहों पर 'बेबी बॉन्ड्स' जैसे कार्यक्रम चल रहे थे, लेकिन वे सिर्फ गरीब या फोस्टर केयर बच्चों के लिए थे।' आलोचक बोले- इससे अमीरों को फायदा, गरीबों को नुकसान आलोचकों का कहना है कि यह कार्यक्रम शुरुआती सालों में बच्चों की मदद नहीं करता, जब वे सबसे ज्यादा गरीबी और कमजोरी में होते हैं। ट्रम्प टैक्स बिल में ही फूड असिस्टेंस और मेडिकेड जैसी योजनाओं में कटौती की गई है। अमीर परिवार ज्यादा योगदान देकर ज्यादा फायदा उठाएंगे, जबकि गरीब परिवार कम योगदान दे पाएंगे और कम लाभान्वित होंगे। 92 हजार के सरकारी धन पर 7% सालाना रिटर्न मानें तो 18 साल बाद यह लगभग 3,10,960 रुपये हो जाएगा। सरकार के बराबर राशि कर्मचारियों के बच्चों के देंगी कंपनियां जेपी मॉर्गन चेस के CEO जेमी डाइमोन ने कहा कि उनकी कंपनी लंबे समय से अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए काम करती रही है। उन्होंने कहा कि इस योगदान से कर्मचारियों को जल्दी बचत शुरू करने और अपने परिवार के भविष्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी। बैंक ऑफ अमेरिका ने भी कहा है कि वह सरकार के 1,000 डॉलर के योगदान के बराबर राशि अपने योग्य कर्मचारियों के बच्चों के खातों में डालेगा। इसके साथ ही बैंक कर्मचारियों को यह सुविधा देगा। कई कंपनियां भी इस पहल में शामिल हो रही हैं। इंटेल ने कहा है कि वह भी अपने कर्मचारियों के बच्चों के खातों में सरकार के बराबर राशि जमा करेगा। वीजा ने घोषणा की है कि वह अपने क्रेडिट कार्ड धारकों को उनके रिवॉर्ड पॉइंट्स के जरिए ट्रम्प अकाउंट में पैसा जमा करने की इजाजत देगा। इसके अलावा, टर्निंग पॉइंट USA संगठन की CEO एरिका किर्क ने कहा है कि उनका संगठन भी अपने कर्मचारियों के नवजात बच्चों के लिए सरकार के 1,000 डॉलर के योगदान के बराबर राशि देगा। बच्चे के 18 साल पूरे होने पर पैसे निकाले जा सकेंगे दिसंबर में टेक्नोलॉजी इंटरप्रेन्योर माइकल डेल और उनकी पत्नी सुसन डेल ने घोषणा की थी कि वे 2.5 करोड़ अमेरिकी बच्चों के ट्रम्प अकाउंट में 250 डॉलर प्रति बच्चे के हिसाब से डोनेट करेंगे, जिसकी कुल राशि 6.25 अरब डॉलर होगी। चार्ल्स श्वाब, ब्लैकरॉक, BNY और चार्टर कम्युनिकेशंस जैसी कंपनियों ने भी पहले ही इस योजना के समर्थन का ऐलान कर दिया है। बुधवार को ट्रेजरी डिपार्टमेंट के एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रम्प ने अन्य अमेरिकी कंपनियों से भी अपील की कि वे अपने कर्मचारियों के ट्रम्प अकाउंट में योगदान करें। उन्होंने कहा कि यह योजना लोगों को घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट और अन्य जरूरतों के लिए बचत करने में मदद करेगी। ट्रम्प प्रशासन के मुताबिक, 4 जुलाई से परिवार ट्रम्प अकाउंट में पैसा जमा करना शुरू कर सकेंगे। सरकार की 1,000 डॉलर की राशि के अलावा, हर साल एक बच्चे के खाते में अधिकतम 5,000 डॉलर तक जमा किए जा सकेंगे। आमतौर पर बच्चे के 18 साल का होने से पहले इस खाते से पैसा नहीं निकाला जा सकेगा।
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