मां से 500 रुपये लेकर निकले थे, फिर कभी घर नहीं लौटे 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' के एक्टर विशाल ठक्कर, जानें गुमशुदगी की पूरी कहानी
Vishal Thakkar Missing For More Than 10 Years: बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त (Sanjya Dutt) की फिल्म 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' (Munna Bhai MBBS) में यादगार किरदार निभाने वाले एक्टर विशाल ठक्कर (Vishal Thakkar) को शायद ही कोई भूल पाया हो. इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसा किरदार निभाया था, जो अपनी लाइफ से हारकर आत्महत्या करने कोशिश करता है और मुन्ना भाई उसे लाइफ जीने की उम्मीद देता है. जिस शख्स ने पर्दे पर अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश की थी वो करीब 10 साल से ज्यादा समय से मिसिंग है, करीब 11 साल बाद भी यह एक अनसुलझा सवाल है. वह 31 दिसंबर 2015 को घर से निकले थे और फिर कभी वापस नहीं लौटे. आज तक उनका कोई पक्का पता नहीं चल पाया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक बार फिर उनकी गुमशुदगी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर विशाल ठक्कर कहां हैं.
नए साल की रात मां से लिए थे 500 रुपये
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 दिसंबर 2015 को मुंबई नए साल के जश्न में डूबी हुई थी और विशाल ठक्कर अपने माता-पिता के साथ मुलुंड स्थित अपार्टमेंट में रहते थे. बताया जाता है कि उन्होंने रात में अपनी मां दुर्गा ठक्कर से फिल्म देखने चलने के लिए पूछा था. लेकिन उनकी मां ने थकान वजह से मना कर दिया था. विशाल 500 रुपये लेकर अकेले फिल्म देखने के लिए घर से निकल पड़े. यही आखिरी मौका था, जब उनकी मां ने उन्हें अपनी आंखों से आखिरी बार देखा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विशाल दोस्तों के साथ 'स्टार वॉर्स: द फोर्स अवेकन्स' देखने गए थे और इससे जुड़ी पोस्ट उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की थी.
पिता को आया था आखिरी मैसेज
बताया जाता है कि जब रात काफी बीत गई, उसके बाद भी विशाल घर नहीं लौटे. उनके परिवार को लगा कि वह शायद अपने दोस्तों के साथ कहीं रुक गए होंगे. इसी रात उनके पिता के पास एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था, 'मैं न्यू ईयर की पार्टी में जा रहा हूं, सुबह मिलते हैं.' इस मैसेज के बाद फैमिली ने उनके बारे में ज्यादा चिंता नहीं की. लेकिन अगली सुबह भी विशाल जब घर नहीं पहुंचे तो उनकी मां ने उनके मोबाइल पर कई बार फोन किया और उनका फोन बंद था.
6 जनवरी को दर्ज की शिकायत
विशाल के घर वालों ने करीब पांच दिन का इंतजार करने के बाद 6 जनवरी 2016 को पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और विशाल के मोबाइल की आखिरी लोकेशन सामने आई. रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका मोबाइल ठाणे के घोड़बंदर रोड इलाके में था. कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि उस समय उनकी गर्लफ्रेंड रजनी राठौड़ भी उनके साथ थीं.
आखिरी बार कहां दिखे थे विशाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने बताया था कि विशाल और रजनी नए साल का जश्न मनाने के बाद वापस लौट रहे थे. इस दौरान दोनों मुंबई-अहमदाबाद हाईवे की तरफ एक रिसॉर्ट में भी रुके थे, जहां उन्होंने पार्टी की. अगले दिन दोनों मुंबई लौट रहे थे. रजनी के बयान के अनुसार, विशाल ने कहा था कि उन्हें अंधेरी में एक दोस्त से मिलना है और शूटिंग के लिए जाना है. जिसके बाद वह ऑटोरिक्शा में बैठकर वहां से निकल गए. यही वह आखिरी जगह बताई गई, जहां विशाल को देखा गया था. इसके बाद उनका फोन बंद हो गया.
विशाल पर लगे थे रेप के आरोप
विशाल के गायब होने से करीब तीन महीने पहले उनकी गर्लफ्रेंड ने उन पर रेप के आरोप लगाए थे. इस मामले में पुलिस में शिकायत भी हुई थी और रिपोर्ट्स के मुताबिक विशाल को गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, बाद में उनकी गर्लफ्रेंड ने शिकायत वापस ले ली और दोनों के बीच सुलह हो गई थी. विशाल की मां ने भी उस समय इसे आपसी झगड़ा बताया था.
गर्लफ्रेंड की भी बाद में हो गई मौत
इस मामले को लेकर एक और बात ने लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा. विशाल के लापता होने के करीब दो साल बाद उनकी गर्लफ्रेंड रजनी की भी मौत हो गई थी. उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई थी. हालांकि, विशाल की गुमशुदगी से जुड़ी कोई ठोस जानकारी फिर भी सामने नहीं आई. पुलिस जांच में अलग-अलग एंगल से विचार किया गया, लेकिन यह तय नहीं हो सका कि विशाल को कहां है.
10 साल बाद फिर सोशल मीडिया पर चर्चा
विशाल ठक्कर को लापता हुए अब 10 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है. सोशल मीडिया के एक रिडिट पोस्ट पर भी लोगों ने उनकी गुमशुदगी को लेकर चर्चा की और कुछ सवाल भी उठाए थे कि इतने साल बाद भी उनका कोई पता क्यों नहीं चल पाया. आज भी 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' में उनका किरदार देखकर विशाल की याद आ जाती है. लेकिन असल लाइफ में आज तक यह साफ नहीं हो सका कि उनके साथ क्या हुआ.
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हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मिली मंजूरी
हरिद्वार में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई है. मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक बैच में 50 एमबीबीएस छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा. यह मेडिकल कॉलेज हरिद्वार स्थित मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए प्रारंभ किया जाएगा.
उपलब्ध संसाधनों का उपयोग
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी 30 जून, 2026 को नई दिल्ली स्थित ईएसआईसी मुख्यालय में आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा निगम की 198वीं बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में प्रदान की गई है. इसके तहत मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जाएगा.
रोजगार मंत्री का आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी प्रदान किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री का आभार व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं.
महत्वपूर्ण संस्थान उपलब्ध होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से राज्य में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा तथा युवाओं को एमबीबीएस की शिक्षा के लिए एक और महत्वपूर्ण संस्थान उपलब्ध होगा. इसके साथ ही क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ करने में भी मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जाने से उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा. इससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने के साथ ही क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी.
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