MP High Court ने जन्मतिथि बदलने का सीएमओ आदेश किया निरस्त
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने प्रयागराज में 2025 के महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आई एक युवती को राहत देते हुए उसकी जन्मतिथि बदलने संबंधी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) का आदेश बुधवार को निरस्त कर दिया। अदालत ने सीएमओ को निर्देश दिया कि वह युवती को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के बाद, उसके पिता की ओर से जन्मतिथि में बदलाव के लिए दिए गए आवेदन पर कानून के अनुसार नए सिरे से फैसला करे। न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह ने युवती और उसके पति की ओर से दायर रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि युवती की जन्मतिथि में बदलाव के लिए उसके पिता द्वारा दिए गए आवेदन के बारे में उसे सूचित नहीं किया गया और उसे सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया गया।
एकल पीठ ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत ‘ऑडी अल्टरम पार्टेम’ का उल्लंघन माना। इस लैटिन कानूनी सिद्धांत का अर्थ है कि दूसरे पक्ष को भी सुना जाना चाहिए। दंपति ने महेश्वर नगर परिषद द्वारा युवती के मूल जन्म प्रमाण-पत्र को निरस्त किए जाने के संबंध में राहत की गुहार लगाते हुए याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा गया कि इस जोड़े के अंतरधार्मिक विवाह के बाद युवती का मूल जन्म प्रमाण-पत्र बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए निरस्त कर दिया गया। इसके बाद युवती के पिता की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ महेश्वर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) (अपहरण), धारा 81 (छलपूर्वक विवाह अथवा विवाह का विश्वास दिलाकर यौन संबंध), धारा 83 (नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाना) और धारा 87 (अपहरण या व्यपहरण), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 (वयस्क पुरुष द्वारा बाल विवाह) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के संबद्ध प्रावधानों के तहत दर्ज की गई थी।
याचिका के मुताबिक इस जोड़े ने 11 मार्च को केरल के एक मंदिर में विवाह किया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि शादी के बाद युवती के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया और उसके मूल जन्म प्रमाण-पत्र को बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए निरस्त करा दिया ताकि विवाह के समय उसे नाबालिग साबित किया जा सके। याचिका में कहा गया कि युवती की वास्तविक जन्मतिथि एक जनवरी 2008 है और महेश्वर नगर परिषद द्वारा जारी उसके जन्म प्रमाण-पत्र के साथ ही आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी यही जन्मतिथि दर्ज है।
दंपति ने यह भी आरोप लगाया कि बदले गए रिकॉर्ड के आधार पर युवती के पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई और उनके अंतरधार्मिक विवाह को ‘लव जिहाद’ से जोड़कर सांप्रदायिक रंग दिया गया, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया। राज्य सरकार और युवती के पिता के वकीलों ने दंपति की याचिका पर आपत्ति जताई। उन्होंने तर्क दिया कि महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसूति रजिस्टर के अनुसार युवती की वास्तविक जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है, जिससे स्पष्ट है कि विवाह के समय वह नाबालिग थी।
वकीलों ने कहा कि युवती का पूर्व में जारी जन्म प्रमाण-पत्र केवल माता-पिता के अनुमान पर आधारित हलफनामे के आधार पर जारी किया गया था और अस्पताल का वास्तविक रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद उसे नियम-कायदों के अनुसार संशोधित किया गया। वकीलों ने यह भी कहा कि यह मामला तथ्यों के गंभीर विवाद से जुड़ा है, जिसका निपटारा दंपति द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर याचिका के जरिये नहीं हो सकता। युवती और उसके पति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने पैरवी की।
flydubai विमान में सह-पायलट का हमला, भारतीय Captain ने बचाई 174 यात्रियों की जान
फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान के भारतीय कैप्टन ने तब एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया जब वह विमान को कथित तौर पर गिराने की कोशिश कर रहे सह-पायलट से भिड़ गया। इस घटना के चलते विमान को सऊदी अरब में आपात स्थिति में उतरना पड़ा। हालांकि इस घटना के कुछ घंटों के बाद यात्री फ्लाईदुबई के दूसरे विमान से तेल अवीव लौट गये।
इजराइली मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी। समाचार वेबसाइट वाईनेट ने इज़राइली अधिकारियों के हवाले से बताया कि सह-पायलट ओमान का नागरिक है और उस पर विमान को गिराने की कोशिश करने का संदेह था। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने के लिए भारतीय कैप्टन अपने सह-पायलट से भिड़ गया और बाद में इज़राइली यात्रियों ने सह-पायलट को काबू करने में मदद की।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि एक पायलट ने दूसरे पायलट को चाकू घोंप दिया और ऐसा लगता है कि उसने (हमलावर पायलट) ने यात्रियों को ले जा रहे विमान को गिराने की कोशिश की। नेतन्याहू ने कहा, ‘‘उड़ान के दौरान, जब वे इज़राइल की तरफ आ रहे थे, तो एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया और ज़ाहिर तौर पर यात्रियों को ले जा रहे विमान को गिराने की कोशिश की।’’ उन्होंने बताया कि एक इज़राइली यात्री ने उन्हें जानकारी दी कि विमान घूमने लगा और नीचे की ओर जाने लगा, जिसके बाद यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने और उस पायलट को काबू करने में सफल रहे जिसने चाकू मारा था, और जो विमान की संचालन प्रणाली को नष्ट करने की कोशिश कर रहा था। नेतान्याहू के अनुसार, इसके बाद चालक दल का एक और सदस्य कॉकपिट में घुसा और उसने विमान को स्थिर करने में मदद की।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन नायकों को सलाम करता हूं जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई जिंदगियां बचाईं और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।’’ उन्होंने कहा कि विमान सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि चाकू से हमला करने वाले पायलट को गिरफ़्तार कर लिया गया है और सऊदी अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने सऊदी अरब के तबुक की ओर मुड़ने से पहले आपातकालीन सिग्नल भेजे और तेज़ी से नीचे की ओर जाने लगी। तबुक हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि दोनों पायलट घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फ्लाईदुबई ने पुष्टि की कि उड़ान के दौरान विमान में एक घटना हुई और यह तबुक में सुरक्षित रूप से उतर गया।
एयरलाइन ने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है और सभी यात्री सुरक्षित हैं। हालांकि, एयरलाइन ने अपनी ओर से पायलटों की पहचान या राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया है। इज़राइली अधिकारियों को विमान के अपहरण की आशंका हुई और उन्होंने लड़ाकू विमान भेजे।
घटना की जांच जारी है। इस घटना के बारे में यात्रियों के बयान भी इज़राइली मीडिया में सामने आए। ज़्विका मेनेस नाम के एक यात्री ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद करने का दावा किया।
उसने इज़राइल के अख़बार ‘कैल्केलिस्ट’ को बताया कि उनके और दूसरों के दखल देने से पहले उनकी पत्नी ने कॉकपिट के पास चिल्लाने और चीखने की आवाज़ें सुनी थीं। वहीं, एक और यात्री डेलिया श्पिगेल ने इज़राइली अख़बार ‘हारेत्ज’ को बताया कि ‘‘तीन से पांच लोगों के कॉकपिट में घुसने’’ और हमलावर को काबू करने से पहले ‘‘पूरे विमान में ज़ोर-ज़ोर से चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें आ रही थीं।’’ वाईनेट के अनुसार, उड़ान में 27 बच्चों सहित 174 यात्री सवार थे। ‘बीबीसीवैरिफाई’ के उड़ान-ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषण से पता चला कि विमान लगभग 34,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, फिर अचानक लगभग 17,000 फुट नीचे आ गया, 5,000 फुट ऊपर गया और फिर 7,000 फुट नीचे आकर लगभग 15,000 फुट की ऊंचाई पर स्थिर हो गया - और यह सब पांच मिनट से भी कम समय में हुआ।
इज़राइली रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज ने कहा कि विमान में हुई घटना ‘‘जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश थी, जिसे कई इज़राइली यात्रियों की बहादुरी की वजह से नाकाम कर दिया गया; उन्होंने कॉकपिट में घुसकर आतंकवादी को काबू में कर लिया।’’ इजराइल के विपक्षी नेता यायर लैपिड ने सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से कहा कि विदेशों में बढ़ी आतंकवादी गतिविधियों को लेकर उन्हें ‘फ्लाईदुबई’ घटना से पहले दी गई चेतावनी का विमान में हुई घटना से कोई संबंध नहीं है। वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने ‘‘विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने और 180 इजराइली नागरिकों की हत्या करने की कोशिश करने वाले’’ व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वीडियो क्लिप में फ्लाईदुबई विमान में सवार यात्रियों को विमान के अगले हिस्से की ओर जाते हुए देखा जा सकता है, जबकि अन्य लोगों को चिल्लाते हुए और यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि क्या हुआ है।
इज़राइल में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, एक आदमी, जिसके चेहरे पर खून लगा है, खुद का वीडियो बनाते हुए यह कहते सुनाई देता है, ‘‘हम यहां हैं- विमान में - हमने अभी-अभी आतंकवादियों पर काबू पा लिया है। हम उतरने वाले हैं। जो कोई भी मुझे सुन रहा है: हमें मदद की ज़रूरत है।
हम ताबुक में उतर रहे हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










