राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बीच सुरक्षा पर विवाद, जीतू पटवारी बोले ‘प्रशासन क्या झांझ-मंजीरे बजा रहा है’
राहुल गांधी आज बालाघाट दौरे पर है। इस बीच उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच विवाद हो गया है। बालाघाट पुलिस की ओर से कांग्रेस जिला अध्यक्ष और बैहर विधायक संजय उईके को भेजे गए पत्र में राहुल गांधी के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी और सुरक्षा संबंधी तैयारियों का ब्यौरा मांगा गया है। कांग्रेस ने इस पत्र को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस के 29 सितंबर के पत्र में कहा गया है कि राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे की लिखित सूचना और कार्यक्रम का विस्तृत विवरण पुलिस एवं जिला प्रशासन को पहले उपलब्ध नहीं कराया गया। पत्र में बालाघाट को पूर्व नक्सल प्रभावित और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए एडवांस सिक्योरिटी लायजनिंग, रूट क्लियरेंस, बम निरोधक दस्ते की जांच और अन्य सुरक्षा इंतजामों के लिए पर्याप्त समय की जरूरत बताई गई है। पुलिस ने कांग्रेस से कार्यक्रम की रूपरेखा, संभावित भीड़, स्वयंसेवकों की सूची, पार्किंग और यातायात व्यवस्था समेत कई जानकारियां मांगी हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एएसएल बैठक में शामिल होने के लिए भी कहा गया है।
जीतू पटवारी का तंज ‘आप क्या झांझ-मंजीरे बजा रहे हैं’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रशासन के पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष हैं और उनके दौरे की जानकारी पहले से प्रशासन को दी गई थी। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले मुख्य सचिव और कलेक्टर से बात की थी और कांग्रेस की ओर से भी कार्यक्रम जारी किया जा चुका था।
कांग्रेस नेता ने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “अब वे कह रहे हैं कि सुरक्षा कैसे करेंगे। आप हमसे पूछ रहे हैं कि कैसे सुरक्षा होगी। आप क्या झांझ-मंजीरे बजा रहे हो, कैसी डिग्री ली है आपने?” उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की जानकारी पहले से होने के बावजूद अंतिम समय में कांग्रेस से सुरक्षा संबंधी जानकारी मांगी जा रही है। जीतू पटवारी ने कहा कि अगर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सुरक्षा में कोई चूक होती है तो इसकी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।
‘आदिवासी बच्चों की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे’
जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी का बालाघाट दौरा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में प्रभावित परिवारों से मुलाकात और उनकी समस्याओं को समझने के लिए है। उन्होंने कहा कि बच्चों की बीमारी, इलाज की उपलब्धता, कुपोषण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को राहुल गांधी के सामने रखा जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी चाहती है कि आदिवासी बच्चों के लिए स्वास्थ्य और इलाज से जुड़े सभी जरूरी रास्ते खुले और इसी उद्देश्य से राहुल गांधी बालाघाट पहुंचे हैं।
नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा की जिम्मेदारी पर सवाल पूछने वाली @DrMohanYadav51 सरकार को सिर्फ "निकम्मा" कहा जा सकता है!
????बालाघाट | प्रेस कॉन्फ्रेंस pic.twitter.com/kP3FBC2iqb
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 1, 2026
नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी की सुरक्षा को लेकर बालाघाट पुलिस और प्रशासन की लापरवाही बहुत आपत्तिजनक है!
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम, पूर्व सूचना के बावजूद दौरे को लेकर अनभिज्ञता जता रहा सरकारी सिस्टम खुद की खामियां बता रहा है!
मैं फिर से स्पष्ट मांग कर रहा हूं कि श्री… pic.twitter.com/7GWR00eRz3
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 1, 2026
शिवपुरी प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ मुहिम के विरोध में उतरी महिलाएं, समान लेकर धरने पर बैठी
शिवपुरी में इन दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जहां जहां अतिक्रमण किया गया है। वहां से प्रशासन द्वारा दुकानें हटवाई जा रही है। इसी कड़ी में गांधी चौक की सड़क से मनिहारी की दुकानें भी हटाई गई है। इस वजह से महिलाओं ने विरोध करना शुरू कर दिया है।
जो महिलाएं यहां पर दुकान लगा रही थी। वो अतिक्रमण हटाने के कार्रवाई से नाराज नजर आ रही हैं। गुस्साई महिलाओं ने सड़क पर धरना देकर विरोध करना शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि वह लंबे समय से इसी जगह पर दुकान लगाती आई है। इसी से उनके परिवार का खर्च चल रहा है। इस तरह अचानक दुकान हटाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है।
प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण
शिवपुरी नगरीय प्रशासन की टीम ने बुधवार को अस्पताल चौराहा से लेकर माधव चौक तक अतिक्रमण हटाया। इस कार्रवाई के दौरान गांधी चौक की सड़क पर जो मनिहारी की दुकान लगती है उन्हें भी मौके से हटा दिया गया है। दुकानदारों के लिए प्रशासन की ओर से टेकरी बाजार के मुख्य रास्ते पर वैकल्पिक जगह चिन्हित की गई है। यहां दुकान लगाने वाली महिलाओं का कहना है कि दीपावली का त्यौहार नजदीक आ रहा है और उन्होंने कर्ज लेकर सामान खरीदा है। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई के बाद कुछ महिलाएं गांधी चौक पर धरने पर भी बैठ गई। महिलाओं ने प्रशासन से दुकान लगाने के लिए समय देने की मांग की है।
धरने पर बैठी महिलाएं
दुकान लगाने वाली महिलाओं का कहना है कि सारा समान कर्ज लेकर खरीदा है। उन्हें 10 रुपए सैकड़ा ब्याज देना पड़ रहा है। दुकान नहीं लगने की वजह से सामान नहीं बिक रहा और नुकसान बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इतने सालों से दुकान के जरिए ही परिवार का खर्चा चला रहे हैं। इस तरह से परिवार का पेट पालना मुश्किल हो जाएगा। महिलाओं का कहना है कि कम से कम दीपावली तक गांधी चौक पर दुकान लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
प्रशासन ने दी वैकल्पिक जगह
इस कार्रवाई के बारे में यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव का कहना है कि अतिक्रमण के दौरान हटाई गई दुकानों के दुकानदारों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थान चिन्हित किया गया है। मनिहारी की दुकान लगाने वालों के लिए मंडी के सामने टेकरी बाजार के मुख्य मार्ग की जगह और ठेला संचालकों के लिए मंडी के पीछे ठंडी सड़क पर जगह तय की गई है। प्रशासन ने कहना है कि वैकल्पिक जगह इसलिए दी जा रही है ताकि रोजगार प्रभावित न हो।
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