इस जिले को रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर का तोहफा देंगे CM योगी, जाम की समस्या से मिलेगी निजात
UP News: केंद्र की मोदी के साथ-साथ यूपी की योगी सरकार भी यातायात समस्याओं को खत्म करने के लिए लगातार नए हाइवे, फ्लाईओवर और नए रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण करा रहे हैं. जिससे लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलने के साथ समय की भी बचत हो रही है. अब सीएम योगी अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे ओवरब्रिज और-फ्लाईओवर का तोहफा देने जा रहे हैं. जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी ना हो और वाहन फर्राटा भर सकेंगे.
गोरखपुर दौरे पर हैं सीएम योगी
बता दें कि सीएम योगी आज गोरखपुर के दौरे पर पहुंचे हैं. जहां आज शाम वे रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर का उद्गाटन करेंगे. सीएम योगी मंगलवार को गोरखपुर पहुंचे. जहां उन्होंने सबसे पहले गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. उसके बाद सीएम योगी ने गौ सेवा के साथ की. इस दौरान सीएम योगी ने मोर को दाना खिलाया और मंदिर परिसर में भ्रमण किया. इसके बाद सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनी और उनके निदान के अधिकारियों को निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी, सुगम यातायात और आधुनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर सशक्त रूप से कार्य कर रही है।
— Government of UP (@UPGovt) January 27, 2026
इसी क्रम में महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर में नकहा जंगल–मानीराम… pic.twitter.com/C9DO3tHzxR
अपने संसदीय क्षेत्र को देंगे दो बड़ी सौगात
सीएम योगी आदित्यनाथ आज शाम चार बजे नकहा और मानीराम रेलवे स्टेशनों के मध्य बनाए गए रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण करेंगे. बता दें कि इस रेल ओवरब्रिज को बनाने में 152 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसके अलावा सीएम योगी खजांची चौराहे पर बनाए गए फ्लाईओवर का भी उद्घाटन करेंगे.
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इस फ्लाईओवर को बनाने में कुल 96 करोड़ रुपये का खर्च आया है. इन दोनों परियोजनाओं के चालू होने से गोरखपुर के लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी. इसके साथ ही सफर आसान हो जाएगा और उसमें लगने वाला समय भी कम हो जाएगा. बता दें कि इस इलाके में लंबे समय से रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर की लोग मांग कर रहे थे.
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भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर वृद्धि के लिए तैयार, 2027 तक रेपो रेट में बदलाव की संभावना नहीं: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में स्थिर गति से बढ़ती रहेगी। वर्ष 2026 में देश की जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत और 2027 में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा। मंगलवार को जारी डीबीएस बैंक की रिपोर्ट में यह बात कही गई।
डीबीएस बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा महंगाई (सीपीआई) के 2025 में 2.2 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 3.5 प्रतिशत और 2027 में 4.5 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। इसका मतलब है कि कीमतें धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौट सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 2026 और 2027 के दौरान नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है। इससे यह संकेत मिलता है कि देश की मौद्रिक नीति स्थिर बनी रहेगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक ब्याज दरों में अस्थिरता के बावजूद, भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। यह 2026 की शुरुआत में 6.60 प्रतिशत से घटकर 2027 के अंत तक 6.40 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
पिछले हफ्ते वैश्विक बॉन्ड बाजारों में बड़ी हलचल देखी गई, और विकसित देशों में बॉन्ड यील्ड कई दशकों के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गई थीं।
हालांकि, डीबीएस बैंक का मानना है कि यह गिरावट किसी बड़े संकट का संकेत नहीं, बल्कि बाजार का सामान्य स्थिति में लौटना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह गिरावट भले ही चिंता पैदा करे, लेकिन इससे किसी आर्थिक संकट का खतरा नहीं दिखता।
जापान को छोड़कर अन्य विकसित बाजारों में बढ़ी हुई बॉन्ड यील्ड को भी बाजार की स्थिति सामान्य होने का संकेत माना गया है। बैंक के अनुसार, केंद्रीय बैंकों की विश्वसनीयता और सरकार व केंद्रीय बैंक के बीच तालमेल बाजार को स्थिर बनाए रख सकता है।
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 27-28 जनवरी को होने वाली एफओएमसी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। इससे पहले फेड तीन बार ब्याज दरों में कटौती कर चुका है।
डीबीएस बैंक ने कहा कि फेड का यह फैसला राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ रुख दिखाने के लिए नहीं होगा, बल्कि केंद्रीय बैंक पहले की गई कटौतियों के असर और महंगाई के जोखिम का आकलन करना चाहता है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां नौकरियों की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन बेरोजगारी दर अभी भी कम है और लोगों की आय बढ़ रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
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