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ओरी बोले- शादी जयपुर में हुई, मुंबई में रिसेप्शन होगा:एयरपोर्ट पर अंगूठी दिखाई; पूरा फैशन इवेंट ‘ओरी वेडिंग’ के नाम से हुआ

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणि उर्फ ओरी सोमवार को जयपुर एयरपोर्ट से मुंबई के लिए रवाना हुए। इस दौरान ओरी ने हाथ में पहनी शादी की अंगूठी भी दिखाई। ओरी ने कहा- शादी जयपुर में हो चुकी है। अब मुंबई में रिसेप्शन होगा। दरअसल, जयपुर के होटल फेयरमॉन्ट में 27 सितंबर की रात एक खास फैशन इवेंट आयोजित किया गया था। जिसे ‘ओरी वेडिंग’ के नाम से प्रमोट किया गया था। पूरा फैशन इवेंट ओरी की शादी की थीम पर हुआ। इसमें मनोरंजन और सोशल मीडिया जगत के स्टार्स शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ओरी ने रैंपवॉक की। खुद से शादी करने की बात कहकर सभी का ध्यान खींचा। यह पारंपरिक शादी नहीं थी, बल्कि फैशन और मनोरंजन से जुड़ा एक क्रिएटिव कॉन्सेप्ट था। इसी के जरिए जयपुर में एक फैशन ब्रांड को लॉन्च किया गया। एयरपोर्ट और इवेंट के फोटोज देखिए… फेक वेडिंग कॉन्सेप्ट के जरिए फैशन ब्रांड लॉन्च जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को एक फेक वेडिंग कॉन्सेप्ट के तौर पर तैयार किया गया था। इसका उद्देश्य एक फैशन ब्रांड को अनोखे अंदाज में लॉन्च करना था। कार्यक्रम में नेशनल मॉडल्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, एक्टर्स और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। पूरे इवेंट को शादी की थीम पर तैयार किया गया था, जिसमें ओरी मुख्य आकर्षण रहे। रैंपवॉक से लेकर उनके वेडिंग लुक और ‘खुद से शादी’ के कॉन्सेप्ट ने कार्यक्रम को सामान्य फैशन इवेंट से अलग बना दिया। दोबारा कार में बैठ गए ओरी ओरी के जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने के दौरान एक दिलचस्प वाक्या देखने को मिला। मुंबई से आई पैपराजी टीम एयरपोर्ट पर उनका इंतजार कर रही थी। जब ओरी कार से नीचे उतरे तो उन्हें शुरुआत में पैपराजी नजर नहीं आए। इसके बाद वे वापस कार में जाकर बैठ गए। कुछ देर बाद जब उन्हें पैपराजी की टीम दिखाई दी तो ओरी दोबारा कार से बाहर आए और मीडिया के सामने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने अंदाज में पोज दिए और मीडिया से बातचीत भी की। ये भी पढ़ें… जयपुर पहुंचे ORRY, शादी मुबारक कार्यक्रम में दूल्हा बनेंगे:मुंबई से साथ आए बाउंसर्स टी-शर्ट पर लिखा था ‘ओरी गार्ड’, एयरपोर्ट पर पहुंचे फैंस जयपुर में ORRY की शादी!:होटल में दो दिन अलग-अलग इवेंट होंगे; सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल आए

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पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान

सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। श्वेता सिंह कीर्ति ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा- ‘आप सब जानते हैं कि जो भाई के साथ हुआ वो गलत है। हमें कुछ समय पहले ही पता चला है कि भाई का पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने कहा है कि उस पर स्टन गन इस्तेमाल हुई थी। उसके पैर टूटे हुए थे। उस पर काफी सारा फोर्स लगाया गया था। आंखों में भी चोट आई थी।’ आगे श्वेता सिंह कीर्ति ने कहा, ‘आप लोगों को लगता है कि भाई के साथ जो हुआ वो गलत था, जाहिर तौर पर गलत था। हम सब दिलों में जानते हैं कि जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था। मैं आप सबसे कहना चाहती हूं कि मैं उसकी बहन हूं, मैं जानती हूं कि ये कैसा लगता है कि हमारे किसी करीबी से साथ ऐसा कुछ हुआ है। जब ये हमारे साथ हो, तो हम माफ कर सकते हैं, लेकिन किसी अपने के साथ ऐसा हो तो ये भूलने के लिए काफी हिम्मत लगती है।’ श्वेता ने वीडियो के आखिर में लोगों से अपील की है कि वो नफरत या बदले की भावना न रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी फैंस भगवान पर भरोसा रखें। वीडियो के कैप्शन में श्वेता ने लिखा है, ‘मैं ये नहीं कह रही हूं कि न्याय और सही के लिए लड़ाई मत करो, मैं कह रही हूं कि इसे प्यार की भावना के साथ करें बदले की भावना के साथ नहीं।’ बता दें कि श्वेता सिंह कीर्ति में कहीं भी साफ नहीं किया है कि पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने उनसे या किसी एथॉरिटी से बात की है या नहीं। ना ही उन्होंने इन दावों से जुड़े कोई साक्ष्य दिखाए हैं। दैनिक भास्कर उनके दावों की पुष्टि नहीं करता है। CBI जांच में मौत को आत्महत्या करार दिया गया सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है। इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई। मैनेजर दिशा सालियान डेथ केस से फिर चर्चा में सुशांत का मामला सुशांत सिंह राजपूत के निधन से एक हफ्ते पहले ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा के पिता की मांग पर 13 सितंबर को दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच CBI का सौंपी गई है। दिशा सालियान डेथ केस की जांच दोबारा शुरू होने से सुशांत का केस भी फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है, 'मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।' चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।

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एशियन गेम्स: पिता को चार साल से कैंसर, दूध बेचकर घर चलाती हैं मां, दो साल के बैन के बावजूद परवीन हुड्डा ने जीता गोल्ड

Parveen Hooda Asian Games Gold Medal: परवीन हुड्डा ने पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चाइनीज ताइपे की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर एशियन गेम्स का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता. परवीन का ये सफर बिलकुल भी आसान नहीं रहा. उनके पिता कैंसर के मरीज हैं और मां घर चलाने के लिए मजबूरी में भैंस का दूध बेचती हैं. वैसे खेल के दमपर परवीन को सरकारी नौकरी जरूर मिली. वह ITBP में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जैसी छोटे से पद पर हैं. Fri, 2 Oct 2026 16:09:31 +0530

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