Mahindra ने भारत में लॉन्च किया नया बोलेरो कैम्पर और पिकअप, जानिए कीमत और फीचर्स
Bolero Camper and Pickup: महिंद्रा ने भारतीय बाजार में अपने लोकप्रिय बोलेरो कैम्पर और बोलेरो पिकअप के अपडेटेड वर्जन पेश कर दिए हैं. ये नए मॉडल खास तौर पर उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जिन्हें रोजमर्रा के काम के लिए मजबूत और टिकाऊ वाहन की जरूरत होती है. नई बोलेरो सीरीज में पहले से बेहतर मैकेनिकल पार्ट्स दिए गए हैं.
इससे गाड़ी की लाइफ बढ़ती है और लंबे समय तक बिना परेशानी के इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी का दावा है कि ये वाहन कठिन रास्तों और भारी काम में भी शानदार प्रदर्शन करते हैं. चलिए हम आपको इस वीडियो इसकी कीमत और फीचर्स के बारे में बताते हैं.
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PF Accounts: जॉब बदलते ही ये गलती अटका सकती है आपका PF, जानिए किन बातों का रखना होगा ध्यान
PF Accounts: अच्छी सैलरी, बेहतर करियर ग्रोथ और अच्छे वर्क एनवायरमेंट की तलाश में प्राइवेट नौकरी करने वाले लोग अक्सर कंपनी बदलते रहते हैं. नौकरी बदलने से फायदा तो मिलता है, लेकिन इसी बीच एक छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. यह लापरवाही है पीएफ अकाउंट को अपडेट या मर्ज न करना.
नौकरी बदलने के साथ बदल जाती है मेंबर आईडी
दरअसल, जब भी कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है, तो उसकी मेंबर आईडी बदल जाती है, लेकिन UAN नंबर वही रहना चाहिए. कई बार जानकारी की कमी या HR की गलती से नया UAN बन जाता है. ऐसे में कर्मचारी के नाम पर दो पीएफ अकाउंट हो जाते हैं और पैसा अलग-अलग खातों में बंट जाता है.
खातों को मर्ज करना जरूरी
अगर समय रहते इन खातों को मर्ज नहीं किया गया, तो आगे चलकर पीएफ निकालने, ट्रांसफर करने और ब्याज से जुड़ी दिक्कतें आने लगती हैं. इतना ही नहीं, टैक्स से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं.
अगर आपके पास दो UAN हैं तो क्या करें?
घबराने की जरूरत नहीं है. EPFO के नियमों के मुताबिक, जो UAN आपकी मौजूदा नौकरी से जुड़ा है, वही एक्टिव रहना चाहिए. पुराने UAN से जुड़े पीएफ अकाउंट को नए UAN में मर्ज कराया जा सकता है. इसके लिए EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाकर Form-13 ऑनलाइन भरना होता है.
KYC अपडेट क्यों जरूरी है?
पीएफ ट्रांसफर तभी सफल होता है, जब आपके एक्टिव UAN में KYC पूरी तरह अपडेट और वेरीफाइड हो. इसमें ये जानकारी जरूरी है—
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- बैंक अकाउंट डिटेल
KYC अपडेट होने के बाद जैसे ही Form-13 सबमिट करते हैं, पुराना पीएफ बैलेंस अपने आप नए अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है.
पीएफ खाता मर्ज करने के फायदे
पीएफ अकाउंट मर्ज कराने से आपका पूरा पैसा एक जगह आ जाता है. ब्याज का नुकसान नहीं होता, टैक्स की दिक्कतें कम होती हैं और पूरा सर्विस पीरियड जुड़ जाता है. रिटायरमेंट के समय आपको एक अच्छी-खासी रकम मिलती है. अगर खाते अलग-अलग पड़े रहें, तो कुछ पीएफ अकाउंट इनऑपरेटिव हो सकते हैं, जिससे ब्याज और टैक्स दोनों का नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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