Responsive Scrollable Menu

गुजरात के सरकारी कॉलेज छात्रों की बल्ले-बल्ले, पढ़ाई के लिए सरकार देगी सालाना छात्रवृत्ति

गुजरात राज्य में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना लागू की गई है. यह योजना Government of Gujarat के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित करना है.

योजना का उद्देश्य क्या है? 

इस योजना का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से सक्षम न होने वाले लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को सहायता देना है. विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय में पढ़ने वाले छात्रों को वार्षिक छात्रवृत्ति देकर उनकी शिक्षा से जुड़ी आर्थिक बाधाओं को कम किया जाता है. इससे सरकारी कॉलेजों में नामांकित छात्रों को पढ़ाई जारी रखने और बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलता है.

छात्रवृत्ति के लाभ

योजना के अंतर्गत छात्रों को संकाय के अनुसार अलग-अलग छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाती है. विज्ञान संकाय के छात्रों को 3,000 रुपये प्रति वर्ष, वाणिज्य संकाय के छात्रों को 2,000 रुपये प्रति वर्ष और कला संकाय के छात्रों को 1,000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता दी जाती है. यह राशि छात्रों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होती है.

पात्रता शर्तें क्या है? 

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का गुजरात राज्य का निवासी होना अनिवार्य है. छात्र किसी सरकारी कॉलेज में अध्ययनरत होना चाहिए और कला, वाणिज्य या विज्ञान संकाय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा हो. आवेदक ने उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र परीक्षा उत्तीर्ण की हो. इसके साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त करना आवश्यक है.

आवेदन प्रक्रिया क्या है? 

छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. इच्छुक छात्र Digital Gujarat Portal पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. सबसे पहले पंजीकरण कर प्रोफाइल अपडेट करना आवश्यक है. इसके बाद स्कॉलरशिप सेवाओं में जाकर संबंधित योजना का चयन कर आवेदन फॉर्म भरना होता है. सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन को अंतिम रूप से सबमिट किया जाता है.

जानें महत्वपूर्ण निर्देश

आवेदन करते समय फोटो अपलोड करना अनिवार्य है. सभी विवरण सही और पूर्ण होने पर ही आवेदन मान्य माना जाएगा. एक छात्र केवल एक ही आवेदन कर सकता है. गलत या भ्रामक जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है. अपठनीय दस्तावेज या अधूरी जानकारी के कारण भी आवेदन रद्द होने की संभावना रहती है.

आवश्यक दस्तावेज क्या क्या लगेंगे? 

आवेदन के लिए स्नातक अंकपत्र, एचएससी उत्तीर्ण प्रमाणपत्र और आवश्यकतानुसार अन्य दस्तावेज अपलोड करने होते हैं. यह छात्रवृत्ति योजना गुजरात के सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है और राज्य में उच्च शिक्षा को मजबूती प्रदान कर रही है.

ये भी पढ़ें- गुजरात सरकार की मुख्यमंत्री कृषि यंत्रीकरण योजना से किसानों को मिलेगा ₹11 लाख तक का अनुदान

Continue reading on the app

पाकिस्तान में सैन्य शक्ति का और सुदृढ़ीकरण, जनता का भरोसा कमजोर: रिपोर्ट

इस्लामाबाद, 28 जनवरी (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में असहमति को दबाकर और प्रमुख वैश्विक शक्तियों की अस्थायी सहानुभूति हासिल कर बनाई गई आंतरिक स्थिरता की छवि बेहद नाजुक है। हाइब्रिड शासन व्यवस्था अब भी जनता का भरोसा हासिल करने में विफल रही है और व्यवस्था में बना हुआ “व्यवस्था का भ्रम” अपने ही पतन के बीज समेटे हुए है।

ईस्ट एशिया फोरम के लिए लिखते हुए इस्लामाबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज के कार्यकारी निदेशक इम्तियाज गुल ने कहा कि वर्ष 2025 में पाकिस्तान में सैन्य शक्ति का निर्णायक रूप से सुदृढ़ीकरण हुआ। उन्होंने लिखा कि पहले जिस हाइब्रिड सिस्टम में नागरिक राजनेता सामने रहते थे और वास्तविक सत्ता सेना के पास होती थी, वह अब खुली सैन्य प्रधानता में बदल चुका है।

इम्तियाज गुल के अनुसार, “कई पाकिस्तानियों के लिए 2025 लोकतंत्र के और क्षरण का वर्ष साबित हुआ। न्यायपालिका और कमजोर हुई, संसद की ताकत घटी और निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका महज आज्ञाकारी बनकर रह गई। फरवरी 2024 के विवादित चुनावों के बाद गठित नेशनल असेंबली के अधिकांश सदस्य सैन्य प्रतिष्ठान के बेहद करीब नजर आए। कई विधायी कदमों के जरिए नागरिक संस्थाओं से अधिकारों का हस्तांतरण सशस्त्र बलों की ओर औपचारिक रूप से किया गया, जहां लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा की बजाय ‘स्थिरता’ को प्राथमिकता दी गई।”

रिपोर्ट के मुताबिक, इन घटनाक्रमों से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का हाशियाकरण और गहरा हुआ। अगस्त 2023 से कथित रूप से “राजनीतिक प्रेरित” आरोपों में हिरासत में रखे गए इमरान खान की गिरफ्तारी ने देश में आंतरिक अशांति को और बढ़ाया।

रिपोर्ट में कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी से कई महीने पहले इमरान खान के समर्थकों ने अमेरिकी रिपब्लिकन सांसदों ऑगस्ट फ्फ्लूगर, जो विल्सन और जैक बर्गमैन के साथ-साथ ट्रंप के करीबी सहयोगी रिचर्ड ग्रेनेल से भी खान की रिहाई के लिए पैरवी की थी। हालांकि, बाद के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों ने इन प्रयासों को निष्फल कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की हिरासत को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बनी रही। दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र की यातना मामलों की विशेष दूत एलिस जिल एडवर्ड्स ने अदियाला जेल में कथित अमानवीय हालात, जिनमें लंबे समय तक एकांत कारावास भी शामिल है, को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।

पाकिस्तान की नागरिक-सैन्य नेतृत्व को तब अंतरराष्ट्रीय ध्यान मिला, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को अपना “पसंदीदा फील्ड मार्शल” बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस गर्मजोशी ने इमरान खान समर्थकों की उन उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया कि बाहरी दबाव से उनकी रिहाई संभव हो पाएगी। गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद से इमरान खान पर 180 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि 2025 की घटनाएं दर्शाती हैं कि किस तरह रणनीतिक सुविधा के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की बलि आसानी से चढ़ा दी जाती है। अमेरिका की चीन और रूस के साथ बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के बीच, सैन्य नेतृत्व वाला पाकिस्तान वॉशिंगटन की प्राथमिकताओं के साथ खुद को जोड़ता नजर आया।

रिपोर्ट के अनुसार, भू-राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मानवाधिकार रिकॉर्ड पर वैश्विक निगरानी भी कमजोर पड़ी।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई, “पाकिस्तान में, जहां असंतोष बार-बार उबाल पर आ जाता है, अल्पकालिक व्यवस्था अंततः कहीं अधिक गहरे और खतरनाक अव्यवस्था की भूमिका बन सकती है।”

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप में भारत का करेगा बॉयकॉट, नुकसान से बचने का प्लान कर रहा तैयार

IND vs PAK T20 WC: पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर सकता। PCB इसे सरकार का आदेश बताकर ICC कार्रवाई से बचना चाहता है। Thu, 29 Jan 2026 11:55:31 +0530

  Videos
See all

Ajit Pawar Death Last Rites News Update: अजित पवार को अंतिम विदाई दे ने उमड़ पड़ा पूरा Baramati #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T06:34:01+00:00

अब शिक्षा भी बांटी जाएगी, इस भारत की माटी में…#jago #jagopoem #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T06:30:15+00:00

Ajit Pawar Death Last Rites News Update: अजित पवार के परिवार वालों ने दी अंतिम विदाई | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T06:33:26+00:00

DGCA‑फॉरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सैंपल, जल्द सामने आएगा अजित पवार की मौत का रहस्य | Ajit Pawar #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T06:36:09+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers