Responsive Scrollable Menu

क्यों लगातार घट रही है चीन की आबादी?

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। चीन सरकार द्वारा जनसंख्या बढ़ाने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए जाने के बावजूद देश की आबादी लगातार घट रही है और समाज तेजी से बुजुर्ग होता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन में जन्म दर ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर पहुंच गई है।

ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल चीन में केवल 79.2 लाख बच्चों का जन्म हुआ, जो इससे पिछले वर्ष 95.4 लाख के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत कम है। यह आंकड़ा 1949 के बाद सबसे कम है। म्यांमार स्थित मेकॉन्गन्यूज़ की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन की कुल आबादी 33.9 लाख घटकर 1.4049 अरब रह गई, जबकि मौतों की संख्या बढ़कर 1.13 करोड़ हो गई, जो पिछले पांच दशकों में सबसे अधिक में से एक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये आंकड़े तेज़ी से लागू की जा रही पारिवारिक सहायता नीतियों और चाइल्डकेयर सब्सिडी की विफलता को दर्शाते हैं। साथ ही, यह दशकों तक चली सख्त पारिवारिक नियोजन नीतियों के कारण पैदा हुए जनसांख्यिकीय असंतुलन और बढ़ती उम्र वाली आबादी की समस्या को भी उजागर करता है।

चीनी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि आबादी में लगातार हो रही गिरावट आने वाले दशकों में देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार बाजार और सामाजिक संरचना को गहराई से प्रभावित करेगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि युवा पीढ़ी का देर से शादी करना या बिल्कुल शादी न करना, बढ़ती महंगाई, आवास की असुरक्षा और कड़ी कार्यस्थल प्रतिस्पर्धा जैसी सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां माता-पिता बनने की इच्छा को कमजोर कर रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटती और बुजुर्ग होती आबादी दीर्घकालिक उत्पादकता के लिए खतरा है, पेंशन प्रणाली पर दबाव डालती है और उपभोक्ता आधार को कमजोर कर सकती है, जबकि चीन का नेतृत्व घरेलू मांग आधारित आर्थिक विकास पर जोर देने की कोशिश कर रहा है।

इस बीच, बीजिंग ने बीते एक साल में जनसंख्या बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं। इनमें तीन साल से कम उम्र के प्रत्येक बच्चे के लिए अधिकतम 10,800 युआन (करीब 1,534 अमेरिकी डॉलर) की राष्ट्रीय चाइल्डकेयर सब्सिडी शामिल है, जो 2021 में तीन-बच्चा नीति लागू होने के बाद सबसे बड़ा पारिवारिक सहायता कदम माना जा रहा है।

इसके अलावा, प्रसव से जुड़े खर्चों के लिए बीमा कवरेज बढ़ाना, चाइल्डकेयर सेक्टर के नियमन को सख्त करना, विवाह पंजीकरण को आसान बनाना और तलाक की प्रक्रिया को कड़ा करना भी इन उपायों में शामिल है।

रिपोर्ट में बताया गया कि 2024 में शादी के पंजीकरण घटकर 61.06 लाख रह गए थे, जो 1980 के बाद सबसे कम थे। हालांकि, अब शादी के मामलों में हल्की बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। 2025 के पहले तीन तिमाहियों में शादी के पंजीकरण में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। शंघाई में यह बढ़ोतरी 38.7 प्रतिशत और फुजियान में 12 प्रतिशत रही।

चीन जनसंख्या संघ का अनुमान है कि 2025 में कुल शादियां करीब 69 लाख हो सकती हैं और 2026 में जन्म संख्या 80 लाख से थोड़ी ऊपर जा सकती है।

हालांकि, रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि प्रजनन आयु की महिलाओं की संख्या लगातार घट रही है, बच्चों को जन्म देने की इच्छा कमजोर बनी हुई है और माता-पिता बनने का फैसला लगातार टल रहा है। जब तक व्यापक सामाजिक समर्थन, किफायती आवास, बेहतर कार्य-जीवन संतुलन, लैंगिक समानता वाली रोजगार नीतियां और भरोसेमंद चाइल्डकेयर व्यवस्था नहीं होती, तब तक ये नीतिगत बदलाव जनसांख्यिकीय गिरावट को पूरी तरह पलटने के बजाय केवल धीमा ही कर पाएंगे।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

Pakistan News: पाकिस्तान के लाहौर स्थित लौह मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा, भगवान राम के बेटे लव को समर्पित

Pakistan News: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित ऐतिहासिक लौह मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हो गया है. अब ये स्थल आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. लौह मंदिर ऐतिहासिक लाहौर किले में मौजूद है. मान्यता है कि ये मंदिर भगवान श्रीराम के छोटे बेटे लव को समर्पित है. लाहौर शहर का नाम भी लव के नाम पर ही पड़ा है और ये बात खुद लाहौर जिला प्रशासन मानता है. 

वाल्ड सिटी लाहौर प्राधिकरण का कहना है कि लौह मंदिर के साथ-साथ सिख कालीन हम्माम और महाराणा रणजीत सिंह के अठदारा पैविलियन का भी संरक्षण किया गया है. पूरी परियोजना को अगा खान कल्चरल सर्विस पाकिस्तान के सहयोग से पूरा किया गया है. प्राधिकरण की मानें तो लौह मंदिर परिसर में खुला हुआ आकाश क्षेत्र और स्मारक स्थल भी शामिल है.  

भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित

डब्ल्यूसीएलए की प्रवक्ता तानिया कुरैशी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य है कि लाहौर किले की बहुस्तरीय सांस्कृतिक विरासत को सामने लाया जाए, जिसमें हिंदू और सिख धार्मिक स्थल के साथ-साथ ब्रिटिश दौर की संरचनाएं और मुगलकालीन मस्जिदें शामिल हैं. 

पिछले साल की थी 100 स्मारकों की पहचान

कुरैशी ने कहा कि संरक्षण प्रक्रिया के दौरान, विभिन्न आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे मूल स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सके. अमेरिका स्थित सिख शोधकर्ता डॉ तरुनजीत सिंह बुतालिया ने पिछले साल लाहौर किले में सिख शासनकाल (1799-1849) द्वारा निर्मित लगभग 100 स्मारकों की पहचान की थी. 

ऐतिहासिक विरासत को संजोया जाएगा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस पहल से न सिर्फ लाहौर किले की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संजोया जा सकेगा. जबकि आने वाली पीढ़ियों तक इसकी सांस्कृतिक पहचान को पहुंचाया जा सकता है.

 

Continue reading on the app

  Sports

मुझे इज्जत नहीं मिल रही थी…युवराज सिंह ने सानिया मिर्जा के सामने कही दिल की बात

टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह ने पूर्व टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के साथ पॉडकास्ट में बताया कि आखिर क्यों उन्होंने 2019 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया. युवराज को साल 2019 में वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिली थी. Thu, 29 Jan 2026 13:35:15 +0530

  Videos
See all

Beating Retreat Ceremony LIVE: Vijay Chowk पर बीटिंग रिट्रीट समारोह LIVE | Droupadi Murmu | AajTak #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T08:13:52+00:00

Ajit Pawar Last Rites Live: 'अजित दादा' को अंतिम विदाई देने Baramati पहुंचे लाखों समर्थक !Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T08:13:10+00:00

UGC Supreme Court Hearing: UGC के नए नियमों पर SC ने लगाई रोक, क्या कहा? | Top News | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T08:11:26+00:00

UGC के नए नियमों पर सरकार को SC से झटका ! | #shortsvideo #shorts #ugcprotest #ugcregulation2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T08:10:02+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers