ऊर्जा परिवर्तन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भारत को हर साल 145 अरब डॉलर निवेश की जरूरत: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारत को अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और नेट-जीरो लक्ष्य (शून्य कार्बन उत्सर्जन) के बीच की दूरी को कम करने के लिए हर साल करीब 145 अरब डॉलर का निवेश करना होगा। यह निवेश खासतौर पर बिजली उत्पादन, ऊर्जा भंडारण और बिजली ग्रिड को आधुनिक बनाने पर केंद्रित होना चाहिए।
मंगलवार को जारी ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन डेटा एनालिटिक्स कंपनी वुड मैकेंजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2030 तक 1.5 अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में सही रास्ते पर है। साथ ही, ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के लिए कोयला गैसीकरण पर भी ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्राकृतिक गैस की मांग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगी। यह मांग 2024 में 72 अरब क्यूबिक मीटर से बढ़कर 2050 तक 140 अरब क्यूबिक मीटर से ज्यादा हो सकती है। इसमें से दो-तिहाई से अधिक मांग उद्योगों से आएगी और 2050 तक भी 55 प्रतिशत से ज्यादा मांग उद्योग क्षेत्र से ही रहने की उम्मीद है।
हालांकि रिपोर्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि और जलवायु लक्ष्यों के बीच कुछ कमियां बताई गई हैं, लेकिन इसमें यह भी कहा गया है कि भारत चीन के सोलर और बैटरी सप्लाई चेन का एक बड़ा और भरोसेमंद विकल्प बन सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे-जैसे दुनिया के बाजार अपने आपूर्तिकर्ताओं में बदलाव कर रहे हैं, भारत का मजबूत होता मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम उसे एक खास प्रतिस्पर्धी बढ़त देता है।
वुड मैकेंजी एशिया पैसिफिक के वाइस चेयरमैन जोशुआ न्गू ने कहा कि भारत को तुरंत अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करनी होगी और साथ ही साथ कम कार्बन वाली ऊर्जा व्यवस्था भी तैयार करनी होगी, ताकि देश एक मजबूत वैश्विक अर्थव्यवस्था बन सके।
वहीं, वुड मैकेंजी की पावर और रिन्यूएबल्स रिसर्च की वाइस प्रेसिडेंट राशिका गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2026 से 2035 के बीच 1.5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश केवल नई बिजली क्षमता जोड़ने के लिए नहीं है, बल्कि यह बिजली पहुंचाने वाले नेटवर्क (वायर और ग्रिड) को मजबूत करने के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बाजार सुधार कितनी तेजी से होते हैं, खासकर इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल, जिससे बिजली वितरण में प्रतिस्पर्धा बढ़े और निजी निवेश को आकर्षित किया जा सके।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ऊर्जा बदलाव की रफ्तार बढ़ने के बावजूद तेल और गैस जैसे ईंधन अभी भी निकट भविष्य में जरूरी बने रहेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, 2035 तक भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता बढ़कर 87 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसलिए रिपोर्ट में तेल और गैस के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करने पर जोर दिया गया है।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इस जिले को रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर का तोहफा देंगे CM योगी, जाम की समस्या से मिलेगी निजात
UP News: केंद्र की मोदी के साथ-साथ यूपी की योगी सरकार भी यातायात समस्याओं को खत्म करने के लिए लगातार नए हाइवे, फ्लाईओवर और नए रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण करा रहे हैं. जिससे लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलने के साथ समय की भी बचत हो रही है. अब सीएम योगी अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे ओवरब्रिज और-फ्लाईओवर का तोहफा देने जा रहे हैं. जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी ना हो और वाहन फर्राटा भर सकेंगे.
गोरखपुर दौरे पर हैं सीएम योगी
बता दें कि सीएम योगी आज गोरखपुर के दौरे पर पहुंचे हैं. जहां आज शाम वे रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर का उद्गाटन करेंगे. सीएम योगी मंगलवार को गोरखपुर पहुंचे. जहां उन्होंने सबसे पहले गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. उसके बाद सीएम योगी ने गौ सेवा के साथ की. इस दौरान सीएम योगी ने मोर को दाना खिलाया और मंदिर परिसर में भ्रमण किया. इसके बाद सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनी और उनके निदान के अधिकारियों को निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी, सुगम यातायात और आधुनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर सशक्त रूप से कार्य कर रही है।
— Government of UP (@UPGovt) January 27, 2026
इसी क्रम में महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर में नकहा जंगल–मानीराम… pic.twitter.com/C9DO3tHzxR
अपने संसदीय क्षेत्र को देंगे दो बड़ी सौगात
सीएम योगी आदित्यनाथ आज शाम चार बजे नकहा और मानीराम रेलवे स्टेशनों के मध्य बनाए गए रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण करेंगे. बता दें कि इस रेल ओवरब्रिज को बनाने में 152 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसके अलावा सीएम योगी खजांची चौराहे पर बनाए गए फ्लाईओवर का भी उद्घाटन करेंगे.
ये भी पढ़ें: योगी सरकार की 'स्माइल' योजना से संवर रहा गरीब बच्चों का जीवन, जल्द इन जिलों में होगी शुरुआत
इस फ्लाईओवर को बनाने में कुल 96 करोड़ रुपये का खर्च आया है. इन दोनों परियोजनाओं के चालू होने से गोरखपुर के लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी. इसके साथ ही सफर आसान हो जाएगा और उसमें लगने वाला समय भी कम हो जाएगा. बता दें कि इस इलाके में लंबे समय से रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर की लोग मांग कर रहे थे.
ये भी पढ़ें: CM योगी ने जनता दर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं, कहा- पैसे की कमी से नहीं रुकेगा किसी का इलाज
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
















