Voter List से फर्जी तरीके से नाम हटाने पर दर्ज हो FIR, SIR सर्वे के बाद DK Shivakumar की मांग
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम हटाने के लिए दर्ज आपत्तियों का निर्वाचन क्षेत्र-वार ब्योरा मांगा है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के सिविल सोसाइटी ऑडिट में आरोप लगाया गया था कि हज़ारों वोटरों को गलत तरीके से अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत घोषित कर दिया गया था। शिवकुमार ने बुधवार रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा हर असली वोटर के वोट देने के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी से 'फॉर्म 7' के तहत की गई आपत्तियों की जानकारी मांगी है। इसमें बड़ी संख्या में दिए गए आवेदन और वे आवेदन भी शामिल हैं जिनमें वोटर का नाम हटाने के लिए ज़रूरी कारण या जानकारी नहीं दी गई थी। शिवकुमार ने आपत्तियों में पहले से छपी हुई वोटर की जानकारी के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "पहले से छपी हुई वोटर की जानकारी के आधार पर आपत्तियां दर्ज करने से यह शक पैदा होता है कि SIR प्रक्रिया को खराब करने की कोई सोची-समझी कोशिश हो रही है।
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शिवकुमार ने कहा कि वोटर लिस्ट में बदलाव से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा मैंने ऐसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की है, क्योंकि वोटर लिस्ट में हेरफेर करने और इस प्रक्रिया को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसी FIR की कॉपी मुख्य सचिव को भेजी जानी चाहिए।
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शिवकुमार का यह बयान उस दिन आया जब एक्टर और एक्टिविस्ट प्रकाश राज की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें उनके बेंगलुरु आवास पर SIR प्रक्रिया से जुड़ा एक सर्वे सौंपा। यह रिपोर्ट 'एंटी SIR अलायंस' और 'सिटिजन्स वोट प्रोटेक्शन कमिटी' ने तैयार की थी। 23 पेज का यह सर्वे 25 जिलों के 100 पोलिंग बूथों पर घर-घर जाकर किए गए वेरिफिकेशन पर आधारित है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जो वोटर अपने रजिस्टर्ड पते पर ही रह रहे थे, उन्हें भी अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके या मृत घोषित कर दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि नामों के हटाए जाने से गरीब और हाशिए पर रहने वाले समुदायों जिनमें दलित, आदिवासी, खानाबदोश समूह और मुस्लिम शामिल हैं - के साथ-साथ महिलाओं पर भी असर पड़ा है। इसमें नामों को हटाने की प्रक्रिया की दोबारा जांच करने और गलत तरीके से हटाए गए नामों को फिर से जोड़ने की मांग की गई। ऑडिट में बेंगलुरु के एक इलाके का उदाहरण दिया गया, जहां 1,300 निवासियों में से 826 को दूसरी जगह शिफ्ट हो चुका बता दिया गया, जबकि वे उसी पते पर रह रहे थे और उन्होंने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म भी जमा किए थे। इसमें ऐसे मामले भी दर्ज किए गए जिनमें जीवित वोटरों को मृत बता दिया गया था।
Akhilesh Yadav के दावे पर बोले UP Deputy CM Brajesh Pathak, BJP का एक भी MLA नहीं टूटेगा
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के उन दावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि बीजेपी विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी का एक भी विधायक विपक्ष में शामिल नहीं होगा। गुरुवार को बात करते हुए पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को अपने ही परिवार पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें भारतीय जनता पार्टी से एक भी विधायक नहीं मिलने वाला है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बीजेपी, अपने कार्यकर्ताओं और कैडर के मामले में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, दूसरी पार्टियों के विधायकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
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पाठक ने कहा कि दूसरी पार्टियों के कई विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं। सही समय आने पर, भारतीय जनता पार्टी निश्चित रूप से ऐसे सभी सम्मानित विधायकों के बारे में सोचेगी और उन पर काम करेगी। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि बीजेपी 2027 में उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि मैं फिर से कहता हूं, भारतीय जनता पार्टी 2027 में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।
राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर पाठक ने धैर्य रखने को कहा कि आप थोड़ा इंतज़ार करें, भारतीय जनता पार्टी के सभी उम्मीदवार... हम जल्द ही आपके सामने सूची पेश करेंगे। ये बयान अखिलेश यादव के उस दावे के एक दिन बाद आए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी के कई विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं, लेकिन उन्हें शामिल करने में कुछ दिक्कतें हैं।
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मीडिया से बातचीत के दौरान, यादव ने संकेत दिया कि पार्टी अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव में ज़्यादातर उन्हीं सहयोगियों के साथ उतरेगी जिनके साथ उसने हाल के चुनावों में गठबंधन किया था, और जल्द ही गठबंधन की घोषणा करने की योजना है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं, और गठबंधन वैसा ही रहेगा जैसा पहले था। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर भी बीजेपी की आलोचना की और कहा कि चंदा चोरी करके कोई बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं बनाई जा सकती।
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