Iran America War Update: Iraq से US की विदाई, अब क्या होगा? US ExitIraq | Iraq Crisis | Trump
Iran America War Update: Iraq से US की विदाई, अब क्या होगा? US ExitIraq | Iraq Crisis | Trump #Iraq #IraqNews #USExitIraq #Iran #IranNews #ISIS #ISISResurgence #MiddleEast #MiddleEastCrisis #USIran #IraqCrisis #WorldNews #BreakingNews #Geopolitics #News18 #N18S Iraq US Exit: इराक से अमेरिकी सैनिकों की अंतिम वापसी पूरी होने के बाद मध्य-पूर्व की राजनीति और सुरक्षा समीकरण में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 30 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना के इराक से निकलने के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि अब इराक की सुरक्षा व्यवस्था किस तरह काम करेगी और क्षेत्रीय ताकतों का प्रभाव कितना बढ़ेगा। अमेरिकी सैनिकों की वापसी को ईरान और उससे जुड़े इराकी मिलिशिया समूहों ने उपलब्धि के तौर पर देखा है। विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य मौजूदगी खत्म होने से इराक में ईरान समर्थित गुटों का प्रभाव बढ़ने की संभावना पर चर्चा तेज हुई है। news18 live | aaj ka taaja khabar | आज की ताजा खबर | up live news | news18 up live news | up news live | aaj ke taaja khabar | hindi hews | latest news | news in hindi | hindi samachar | hindi khabar | n18oc_uttar_pradesh Follow Every Breaking Story LIVE ???? Watch News18 LIVE 24x7: https://youtube.com/live/pVXYxHNwJo8 SUBSCRIBE to get the Latest News & Updates - http://bit.ly/News18UP News18 Mobile App - https://onelink.to/desc-youtube Follow Us on Social Media: Website: https://bit.ly/3auydBL Twitter: https://twitter.com/News18UP https://twitter.com/News18_UK Facebook: https://www.facebook.com/News18UP/ https://www.facebook.com/News18UK/ About Channel: News18 UP Uttarakhand is one of India's leading Hindi news channel and can be watched live on YouTube. News18 UP Uttarakhand news channel is a part of Network 18. Topics such as politics, education, health, environment, economy, business, sports, and entertainment are covered by this channel. The channel gives nationwide coverage. News18 UP Uttarakhand ,भारत का एक मात्र भरोसेमंद और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है। यह चैनल नेटवर्क १८ का हिस्सा है। यह चैनल उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी क्षेत्रीय खबरों के साथ साथ सरकार, राजनीति, पर्यावरण , खेल-कूद से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय खबरें प्रसारित करता है| news18 up live, aaj ki taaza khabar, news18 up uttarakhand live, uttar pradesh news, Meerut Blue Drum Murder Case, INDIA Bloc Meeting, DU Women Safety Protest, Amit Shah Nasha Mukt Punjab Yatra, Union Cabinet Meeting Today, Land For Jobs Case, Saurabh Bharadwaj Jarnail Singh FIR, BLA Women Brigade Video, Balochistan Unrest, Bagaha Flood, Bettiah Flood, Gopalganj Flood, Ayodhya Saryu Flood, Sambhal Ganga Flood, Farrukhabad Flood, Yamunotri Landslide, Operation KORAG, Hashim Moosa Encounter
Sambhal Violence: Supreme Court से NSA रद्द होने के बाद मुरादाबाद जेल से रिहा हुआ अफरोज
संभल हिंसा के आरोपी मोहम्मद अफरोज ने करीब 20 महीने जेल में बिताने के बाद घर लौटने पर बुधवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत उसकी हिरासत रद्द कर उसके साथ इंसाफ किया है। उसने अदालत के इस फैसले को ‘‘ऐतिहासिक’’ बताया। मुरादाबाद जेल से रिहा होकर मंगलवार देर रात संभल के दीपा सराय स्थित अपने घर पहुंचे अफरोज ने बुधवार शाम संवाददाताओं से कहा कि उसकी रिहाई से उसके परिवार, मोहल्ले और संभल के लोगों में खुशी है तथा उसके घर में ईद जैसा माहौल है।
अफरोज ने कहा, उच्चतम न्यायालय ने हमारे साथ इंसाफ किया है। न्यायालय से हमारी उम्मीदें और बढ़ गई हैं और यह उसका ऐतिहासिक फैसला है। जेल में बिताए समय को ‘‘बेहद तकलीफदेह’’ बताते हुए अफरोज ने कहा कि इस दौरान उसका परिवार आर्थिक रूप से टूट गया।
उसने कहा कि उसके दो भाई लगातार मामले की पैरवी में लगे रहे और बड़े भाई ने उसके बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले, अफरोज के बड़े भाई शाहरोज ने उत्तर प्रदेश सरकार से 2024 के संभल हिंसा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। शाहरोज ने कहा कि करीब 20 महीने बाद परिवार को राहत मिली है और उसके भाई के खिलाफ कोई इलेक्ट्रॉनिक या ऑडियो-वीडियो साक्ष्य नहीं मिला था।
उसने दावा किया कि अफरोज को हिंसा से जुड़े सभी छह आपराधिक मामलों में जमानत मिल चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत अफरोज की एहतियाती हिरासत रद्द करते हुए राज्य सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने कहा कि स्वतंत्र पुष्टि करने वाली सामग्री के अभाव में पुलिस के समक्ष कथित इकबालिया बयान किसी आरोपी की एहतियाती हिरासत का अकेला आधार नहीं हो सकता।
इस बीच, जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बुधवार शाम संवाददाताओं से कहा कि अफरोज संभल हिंसा मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित चार पत्रावलियां जिला न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन हैं, जिनमें से दो में साक्ष्य की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और निर्धारित तिथि पर आरोपी के बयान दर्ज किए जाएंगे। दीक्षित ने कहा कि रासुका के तहत हिरासत के मामले में अफरोज को उच्चतम न्यायालय से राहत मिली है, लेकिन उसके खिलाफ लंबित अन्य आपराधिक मामलों में कोई राहत नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि हत्या से जुड़े मामलों में गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और पत्रावलियों में साक्ष्य मौजूद हैं। अफरोज को 17 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था और 13 अक्टूबर 2025 को उसे रासुका के तहत हिरासत में रखने का आदेश पारित हुआ था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जून 2026 में उस आदेश कोबरकरार रखा था।
मगर उच्चतम न्यायालय ने उस फैसले को पलटते हुए अफरोज की रासुका के तहत हिरासत रद्द कर दी और उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। संभल में नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद के अदालत के आदेश पर किए गए सर्वेक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गयी थी तथा पुलिसकर्मियों समेत बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।
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