अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को भारत के साथ यूरोपीय संघ के व्यापार समझौते के बारे में बात करते हुए कहा कि वह यूरोप से निराश हैं। भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सभी समझौतों की जननी बताया। सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में बेसेंट ने कहा कि यूरोप रूसी तेल आपूर्ति से बने परिष्कृत उत्पादों को भारत से खरीद रहा है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ के बराबर टैरिफ लगाने को तैयार नहीं है क्योंकि वे एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अमेरिका ने पिछले साल रूसी तेल की खरीद का हवाला देते हुए भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता अमेरिका के लिए खतरा पैदा करेगा, तो बेसेंट ने सीएनबीसी से कहा कि उन्हें (यूरोप को) वही करना चाहिए जो उनके लिए सबसे अच्छा हो, लेकिन मैं आपको बता दूं, मुझे यूरोपीय बहुत निराशाजनक लगे। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि यूरोपीय देश (उच्च टैरिफ पर) हमारे साथ शामिल होने को तैयार नहीं थे, और पता चला कि वे इस व्यापार समझौते को करना चाहते थे। इसलिए जब भी आप किसी यूरोपीय को यूक्रेनी लोगों के महत्व के बारे में बात करते हुए सुनें, तो याद रखें कि उन्होंने यूक्रेनी लोगों से ऊपर व्यापार को रखा है। यूरोपीय संघ भारत के 99% निर्यात पर शुल्क समाप्त करेगा।
व्यापार समझौते के तहत, यूरोपीय संघ सात वर्षों में मूल्य के हिसाब से भारत के 99% निर्यात पर शुल्क समाप्त कर देगा। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही 33 अरब डॉलर के श्रम-प्रधान सामानों, जिनमें कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न और आभूषण शामिल हैं, पर शुल्क में कटौती की जाएगी। भारत भी यूरोपीय संघ के 96.6% निर्यात पर शुल्क में कटौती करेगा, जिसमें से लगभग एक तिहाई कटौती समझौते के 2027 की शुरुआत में लागू होते ही तुरंत प्रभावी हो जाएगी। भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष लेयेन की भी मेजबानी की। गणतंत्र दिवस समारोह में भी दोनों नेता मुख्य अतिथि थे।
Continue reading on the app
Shukra Pradosh Vrat 2026 Shubh Sanyog: जनवरी के अंतिम प्रदोष व्रत पर 4 शुभ संयोग बन रहे हैं. इसकी वजह से यह शुक्र प्रदोष व्रत और भी पुण्य फलदायी हो गया है. शुक्र प्रदोष माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को है. यह माघ माह का भी अंतिम प्रदोष व्रत है. शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय में करते हैं. इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 38 मिनट का है. प्रदोष व्रत में भगवान शिव को गंगाजल, शहद, चंदन, बेलपत्र आदि चढ़ाते हैं, लेकिन कुछ वस्तुओं को चढ़ाना वर्जित है. शिव जी की पूजा में उनको नहीं चढ़ाते हैं. आइए जानते हैं शुक्र प्रदोष व्रत पर बनने वाले 4 शुभ संयोग, पूजा मुहूर्त और शिव जी को क्या नहीं चढ़ाते हैं?
Continue reading on the app