Vrat Special Recipe: नवरात्रि व्रत में लें केक का मजा, राजगिरा-कुट्टू से बनाएं ये खास रेसिपी
Vrat Special Cake Recipe: नवरात्रि व्रत में अक्सर खाने के विकल्प सीमित हो जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मीठे में भी समझौता करना पड़े। अगर आपको केक पसंद है, तो राजगिरा और कुट्टू के आटे से बनने वाला यह केक ट्राई कर सकते हैं।
इसमें मैदा की जगह व्रत में इस्तेमाल होने वाले आटे लिए गए हैं और स्वाद बढ़ाने के लिए काजू-बादाम और किशमिश भी डाली जाती है। इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती। सही मात्रा में सामग्री मिलाकर इसे ओवन में आसानी से तैयार किया जा सकता है।
Vrat Cake बनाने के लिए चाहिए ये सामग्री
- राजगिरा आटा – 100 ग्राम
- कुट्टू का आटा – 50 ग्राम
- सेंधा नमक – स्वादानुसार
- पिसी शक्कर – 80 ग्राम
- दही – 100 ग्राम
- दूध – 70-80 एमएल
- घी – 45 ग्राम
- बेकिंग पाउडर – 5 ग्राम
- बेकिंग सोडा – 2 ग्राम
- वनीला एसेंस – ½ छोटा चम्मच
- इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- कटे हुए काजू/बादाम – 30 ग्राम
- किशमिश – 20 ग्राम
ऐसे बनाएं व्रत वाला केक
1. दही और शक्कर फेंटें
सबसे पहले एक बाउल में दही और पिसी हुई शक्कर डालकर अच्छी तरह फेंट लें। मिश्रण थोड़ा स्मूद हो जाए तो इसमें पिघला हुआ घी मिला दें।
2. सूखी सामग्री तैयार करें
अब दूसरे बर्तन में राजगिरा आटा, कुट्टू का आटा, बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और इलायची पाउडर डालकर मिला लें।
3. दोनों मिश्रण को मिलाएं
दही वाले मिश्रण में धीरे-धीरे सूखी सामग्री डालें और हल्के हाथ से मिलाते जाएं। जरूरत के अनुसार दूध डालकर बैटर तैयार करें। बैटर न बहुत पतला हो और न बहुत ज्यादा गाढ़ा।
4. ड्राई फ्रूट्स डालें
अब इसमें कटे हुए काजू-बादाम और किशमिश डालकर अच्छी तरह मिला लें। आप चाहें तो ऊपर से सजाने के लिए भी थोड़े ड्राई फ्रूट्स बचाकर रख सकते हैं।
5. केक को बेक करें
केक टिन को घी से अच्छी तरह ग्रीस करें और तैयार बैटर उसमें डाल दें। ऊपर से काजू-बादाम डालें। पहले से गर्म किए हुए ओवन में करीब 170 डिग्री सेल्सियस पर 30-35 मिनट तक बेक करें।
6. ठंडा होने के बाद सर्व करें
केक बेक होने के बाद टूथपिक डालकर चेक करें। अगर टूथपिक साफ निकल आए तो केक तैयार है। इसे कुछ देर ठंडा होने दें और फिर काटकर सर्व करें।
व्रत के लिए इस केक को कैसे बनाएं खास?
- इस रेसिपी में सामान्य मैदा की जगह राजगिरा और कुट्टू के आटे का इस्तेमाल किया गया है। वहीं नमक के लिए सेंधा नमक लिया गया है।
- हालांकि व्रत के नियम अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में अलग हो सकते हैं, इसलिए सामग्री इस्तेमाल करने से पहले अपने व्रत के नियम जरूर ध्यान में रखें।
नोट: व्रत में किसी सामग्री को लेकर आपके घर या धार्मिक परंपरा में अलग नियम हैं, तो उसी के अनुसार सामग्री में बदलाव करें।
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India Bloc Meeting: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चाबंदी की तैयारी! इस दिन होगी 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक, दो धुर विरोधी भी आएंगे साथ
भारतीय राजनीति में एक बार फिर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच तनातनी बढ़ती नजर आ रही है। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) में शामिल कई प्रमुख दल आगामी 30 सितंबर को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार करना है।
माकपा और टीएमसी का आना साथ, ममता बनर्जी से बातचीत
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ा है, जहां एक-दूसरे की धुर विरोधी मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) चुनाव आयोग से जुड़े इस मुद्दे पर एक ही पक्ष में खड़ी नजर आ रही हैं।
माकपा महासचिव एमए बेबी ने विपक्षी दलों को पत्र लिखकर बैठक बुलाने का अनुरोध किया था और इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी चर्चा की, जिस पर ममता ने स्थिति से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव की तैयारी
वाम दलों (माकपा, भाकपा, भाकपा माले) के साथ-साथ कांग्रेस ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग तेज कर दी है। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की 29 सितंबर को होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर पार्टी अपना रुख साफ करेगी। विपक्ष सीईसी को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नया प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है, जिसके लिए कानूनी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और विपक्ष की लामबंदी
विपक्ष की इस ताजा गोलबंदी की मुख्य वजह एक मीडिया रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर से जुड़े फैसलों पर अन्य आयुक्तों द्वारा आपत्तियां जताई गई थीं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग विचार आना एक सामान्य प्रक्रिया है और उनके सभी आदेश पूरी तरह वैधानिक हैं। इससे पहले 23 विपक्षी दलों और एक सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से भी मिलकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।
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