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2 अक्टूबर का वो दिन फिर याद दिलाने आ रहे विजय सलगांवकर! Drishyam 3 की रिलीज़ से पहले जानें पहली दो फ़िल्मों के वो भयानक राज़

बॉलीवुड की सबसे सफल और सस्पेंस से भरपूर थ्रिलर फ़्रैंचाइज़ी 'दृश्यम' का तीसरा और आखिरी चैप्टर आज 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए पूरी तरह तैयार है। अजय देवगन एक बार फिर अपने आइकोनिक किरदार 'विजय सलगांवकर' के रूप में वापसी कर रहे हैं। अगर आप 'दृश्यम 3' का क्लाइमैक्स देखने से पहले सलगांवकर परिवार की अब तक की कहानी और उनके द्वारा रचे गए मास्टरप्लान को एक बार फिर से याद करना चाहते हैं, तो यहाँ पहली दो फ़िल्मों का पूरा रीकैप दिया गया है। (आगे Spoiler Alert है)

'दृश्यम' में क्या हुआ था?
2015 में रिलीज़ हुई पहली फ़िल्म 'दृश्यम' में गोवा के केबल ऑपरेटर विजय सलगांवकर से परिचय कराया गया, जिन्हें फ़िल्में देखने का बहुत शौक है। वह अपनी पत्नी नंदिनी सलगांवकर (श्रिया सरन) और बेटियों अंजू (इशिता दत्ता) और अनु (मृणाल जाधव) के साथ रहते हैं।

उनकी ज़िंदगी में तब मोड़ आता है जब पुलिस अधिकारी मीरा देशमुख (तब्बू) के बेटे समीर 'सैम' देशमुख (ऋषभ चड्ढा) एक वीडियो को लेकर अंजू को ब्लैकमेल करते हैं। जब सैम विजय के घर पहुँचते हैं, तो झगड़ा होता है और अंजू गलती से उन्हें रॉड मार देती हैं, जिससे उनकी मौत हो जाती है। बाद में, नंदिनी और अंजू उनकी लाश छिपा देती हैं, जबकि अनु यह सब होते हुए देख लेती है।

जब विजय को इस घटना के बारे में पता चलता है, तो वह अपने परिवार को बचाने का फ़ैसला करते हैं। अपनी समझ-बूझ का इस्तेमाल करके, वह परिवार के लिए एक मज़बूत बचाव की कहानी (एलिबाई) तैयार करते हैं। वह उन्हें घटनाओं का एक सोच-समझकर बनाया गया क्रम फ़ॉलो करवाते हैं और गवाहों को यकीन दिलाते हैं कि जब सैम गायब हुए, तब वे गोवा से बाहर थे।

पुलिस की जाँच मीरा और सब-इंस्पेक्टर गायतोंडे (कमलेश सावंत) को सलगांवकर परिवार के करीब ले आती है, लेकिन विजय का प्लान काम कर जाता है। परिवार अपनी बात पर अड़ा रहता है और पुलिस उनके शामिल होने का कोई ठोस सबूत नहीं ढूँढ पाती।

'दृश्यम 2' में क्या हुआ था? सात साल बाद, 2022 में, दूसरा पार्ट 'दृश्यम 2' आया, जिसमें विजय एक सफल बिज़नेसमैन बन चुका है और उसका अपना एक मूवी थिएटर है। हालाँकि, सैम का केस पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। डेविड नाम का एक आदमी, जिसे पहले किसी दूसरे अपराध के लिए गिरफ्तार किया गया था, उसे याद आता है कि उसने सैम के गायब होने के समय विजय को एक बन रहे पुलिस स्टेशन के पास देखा था। वह यह जानकारी पुलिस को देता है।

पुलिस जांच फिर से शुरू करती है और आखिरकार उस जगह पर दबा हुआ एक कंकाल ढूंढ निकालती है। विजय को एहसास होता है कि उसका परिवार मुश्किल में पड़ सकता है और वह एक और प्लान बनाता है।

जांच तब मुश्किल हो जाती है जब नंदिनी अनजाने में सैम की मौत का सच अपनी पड़ोसी जेनी को बता देती है, जो असल में एक अंडरकवर पुलिस ऑफिसर होती है। हालाँकि, पुलिस चालाकी से इस जानकारी का इस्तेमाल परिवार पर दबाव बनाने के लिए करती है।

'दृश्यम 2' में सबसे बड़ा ट्विस्ट
ठीक जब ऐसा लगता है कि पुलिस ने विजय को पकड़ लिया है, तो DNA टेस्ट से पता चलता है कि कंकाल सैम का नहीं है। विजय को पहले से ही अंदाज़ा था कि उसका असली प्लान फेल हो सकता है। उसने सैम की लाश की जगह किसी दूसरे आदमी के अवशेष रखने का इंतज़ाम किया था, जिससे पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई पक्का सबूत नहीं बचा। विजय ज़मानत पर रिहा हो जाता है, जबकि उसके परिवार के खिलाफ जांच रोक दी जाती है।

एक और बड़ा ट्विस्ट तब आता है जब स्क्रीनराइटर मुराद (सौरभ शुक्ला) बताते हैं कि विजय ने उन्हें एक क्राइम स्टोरी सुनाई थी, जो मोटे तौर पर सैम की हत्या पर आधारित थी। बाद में यह स्क्रिप्ट मुराद के नाम से पब्लिश हुई। विजय खुद को बेगुनाह बताता है, जबकि उसका वकील कहता है कि पुलिस ने उसे फंसाने के लिए उस कहानी का इस्तेमाल किया।

आखिरी पलों में, विजय चुपके से यह पक्का करता है कि सैम के असली अवशेष उसके माता-पिता को अंतिम संस्कार के लिए लौटा दिए जाएं। फिल्म के आखिर तक, विजय एक बार फिर अपने परिवार को बचाने में कामयाब हो जाता है।

'दृश्यम 3' के बारे में
अब, 'दृश्यम' फ्रैंचाइज़ के दर्शक और फैंस फिल्म के आखिरी चैप्टर, 'दृश्यम 3' का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, जो 2 अक्टूबर को रिलीज़ होगी। इसे अभिषेक पाठक ने डायरेक्ट किया है और इसमें जयदीप अहलावत और प्रकाश राज नए कलाकारों के तौर पर शामिल हुए हैं। उनके साथ अजय देवगन, श्रिया सरन, तब्बू, रजत कपूर और इशिता दत्ता भी अपनी भूमिकाएँ दोहरा रहे हैं।

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SC की खिंचाई के बाद पुलिस के बचाव में उतरे योगी; बोले- बिना सुरक्षा भीगी बिल्ली बनते देर नहीं लगती

उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी और अखिलेश यादव के वार के बाद अब सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी पलटवार किया है. उन्होंने कहा-बंद कमरों में टिप्पणी करना आसान है, लेकिन सुरक्षा हटने पर बड़े-बड़े भीगी बिल्ली बन जाते हैं. जानिए क्या है पूरा मामला.

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  Sports

IPL से पहले Sunrisers Hyderabad छोड़ सकते हैं Abhishek Sharma, कई फ्रेंचाइजी की नजर

आईपीएल की अगली नीलामी से पहले टीमों के बीच खिलाड़ियों को बनाए रखने और रिलीज करने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को लेकर सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिल रही है। टीम में कप्तानी की जिम्मेदारी ईशान किशन को दिए जाने के बाद अभिषेक के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, सनराइजर्स हैदराबाद के साथ अभिषेक शर्मा के रिश्तों में पिछले सीजन से ही खटास की स्थिति बनी हुई है। अभिषेक लंबे समय से इस टीम का हिस्सा हैं और 2019 में फ्रेंचाइजी से जुड़े थे। वह टीम की कप्तानी करने की इच्छा भी रखते रहे हैं। ऐसे में ईशान किशन को कप्तान बनाए जाने के बाद उनके नाराज होने की बात सामने आई है।

हालांकि, अभिषेक शर्मा के अगले सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद छोड़ने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, कई फ्रेंचाइजी के साथ अनौपचारिक स्तर पर बातचीत हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस बात सामने नहीं आई है। मुंबई इंडियंस, गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स को संभावित विकल्पों के तौर पर देखा जा रहा है।

दिल्ली कैपिटल्स का नाम भी इस चर्चा में शामिल है। इसकी एक वजह अभिषेक के पुराने मार्गदर्शक युवराज सिंह का टीम से जुड़ना है। युवराज सिंह की मौजूदगी अभिषेक के लिए दिल्ली कैपिटल्स को संभावित विकल्प बना सकती है। हालांकि, अभी यह केवल संभावनाओं और अंदरूनी चर्चाओं तक ही सीमित है।

बता दें कि सनराइजर्स हैदराबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. शनमुगम से जब इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने इन खबरों को सही नहीं बताया है। इससे साफ है कि फ्रेंचाइजी की तरफ से अभिषेक को लेकर अलग होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि 2027 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। ऐसे में पैट कमिंस की उपलब्धता को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। इसी वजह से सनराइजर्स हैदराबाद में कप्तानी को लेकर ईशान किशन पर भरोसा जताने की चर्चा को अहम माना जा रहा है। अभिषेक के लिए भी मौजूदा समय में कप्तानी का विकल्प सीमित दिखाई दे रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर सनराइजर्स हैदराबाद और अभिषेक शर्मा अलग होने पर सहमत होते हैं तो अगला सवाल यह होगा कि वह किस टीम में जाएंगे और यह बदलाव किस तरीके से होगा। खिलाड़ी को सीधे खरीदने के लिए नकद राशि का इस्तेमाल, खिलाड़ी की अदला-बदली या कोई दूसरा रास्ता अपनाने जैसे कई विकल्प हो सकते हैं।

इस समय अभिषेक शर्मा टी20 क्रिकेट के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं। वह मौजूदा समय में दुनिया के दूसरे नंबर के टी20 बल्लेबाज हैं और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें कई टीमों के लिए आकर्षक खिलाड़ी बनाया है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में उनके नाम को लेकर चर्चाएं और तेज हो सकती हैं।

हालांकि, खिलाड़ी के करीबियों की तरफ से अभी तक यही कहा गया है कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। दूसरी ओर, आईपीएल से जुड़े लोगों की नजर सनराइजर्स हैदराबाद और अभिषेक शर्मा के बीच चल रही स्थिति पर बनी हुई है।

सभी टीमों के पास दिसंबर में होने वाली छोटी नीलामी से पहले अपने मुख्य खिलाड़ियों को तय करने के लिए 1 महीने से ज्यादा का समय है। इसलिए अभिषेक शर्मा का मामला तुरंत किसी नतीजे पर पहुंचे, यह जरूरी नहीं है। फिलहाल उनकी टीम के साथ बने रहने या नई टीम में जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और आने वाले हफ्तों में इस पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

Fri, 02 Oct 2026 20:34:00 +0530

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