Horoscope 01 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।
मेष
अच्छा दिन है, उत्साह बना रहेगा, मित्र समागम। येन केन प्रकारेण- इज्जत बचाने में सफल रहेंगे। भतीजे विवाद खड़ा कर सकते हैं। संवाद से समस्या हल हो सकती है।
वृष
उत्तम उपलब्धियों, प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा देगी। समय को पहचान पर कार्य करें। थोड़ा प्रयत्न करें, महत्वपूर्ण समझौता होगा। व्यापार बढ़ाने के प्रयास सफल होंगे।
मिथुन
रोजगार के साधन बढ़ेंगे, संतान पक्ष से चिंता। शारीरिक कष्ट और असफलता के कारण तनाव। डॉक्टरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। व्यवसाय में विस्तार की योजना बनेगी।
कर्क
व्यवसाय बढ़ेगा, समस्याएं हल होगी। जन संपर्क बढ़ेगा, प्रभावशाली लोग मिलेंगे। बड़े लोगों से आपका संपर्क बढ़ेगा। सफलताओं भरा दिन है आगे बढ़ें।
सिंह
रहस्यमय कार्यों में व्यस्तता और लिप्तता। विशेष आर्थिक लाभ का योग बन रहा है। मौजमस्ती के लिए थिएटर या पिकनिक जा सकते हैं। विशेष प्रतियोगिता में विजय प्राप्त करेंगे।
कन्या
लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है। घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। विदेश यात्रा संबंधी कार्यों में व्यस्ता। छोटी सी गलती बड़ी भूल साबित होगी।
तुला
ससुराल से लाभ के योग, विषैले जंतुओं से सावधान। विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट सफल होंगे। धन संबंधी योजनाएं आगे बढ़ेगी। जरूरी काम दोपहर तक होने चाहिए।
वृश्चिक
कार्य में व्यस्तता लेकिन मेहनत अनुसार फल। विशेष प्रतियोगिता में विजय प्राप्त करेंगे। विशेष व्यक्ति की सहायता से विशेष काम पूर्ण होगा। कठिन कार्यों में सफलता से यश की प्राप्ति।
धनु
प्रचुर धन लाभ के योग है। बनते हुए काम अटक जाएगें। कुछ कामों में आशातीत सफलता मिलेगी। चल-अचल संपत्ति विवाद हो सकता है।
मकर
प्रशंसनीय कार्य होंगे, लोकप्रियता बढ़ेगी। योग्य वर/कन्या का विवाह/सगाई निश्चित होंगे। अचानक दुःखी और उदास हो सकते हैं। पदोन्नति के योग है, सहयोग भी मिलेगा।
कुंभ
कोई बड़ी डील हो सकती है। बड़े लोगों से आपका संपर्क बढ़ेगा। नौकरी में वरिष्ठों की कृपा रहेगी। अच्छा दिन है, चंहुमुखी प्रगति के अवसर।
मीन
अशुभ समाचार और अप्रिय घटनाएं। वैवाहिक कार्यक्रम में जाना होगा, कोई विवाद भी संभव। उधार दिया गया धन वापस मिलेगा। गलतफहमी और अफवाहों से चिंता बढ़ेगी।
MP High Court ने जन्मतिथि बदलने का सीएमओ आदेश किया निरस्त
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने प्रयागराज में 2025 के महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आई एक युवती को राहत देते हुए उसकी जन्मतिथि बदलने संबंधी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) का आदेश बुधवार को निरस्त कर दिया। अदालत ने सीएमओ को निर्देश दिया कि वह युवती को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के बाद, उसके पिता की ओर से जन्मतिथि में बदलाव के लिए दिए गए आवेदन पर कानून के अनुसार नए सिरे से फैसला करे। न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह ने युवती और उसके पति की ओर से दायर रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि युवती की जन्मतिथि में बदलाव के लिए उसके पिता द्वारा दिए गए आवेदन के बारे में उसे सूचित नहीं किया गया और उसे सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया गया।
एकल पीठ ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत ‘ऑडी अल्टरम पार्टेम’ का उल्लंघन माना। इस लैटिन कानूनी सिद्धांत का अर्थ है कि दूसरे पक्ष को भी सुना जाना चाहिए। दंपति ने महेश्वर नगर परिषद द्वारा युवती के मूल जन्म प्रमाण-पत्र को निरस्त किए जाने के संबंध में राहत की गुहार लगाते हुए याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा गया कि इस जोड़े के अंतरधार्मिक विवाह के बाद युवती का मूल जन्म प्रमाण-पत्र बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए निरस्त कर दिया गया। इसके बाद युवती के पिता की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ महेश्वर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) (अपहरण), धारा 81 (छलपूर्वक विवाह अथवा विवाह का विश्वास दिलाकर यौन संबंध), धारा 83 (नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाना) और धारा 87 (अपहरण या व्यपहरण), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 (वयस्क पुरुष द्वारा बाल विवाह) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के संबद्ध प्रावधानों के तहत दर्ज की गई थी।
याचिका के मुताबिक इस जोड़े ने 11 मार्च को केरल के एक मंदिर में विवाह किया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि शादी के बाद युवती के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया और उसके मूल जन्म प्रमाण-पत्र को बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए निरस्त करा दिया ताकि विवाह के समय उसे नाबालिग साबित किया जा सके। याचिका में कहा गया कि युवती की वास्तविक जन्मतिथि एक जनवरी 2008 है और महेश्वर नगर परिषद द्वारा जारी उसके जन्म प्रमाण-पत्र के साथ ही आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी यही जन्मतिथि दर्ज है।
दंपति ने यह भी आरोप लगाया कि बदले गए रिकॉर्ड के आधार पर युवती के पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई और उनके अंतरधार्मिक विवाह को ‘लव जिहाद’ से जोड़कर सांप्रदायिक रंग दिया गया, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया। राज्य सरकार और युवती के पिता के वकीलों ने दंपति की याचिका पर आपत्ति जताई। उन्होंने तर्क दिया कि महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसूति रजिस्टर के अनुसार युवती की वास्तविक जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है, जिससे स्पष्ट है कि विवाह के समय वह नाबालिग थी।
वकीलों ने कहा कि युवती का पूर्व में जारी जन्म प्रमाण-पत्र केवल माता-पिता के अनुमान पर आधारित हलफनामे के आधार पर जारी किया गया था और अस्पताल का वास्तविक रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद उसे नियम-कायदों के अनुसार संशोधित किया गया। वकीलों ने यह भी कहा कि यह मामला तथ्यों के गंभीर विवाद से जुड़ा है, जिसका निपटारा दंपति द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर याचिका के जरिये नहीं हो सकता। युवती और उसके पति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने पैरवी की।
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