चाचा की छाया और अपनी पहचान की ललक; कैसी रही अजित पवार की 35 साल की राजनीति
Ajit Pawar life story: अजित पवार का बीते सालों में कद ऐसा बढ़ा कि जब वह चाचा शरद पवार से अलग हुए तो भी कमजोर नहीं हुए। विधानसभा चुनाव में 40 से ज्यादा सीटें हासिल करके दिखा दिया कि उनके पास कितना दमखम है। 1991 में उन्होंने पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा था।
डीप फेक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी चिंतित, बताया लोकतंत्र के लिए खतरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए सेना के शौर्य और पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के माध्यम से सरकार ने यह संदेश दिया है कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा।
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