बिना एक भी क्लास लगे मिड टर्म एग्जाम हुए:SIR ड्यूटी में लगे सारे टीचर, स्टूडेंट्स ने कहा यूट्यूब से पढ़ने को मजबूर
कर्नाटक के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के स्टूडेंट्स को बिना किसी टाइम टेबल के SA-1 यानी मिड-टर्म परीक्षा देनी पड़ी, क्योंकि उनके शिक्षक पिछले तीन महीनों से SIR ड्यूटी पर थे और कोई क्लास नहीं हुई थी। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के जारी शेड्यूल के मुताबिक, मिड-टर्म परीक्षाएं 30 सितंबर को खत्म हुईं हैं और स्कूल दशहरा की छुट्टियों के लिए 3 से 21 अक्टूबर तक बंद रहेंगे। SIR का काम कर रहे टीचर्स ने अचानक स्कूल में परीक्षा को अन्याय बताया है। टीचर- स्टूडेंट्स कह रहे हैं पढ़ाने आ जाओ इस परीक्षा को लेकर SIR में ड्यूटी दे रहे एक एक स्कूल टीचर का कहना है ‘कम से कम हाई स्कूल के टीचर्स को SIR से छूट मिलनी चाहिए थी, क्योंकि 10वीं बोर्ड एक बहुत जरूरी क्लास है।’ टाइम टेबल घोषित होने के बाद मेरे कुछ स्टूडेंट्स ने मुझसे स्कूल लौटने की गुजारिश भी की थी लेकिन हम मजबूर हैं हमारी ड्यूटी लगा दी गई है। क्लासेज ही नहीं लगीं, कैसे समझें क्वेश्चन पेपर इस परीक्षा को लेकर स्टूडेंट्स भी परेशान हैं। उनकी शिकायत है कि जब उन्हें क्वेश्चन पेपर मिले तो उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया, क्योंकि उन्हें पढ़ाने वाले टीचर ही नहीं हैं। एक स्टूडेंट का कहना था, ‘अंग्रेजी और गणित की परीक्षाओं में मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था क्योंकि कोई क्लास नहीं हुई थी।’ वहीं एक दूसरे स्टूडेंट का कहना था, ‘मैं कुछ सवालों के जवाब दे पाया, क्योंकि वे पिछले साल के सिलेबस से जुड़े थे। बाकी ज्यादातर सवालों के जवाब मैंने नहीं दिए क्योंकि अभी तक हमें वो सब पढ़ाया ही नहीं गया है।’ स्टूडेंट्स यूट्यूब से पढ़ने को मजबूर हैं एक सरकारी सहायता प्राप्त हाई स्कूल की स्टूडेंट ने बताया कि उसने यूट्यूब पर फ्री क्लासेज से पढ़ाई की है। इससे मुझे परीक्षा में थोड़ी मदद मिली। पिछले तीन महीनों से हम सिर्फ हाजिरी लगवाने के लिए स्कूल जा रहे हैं। वहां कोई टीचर नहीं है। पेरेंट्स- प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाना मजबूरी कुछ स्कूल में स्टूडेंट्स असेसमेंट में शामिल भी नहीं हुए। एक पेरेंट्स ने कहा, ‘पिछले एक हफ्ते से परीक्षाएं हो रही थीं, लेकिन मेरी बेटी उनमें शामिल नहीं हुई क्योंकि स्कूल में कोई क्लास नहीं हुई थी। हालांकि उनका कहना है कि ‘बेटी 10वीं क्लास में है, इसलिए मैंने उससे छुट्टियों में प्राइवेट ट्यूशन लेने के लिए कहा। ट्यूशन फीस देना मुश्किल है, लेकिन मेरे पास कोई और विकल्प नहीं है क्योंकि उसकी आगे की पढ़ाई के लिए ये जरूरी है।’ स्टूडेंट्स ने कहा- टीचर जब लौटें तब दोबारा परीक्षा करवाई जाए वहीं स्टूडेंट्स ने अपने-अपने स्कूल से रिक्वेस्ट की है कि जब उनके टीचर वापस आ जाएं, तब दिसंबर में असेसमेंट दोबारा कराया जाए और दिसंबर की परीक्षा के अंकों पर विचार किया जाए। हालांकि कुछ स्कूलों ने क्लास लेने के लिए गेस्ट टीचर भी रखे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। बता दें कि कर्नाटक में मतदाता सूची का स्पेशल इंटेनसिव रिवीजन (SIR) 30 जून 2026 से शुरू हुआ था और इसकी पूरी प्रक्रिया फाइनल वोटर लिस्ट के साथ 27 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें.. NCERT की 9वीं की किताब से रूसी, फ्रांसीसी क्रांति गायब:7वीं सदी का भारत, रानी अब्बक्का जुड़े; जानें नई किताब से क्या हटा, क्या जुड़ा NCERT ने क्लास 9 की सोशल साइंस की नई किताब अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’ मंगलवार को जारी की। पूरी खबर पढ़ें..
नमो क्रिकेट लीग में मुख्यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों के साथ खेला क्रिकेट, बढ़ाया युवा खिलाड़ियों का उत्साह
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पंचकूला के ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित ‘नमो क्रिकेट लीग’ में प्रतिभाग कर युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेला और मैदान पर उतरकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया. मुख्यमंत्री को अपने बीच क्रिकेट खेलते देख खिलाड़ियों एवं उपस्थित खेलप्रेमियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला.
पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में उतरने का अपना ही आनंद है. खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई. उन्होंने कहा कि खेल हमें सिखाता है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीम भावना, निरंतर प्रयास, अनुशासन और पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ना जरूरी है. नमो क्रिकेट लीग में देश के विभिन्न हिस्सों से 30 से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनकी खेल प्रतिभा और उत्साह की सराहना की तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.
नशे की आदत से बचाने के लिए प्रेरित किया
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई. उन्होंने युवाओं से नशे से पूरी तरह दूर रहने और अपने साथियों एवं समाज के अन्य युवाओं को भी नशे की आदत से बचाने के लिए प्रेरित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमो क्रिकेट लीग’ का संदेश ‘क्रिकेट को हां और नशे को ना’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन की ओर ले जाने का संकल्प है.
लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून पालें
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जीवन में कोई लत लगानी ही है तो खेल और फिटनेस की लत लगाएं. यदि कोई जुनून पालना है तो अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून पालें. उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा नशे में नहीं, बल्कि खेल, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, धैर्य और टीम भावना को मजबूत करने का भी सशक्त माध्यम हैं. खेल के मैदान में खिलाड़ी जीत से विनम्रता और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना सीखता है.
स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ना अहम
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई पहचान और सम्मान मिला है. ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों ने युवाओं को खेलों तथा स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है. आज देश के गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती खेल प्रतिभाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है. यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे वर्षों का परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है.
आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय कहा जाता था कि ‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब’, लेकिन आज देश में इस सोच में बड़ा बदलाव आया है. अब खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और मंच मिल रहे हैं. आज यह कहा जा सकता है कि ‘खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब.’
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है, जबकि खेल जीवन को सकारात्मक दिशा, अनुशासन और नई पहचान देता है. उन्होंने कहा कि एक युवा नशे से बचेगा तो एक परिवार बचेगा, एक परिवार बचेगा तो समाज मजबूत होगा और मजबूत समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा. मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं ने ‘नशे को ना, खेल को हां’ का सामूहिक संकल्प लिया.
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