Last US Troops Leave Iraq: ईराक से खत्म हुआ अमेरिका का 23 साल का सैन्य अध्याय, ट्रंप बोले- ISIS पर निर्णायक जीत
अमेरिका ने करीब 23 साल बाद ईराक से अपनी आखिरी सैन्य टुकड़ी भी वापस बुला ली है। 2003 में शुरू हुआ अमेरिकी सैन्य अभियान और 2014 में ISIS के खिलाफ शुरू किया गया Operation Inherent Resolve अब ईराक में समाप्त हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना की वापसी को अमेरिका और ईराक दोनों के लिए जीत बताया और ISIS के खिलाफ अभियान को निर्णायक सफलता करार दिया। अमेरिकी वापसी के बाद अब ईराकी सुरक्षा बलों पर देश की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
23 साल बाद ईराक से पूरी तरह बाहर हुई अमेरिकी सेना
अमेरिकी सेना 2003 में ईराक पहुंची थी। इसके बाद 2011 में अमेरिकी सैनिकों की बड़ी वापसी हुई, लेकिन 2014 में ISIS के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बाद अमेरिका ने ईराक में फिर सैन्य मौजूदगी बढ़ाई। अब आखिरी अमेरिकी सैन्य टुकड़ी के निकलने के साथ ईराक में अमेरिकी सैन्य अभियान का यह अध्याय समाप्त हो गया है।
ISIS के खिलाफ चला था बड़ा सैन्य अभियान
2014 में ISIS के बढ़ते प्रभाव के बाद अमेरिका ने सहयोगी देशों के साथ मिलकर Operation Inherent Resolve शुरू किया था। इसका उद्देश्य ISIS के खिलाफ अभियान चलाने के साथ इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण और सैन्य सहायता देना था।
बाद में ISIS के क्षेत्रीय कब्जे को खत्म करने के बाद ईराक में अमेरिकी सैनिकों की भूमिका मुख्य रूप से सलाह, प्रशिक्षण और सुरक्षा सहयोग तक सीमित हो गई थी।
ट्रंप ने बताया निर्णायक जीत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की ईराक से वापसी को अमेरिका और ईराक दोनों के लिए जीत बताया। उन्होंने ISIS के खिलाफ चलाए गए अभियान को निर्णायक सफलता के तौर पर पेश किया और कहा कि अब अमेरिकी सैनिक घर लौट रहे हैं।
ट्रंप ने ईराक में अमेरिका के लंबे सैन्य अभियान का जिक्र करते हुए इसके दौरान हुए खर्च और अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की अवधि की ओर भी ध्यान दिलाया।
अब ईराकी सुरक्षा बलों पर बड़ी जिम्मेदारी
अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद ईराक की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी वहां की सरकार और सुरक्षा बलों पर होगी। अमेरिकी सेना लंबे समय से इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण और सलाह देने में सहयोग करती रही है।
अमेरिकी वापसी के बाद ईराक अपनी सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह आगे बढ़ाता है, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रहेगी।
ISIS के खिलाफ अभियान पूरी तरह खत्म नहीं
ईराक से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका का ISIS विरोधी अभियान पूरी तरह समाप्त हो गया है। अमेरिकी नेतृत्व वाला अभियान क्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखेगा और सीरिया में ISIS के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करता रहेगा।
इस बदलाव के बाद ईराक में अमेरिकी सैन्य भूमिका कम होगी, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर ISIS के खिलाफ सहयोग का ढांचा जारी रहने की बात कही गई है।
23 साल के सैन्य अध्याय का अंत
अमेरिकी सेना की आखिरी टुकड़ी के ईराक से निकलने के साथ 2003 में शुरू हुआ अमेरिकी सैन्य अध्याय एक नए चरण में पहुंच गया है। ट्रंप प्रशासन ने इसे अमेरिकी सैनिकों की घर वापसी और लंबे सैन्य अभियान के समापन के तौर पर पेश किया है। अब ईराक में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य रूप से इराकी संस्थानों के हाथ में होगी।
Asian Games 2026: गोल्ड से ज्यादा भारत के नाम सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल क्यों? आंकड़ों से समझिए पूरी कहानी
Asian Games 2026 : एशिया में इन दिनों खेलों का महाकुंभ लगा हुआ है. जापान में एशियन गेम्स 2026 खेले जा रहे हैं. इसमें एशिया के लगभग सभी देश हिस्सा ले रहे हैं. अब तक एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन चीन और जापान के एथलीटों ने पूरी तरह से धमाल मचाया है. एशियन गेम्स की मेडल टैली में शीर्ष पर अब तक चीन 272 मेडल के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि जापान 195 मेडल के साथ दूसरे नंबर पर हैं. एशियन गेम्स 2026 की मेडल टैली में इस समय भारत सातवें स्थान पर हैं.
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कुल 60 मेडल जीते हैं. इंडिया के हाथों अब तक एशियन गेम्स 2026 में सिर्फ 10 गोल्ड मेडल लगे हैं. वहीं देश ने 21 सिल्वर मेडल और 29 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं. भारत का ये मेडल प्रदर्शन सिर्फ कुल पदकों की संख्या नहीं है, बल्कि गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के बीच का अंतर भी है. बाकी देशों के नाम जहां पर गोल्ड मेडल की संख्या ज्यादा है, वहीं इंडिया के नाम के आगे गोल्ड की संख्या बहुत कम है. ऐसा क्यों है? एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड से ज्यादा सिल्वर और ब्रॉन्ज क्यों हैं. आइए इसके बारे में भी समझते हैं.
In the centre is Dave Cousins, a former World Champion from USA, who was appointed India's Chief Compound Archery Coach in May this year.
— India_AllSports (@India_AllSports) September 30, 2026
His tenure has got off to a brilliant start, with India successfully defending three Gold medals so far ????????
With the men's and women's… pic.twitter.com/0BM6KoxjYl
एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड से ज्यादा सिल्वर और ब्रॉन्ड मेडल क्यों?
1 - एशियन गेम्स 2026 में इंडिया कई इवेंट्स में फाइनल में तो पहुंच गया लेकिन उसे हार झेलनी पड़ी, जिसके चलते उसे गोल्ड के बजाय सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा है. ऐसे में गोल्ड की संख्या कम हो गई और अन्य मेडल की संख्या बढ़ गई है. भारत ने शूटिंग में कई पदक जीते हैं, लेकिन कई मुकाबलों में चीन जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने हारने के बाद उसे गोल्ड नहीं मिल पाया.
2 - एशियन गेम्स 2026 में भारत खिलाड़ियों की चीन के खिलाड़ियों के कई खेलों में कड़ी चुनौती मिली है. चीन सिर्फ एक-दो खेलों पर निर्भर नहीं है. वहीं भारत कुछ खास खेलों में ही बेहतर कर रहा है, जैसे कि क्रिकेट. इस खेल में भारत ने गोल्ड हासिल किया. वहीं डाइविंग, कैनो स्प्रिंट, वेटलिफ्टिंग जैसे कई खेलों में उसे दूसरा या फिर तीसरा स्थान प्राप्त हुआ जिससे भारत को गोल्ड नहीं मिला और सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल की संख्या बड़ गयी. चीन 26 सितंबर तक चीन 100 गोल्ड का आंकड़ा पार कर चुका था, जबक भारत के उस समय तक 5 गोल्ड भी पूरे नहीं हुए थे.
3 - एशियन गेम्स 2026 में जापान के खिलाड़ियों को घरेलू परिस्थितियों का भी बड़ा फायदा मिला है. ऐसे में उनके खिलाड़ियों ने कई खोलों में गोल्ड पर निशाना साधा, जिससे भारत के खिलाफ गोल्ड जीतने से चूक गए और उन्हें सिल्वर और ब्रॉन्ज के साथ ही संतोष करना पड़ा है. जापान कई ऐसे खेलों में मजबूत है जिनमें तकनीक, अनुशासन और लंबे समय की तैयारी महत्वपूर्ण होती है. 30 सितंबर तक जापान के खाते में 427 गोल्ड मेडल हो चुके हैं. अब तक भारत सिर्फ 10 गोल्ड जीत पाया है, जिसमें से 4 आज आए हैं.
Neeru Dhanda & Kynan Chenai on the victory podium after winning GOLD medal (Shooting) ♥️ #AichiNagoya2026 #AG2026withIAS pic.twitter.com/pIbiyz7Upc
— India_AllSports (@India_AllSports) September 30, 2026
4 - भारतीय एथलीटों को कई खोलों में कम सुविधाओं और उच्च श्रेणी का अभ्यास मिलने की कभी साफ दिखती है. वहीं जापान और चीन के खिलाड़ियों में ऐसा नहीं दिखाता है. इसका फायदा अन्य देशों के खिलाड़ी उठाते हैं और उन्हें गोल्ड मेडल अधिक मिल जाते हैं. इसी बात की हानि भारत को होती है, जिसके चलते भारत के पास गोल्ड मेडल की तुलना में सिल्वर मेडल और ब्रॉन्ज मेडल ज्यादा आते हैं.
इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों में फाइनल तक पहुंचने की भारत की क्षमता भरपूर है. लेकिन फाइनल में दबाव में बिखने की कमजोरी भी उनके सामने आती है. वहीं टीम और व्यक्तिगत स्पर्धाओं का मिश्रण भारतीय खिलाड़ियों को परेशानी देता है. एक एथलीट कई इवेंट में खेलता है. वो टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा के बीच तालमेल नहीं बैठा पाते हैं.
इसका ही नतीजा है कि, गोल्ड मेडल के लिए आखिरी चरण में अंतर भारत के कई खिलाड़ी पहुंचे लेकर सोने पर निशाना नहीं साध पाए.
एशियन गेम्स 2026 में की लेटेस्ट मेडल टैली
| देश | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
|---|---|---|---|---|
| चीन | 149 | 66 | 56 | 272 |
| जापान | 47 | 76 | 72 | 195 |
| दक्षिण कोरिया | 24 | 29 | 47 | 100 |
| उज्बेकिस्तान | 16 | 17 | 18 | 51 |
| थाईलैंड | 12 | 10 | 12 | 34 |
| बहरीन | 11 | 5 | 5 | 21 |
| भारत | 10 | 21 | 29 | 60 |
| ईरान | 10 | 16 | 12 | 38 |
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ी
| नंबर | एथलीट | खेल | इवेंट | मेडल |
|---|---|---|---|---|
| 1 | एलावेनिल वलारिवान, सोनम मास्कर, विदरसा विनोद | शूटिंग | वूमेंस 10मी एयर राइफल टीम | सिल्वर |
| 2 | एलावेनिल वलारिवान | शूटिंग | वूमेंस 10मी एयर राइफल | सिल्वर |
| 3 | रुद्रांक्ष पाटिल, पार्थ माने, हिमांशु ढिल्लों | शूटिंग | मेंस 10मी एयर राइफल टीम | सिल्वर |
| 4 | हिमांशु ढिल्लों | शूटिंग | मेंस 10मी एयर राइफल | सिल्वर |
| 5 | रुद्रांक्ष पाटिल | शूटिंग | मेंस 10मी एयर राइफल | ब्रॉन्ज |
| 6 | सुचिका तारियाल | मिक्स्ड मार्शल आर्ट | वूमेंस ट्रेडिशन -60 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 7 | टीम इंडिया | क्रिकेट | वूमेंस टीम | गोल्ड |
| 8 | परिनाज धालीवाल, रायजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान | शूटिंग | वूमेंस स्कीट टीम | ब्रॉन्ज |
| 9 | अनंतजीत सिंह नरुका, भवतेग सिंह गिल, मैराज अहमद खान | शूटिंग | मेंस स्कीट टीम | ब्रॉन्ज |
| 10 | जय मीणा | सॉफ्ट टेनिस | मेंस सिंगल्स | ब्रॉन्ज |
| 11 | मीराबाई चानू | वेटलिफ्टिंग | वूमेंस 49 किग्रा | सिल्वर |
| 12 | टीम इंडिया | बैडमिंटन | मेंस टीम | ब्रॉन्ज |
| 13 | सतनाम सिंह, सलमान खान | रोइंग | मेंस डबल्स स्कल | ब्रॉन्ज |
| 14 | रोशिबिना देवी | वुशु | वूमेंस 60 किग्रा सांडा | सिल्वर |
| 15 | अनंतजीत सिंह नरुका, परिनाज धालीवाल | शूटिंग | मिक्स्ड स्कीट टीम | ब्रॉन्ज |
| 16 | सीमा | एथलेटिक्स | वूमेंस 10,000 मीटर | ब्रॉन्ज |
| 17 | टीम इंडिया | एथलेटिक्स | मिक्स्ड 4x400 मीटर | सिल्वर |
| 18 | ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल, नीरज कुमार | शूटिंग | मेंस 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम | सिल्वर |
| 19 | कमलजीत, सुरुचि सिंह | शूटिंग | मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल | गोल्ड |
| 20 | दिया चितले, मानुष शाह | टेबल टेनिस | मिक्स्ड डबल्स | ब्रॉन्ज |
| 21 | मनप्रीत कौर | एथलेटिक्स | शॉट पुट | ब्रॉन्ज |
| 22 | गुलवीर सिंह | एथलेटिक्स | मेंस 10,000 मीटर | सिल्वर |
| 23 | बरानिका इलांगोवन | एथलेटिक्स | वूमेंस पोल वॉल्ट | ब्रॉन्ज |
| 24 | सावन बरवाल | एथलेटिक्स | मैराथन | सिल्वर |
| 25 | तिलोत्तमा सेन, विदर्शा विनोद, आशी चौक | शूटिंग | वूमेंस 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम | सिल्वर |
| 26 | जोशना चिनप्पा, वेलवन सेंथिलकुमार | स्क्वैश | मिक्स्ड डबल्स | ब्रॉन्ज |
| 27 | टीम इंडिया | कबड्डी | वूमेंस | गोल्ड |
| 28 | टीम इंडिया | कबड्डी | मेंस | गोल्ड |
| 29 | तजिंदर पाल तूर | एथलेटिक्स | शॉट पुट | सिल्वर |
| 30 | पारुल चौधरी | एथलेटिक्स | वूमेंस 400 मीटर | ब्रॉन्ज |
| 31 | अभय सिंह | स्क्वैश | मेंस सिंगल्स | सिल्वर |
| 32 | अनाहत सिंह | स्क्वैश | वूमेंस सिंगल्स | सिल्वर |
| 33 | हरिता भद्रा | एथलेटिक्स | वूमेंस 200 मीटर | ब्रॉन्ज |
| 34 | एंसी सोजन | एथलेटिक्स | वूमेंस लॉन्ग जंप | सिल्वर |
| 35 | तेजस्विन शंकर | एथलेटिक्स | डेकाथलॉन | ब्रॉन्ज |
| 36 | पारुल चौधरी | एथलेटिक्स | वूमेंस 3000 मीटर स्टीपलचेज | ब्रॉन्ज |
| 37 | सर्वेश कुशारे | एथलेटिक्स | मेंस हाई जंप | सिल्वर |
| 38 | पिंकी बल्हारा | कुराश | वूमेंस -78 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 39 | ईशा सिंह | शूटिंग | वूमेंस 25 मीटर पिस्टल | सिल्वर |
| 40 | विथ्या रामराज | एथलेटिक्स | वूमेंस 400 मीटर हर्डल्स | ब्रॉन्ज |
| 41 | गुलवीर सिंह | एथलेटिक्स | मेंस 1500 मीटर | सिल्वर |
| 42 | पारुल चौधरी | एथलेटिक्स | वूमेंस 1500 मीटर | ब्रॉन्ज |
| 43 | मुरली श्रीशंकर | एथलेटिक्स | मेंस लॉन्ग जंप | ब्रॉन्ज |
| 44 | यशवीर सिंह | एथलेटिक्स | मेंस जैवलिन थ्रो | सिल्वर |
| 45 | रोहित यादव | एथलेटिक्स | मेंस जैवलिन थ्रो | ब्रॉन्ज |
| 46 | नीरू ढांडा, मनीषा कीर, आशिमा अहलावत | शूटिंग | वूमेंस ट्रैप टीम | सिल्वर |
| 47 | नीरू ढांडा | शूटिंग | वूमेंस ट्रैप | गोल्ड |
| 48 | नरेंद्र बेरवाल | बॉक्सिंग | मेंस +90 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 49 | गुलवीर सिंह | एथलेटिक्स | मेंस 5000 मीटर | ब्रॉन्ज |
| 50 | गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा एसएस, अनिमेष कुजूर, हरिता भद्रा | एथलेटिक्स | 4x100 मिक्स्ड टीम | ब्रॉन्ज |
| 51 | पूजा सिंह | एथलेटिक्स | वूमेंस हाई जंप | ब्रॉन्ज |
| 52 | किरण पहल, मचेतिरा पूवम्मा, प्राची चौधरी, विथ्या रामराज | एथलेटिक्स | वूमेंस 4x400 मीटर रिले | गोल्ड |
| 53 | धर्मवीर चौधरी, मनु टीएस, जय कुमार, विशाल टीके | एथलेटिक्स | मेंस 4x400 मीटर रिले | ब्रॉन्ज |
| 54 | ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप, चिकिता तनिपार्थी | आर्चरी | वूमेंस कंपाउंड टीम | गोल्ड |
| 55 | चिकिता तनिपार्थी, साहिल जाधव | आर्चरी | कंपाउंड मिक्स्ड टीम | गोल्ड |
| 56 | प्रिया घंघास | बॉक्सिंग | वूमेंस 60 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 57 | नीरूना ढांडा, किनान चेनाई | शूटिंग | ट्रैप मिक्स्ड टीम | गोल्ड |
| 58 | कपिल पोखरिया | बॉक्सिंग | मेंस 90 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 59 | साहिल जाधव, गणेश मणिरत्नम तिरुमुरु, कुशल दलाल | आर्चरी | मेंस कंपाउंड टीम | गोल्ड |
| 60 | सुनील कुमार | रेसलिंग | ग्रीको-रोमन 87 किग्रा | — |
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