PM Modi US & Canada Visit: फ्लोरिडा में आयोजित होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी
दिसंबर 2026 में फ्लोरिडा के मियामी में स्थित 'ट्रंप नेशनल डोरल' रिसॉर्ट में G20 शिखर सम्मेलन का आयोजन तय हुआ है। इस वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। कूटनीतिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका जा सकते हैं। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय द्वारा अभी इस यात्रा की आधिकारिक घोषणा की जानी बाकी है, जो अमूमन यात्रा की तारीखों के करीब की जाती है।
फ्लोरिडा में G20 सम्मेलन और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ संभावित मुलाकात
14 और 15 दिसंबर को आयोजित होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी के साथ-साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी द्विपक्षीय मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात प्राथमिकता वाले विषयों में शामिल रहेगी।
दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, G20 सम्मेलन के दौरान क्वाड (Quad) सदस्य देशों (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के नेताओं की बैठक आयोजित करने पर भी काम चल रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध और 500 अरब डॉलर का लक्ष्य
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में लगभग 240 अरब डॉलर है, जिसे दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। हाल के महीनों में व्यापार, तकनीक, रक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत लगातार जारी रही है। प्रस्तावित वार्ता के दौरान अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते और रूसी तेल की खरीद पर व्यापारिक चर्चाओं जैसे वैश्विक व द्विपक्षीय विषयों पर बातचीत संभव है।
अमेरिका के बाद कनाडा की द्विपक्षीय यात्रा और CEPA व्यापार समझौता
G20 शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा यात्रा की भी संभावना जताई जा रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और कनाडाई व्यापार मंत्री के बयानों के अनुसार, भारत और कनाडा इस समय व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के लिए बातचीत के दौर में हैं। दोनों देश G20 शिखर सम्मेलन के आसपास या उसके समापन तक इस व्यापार समझौते पर वार्ताओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए प्रयासरत हैं।
UNGA 81st Session: संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने फिर उठाया कश्मीर मुद्दा, UN चार्टर के तहत विवाद सुलझाने की मांग
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की उच्च स्तरीय सामान्य चर्चा की शुरुआत के साथ ही वैश्विक मंच पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने महासभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कड़े बयानों के बाद क्यूबा के राजनयिकों का विरोध स्वरूप वॉकआउट सत्र का दूसरा बड़ा आकर्षण बना।
अर्दोआन का बयान: UN चार्टर और प्रस्तावों के तहत संवाद की मांग
राष्ट्रपति अर्दोआन ने अपने संबोधन में कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि कश्मीर सहित सभी क्षेत्रीय विवादों का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाए। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के दायरे में रहकर बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए। अर्दोआन लगातार कई वर्षों से UNGA के मंच से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।
SHAMEFUL ???? Turkish President Erdogan once again raised the Kashmir issue in his UN speech.
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) September 22, 2026
=> Given Türkiye’s own record on human rights and its position on Cyprus, Erdogan should be cautious about lecturing the world’s largest democracy.
Jammu & Kashmir is, and will always…
ट्रम्प का क्यूबा पर तीखा हमला और क्यूबाई प्रतिनिधियों का वॉकआउट
इसी सत्र के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने भाषण में क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार की कड़ी आलोचना की। ट्रम्प ने क्यूबा को एक "नाकाम देश" करार देते हुए कहा कि वहां की सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा दबाव है और अमेरिका वहां "मौलिक बदलाव" चाहता है। ट्रम्प के इस कड़े बयान और आरोपों के तुरंत बाद क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल ने विरोध व्यक्त करते हुए जनरल असेंबली हॉल से वॉकआउट कर दिया।
अमेरिका-क्यूबा कूटनीति पर बातचीत जारी
ट्रम्प ने अपने भाषण में यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्यूबा के साथ बातचीत और वार्ताओं की प्रक्रिया में शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबाई प्रशासन अमेरिका में वामपंथी कट्टरपंथियों और कम्युनिस्ट नेटवर्क के साथ संबंध बनाए हुए है। ट्रम्प ने स्पष्ट रूप से कहा कि "अमेरिका में कभी कम्युनिज्म नहीं आएगा, लेकिन क्यूबा में आजादी जरूर आएगी"।
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