नेतन्याहू ने रची थी हाईजैकिंग की साजिश? फ्लाईदुबई केस में ईरान का बड़ा आरोप
Flydubai Flight Case: फ्लाईदुबई फ्लाइट केस में नया मोड़ देखने को मिल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जब केस में ईरान पर संदेह जताया तो ईरान ने भी पलटकर जवाब दिया है. ईरान ने नया दावा करते हुए इजरायली पीएम नेतन्याहू पर गंभीर आरोप लगाया है. ईरान का दावा है कि नेतन्याहू ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ नए युद्ध में शामिल करने के लिए विमान हाईजैक की झूठी साजिश रची.
प्रेस टीवी के सूत्रों के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान को जिम्मेदार ठहराने के लिए कथित तौर पर एक फर्जी विमान अपहरण की घटना का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे थे. सूत्र का दावा है कि इस योजना का मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ एक और सैन्य संघर्ष में शामिल करना था.
Sources to Press TV: Netanyahu conspiring ridiculous false-flag scenarios such as plane hijack to accuse Iran pic.twitter.com/TrDaAfllWb
— Press TV ???? (@PressTV) October 1, 2026
इजरायल जा रहे प्लेन में हुई थी घटना
मामले से जुड़े एक क्षेत्रीय सूत्र ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से इजरायल की ओर जा रहे एक अमीराती विमान के अपहरण और उसके बाद सऊदी अरब में उतरने की घटना इसी योजना का हिस्सा थी. यह घटना नेतन्याहू की UAE यात्रा के कुछ दिन बाद सामने आई. इस यात्रा के दौरान उन्होंने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बंद कमरे में बातचीत की थी और उनके साथ कई वरिष्ठ सैन्य और खुफिया अधिकारी भी थे.
सूत्र के मुताबिक, नेतन्याहू की UAE यात्रा के दौरान कई अरब देशों के अधिकारियों के साथ भी बातचीत हुई थी. इसमें कथित तौर पर एक ऐसी योजना पर चर्चा की गई, जिसे बाद में ईरान से जोड़कर पेश किया जा सकता था. सूत्र का दावा है कि इस योजना का अंतिम उद्देश्य ट्रंप को ईरान के खिलाफ एक नए युद्ध में शामिल करना था.
राजनीतिक स्थिति का बताया तर्क
सूत्र ने यह भी दावा किया कि नेतन्याहू इजरायल में अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं. उनके मुताबिक, अगर मौजूदा हालात में नेसेट चुनाव होते हैं और नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत हासिल नहीं कर पाता, तो उनके लिए सत्ता में बने रहना मुश्किल हो सकता है. सूत्र ने आरोप लगाया कि इसी वजह से नेतन्याहू अमेरिका और ट्रंप के समर्थन का इस्तेमाल करके ईरान के खिलाफ फिर से बड़े सैन्य अभियान की कोशिश कर रहे हैं.
ट्रंप ने ईरान पर जताई थी आशंका
फ्लाइदुबई Flight FZ1073 घटना को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाया है. ट्रंप ने कहा कि शुरुआती जानकारी के आधार पर विमान को क्रैश करने की कोशिश करने वाले ओमान के नागरिक को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है. उन्होंने आशंका जताई कि को-पायलट को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने वहां भेजा हो सकता है या किसी दूसरे तरीके से कट्टरपंथी बनाया गया हो. हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि मामले की अभी जांच चल रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जांच में विमान घटना में ईरान की भूमिका साबित होती है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा.
पुतिन बोले- मोदी हमेशा यूक्रेन युद्ध पर बात करते हैं:उनके पास जंग खत्म करने के अच्छे सुझाव; 5 मौकों पर PM ने यह मुद्दा उठाया
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात उठाते हैं। उनके पास जंग रोकने के अच्छे सुझाव हैं, जिसे दोनों पक्ष मान सकें। पुतिन ने मॉस्को में वाल्दाई फोरम के दौरान PM का आभार भी जताया। उन्होंने कहा, मोदी हमारे अच्छे दोस्त हैं, फिर भी वे लगातार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात उठाते हैं। वे जल्द युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं। मैं इसके लिए उनका आभार जताता हूं। PM मोदी 5 बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठा चुके हैं। सितंबर में पुतिन-मोदी की मुलाकात में भी जंग पर बातचीत हुई थी नई दिल्ली में BRICS समिट से पहले 11 सितंबर को पुतिन और PM मोदी के बीच मुलाकात हुई थी। इस दौरान पुतिन ने मोदी को यूक्रेन युद्ध की मौजूदा स्थिति और शांति के लिए चल रही कोशिशों की जानकारी दी थी। इस मुलाकात से कुछ दिन पहले रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि रूस यूक्रेन संघर्ष खत्म करने के लिए भारत की किसी भी शांति कोशिश का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा था कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति से निकालने की भारत की सोच और रूस की रणनीति काफी हद तक एक जैसी है। पुतिन ने भारत की एकता की भी तारीफ की पुतिन ने भारत की अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों के साथ मिल-जुलकर रहने की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “भारत का आकार और यहां की अलग-अलग तरह की संस्कृतियां हैरान करती हैं।” पुतिन ने बताया कि बहुत कम लोग यह जानते हैं, लेकिन PM मोदी ने उन्हें बताया था कि भारत की 1.5 अरब आबादी में करीब 60 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। बाकी लोग अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। इसके बावजूद सभी लोग साथ मिलकर रहते हैं। पुतिन ने इसे अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि भारत की यही खासियत उसकी संस्कृति को खास बनाती है। यह दिखाता है कि अलग-अलग होने के बावजूद लोग एक साथ रह सकते हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया को भारत से यह सीखना चाहिए।” खबर लगातार अपडेट हो रही है…
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