बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों के खातों में अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रारंभिक तौर पर 10,000 रुपये की राशि हस्तांतरित करने के छह महीने बाद उठाया गया है। अब अतिरिक्त राशि उनके व्यवसायों की सफलता के आधार पर दी जाएगी। अब तक 15 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने X पर योजना के दूसरे चरण की घोषणा करते हुए कहा कि राशि दो चरणों में दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि आप सभी को पता है कि हमलोगों ने राज्य की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ प्रारंभ की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके। इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रु० की राशि प्रदान की गई है। अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डी०बी०टी० के जरिए राशि अंतरित कर दी गई है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डी०बी०टी० के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी।
उन्होंने आग कहा कि इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह राशि चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने हेतु सदुपयोग किया गया हो। अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी।
नीतीश ने कहा कि विभाग को निदेश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र, दीदी की रसोई इत्यादि। इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन से राज्य की राजनीति में ऐसा शून्य उत्पन्न हो गया है, जिसे जल्द भर पाना संभव नहीं होगा।
शाह ने बारामती में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुखअजित पवार (66) के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पवार को लोकप्रिय रूप से ‘दादा’ (बड़े भाई) के नाम से जाना जाता था।
पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार को एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
पवार का आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज के मैदान में अंतिम संस्कार किया गया। यह कॉलेज पवार परिवार द्वारा स्थापित किया गया है।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में शाह ने कहा, “अजित पवार जी के अंतिम दर्शन कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। समाज और जनता के लिए समर्पित अजित पवार जी के असामयिक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसी शून्यता उत्पन्न हुई है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी।”
यह दुर्घटना बारामती हवाई अड्डे के पास उस समय हुई जब विमान लैंडिंग का प्रयास कर रहा था।
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