आधुनिक महानगर के रूप में पेइचिंग : औद्योगिक और तकनीकी प्रगति की दिशा में नया कदम
बीजिंग, 26 जनवरी (आईएएनएस)। पेइचिंग एक आधुनिक राजधानी महानगरीय क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है। वर्ष 2026 में शहर औद्योगिक क्लस्टरों के समन्वित विकास को सशक्त बनाने और बुद्धिमान कनेक्टेड नई ऊर्जा वाहनों जैसे उन्नत विनिर्माण क्लस्टरों के विस्तार पर विशेष बल देगा।
पेइचिंग नगर जन कांग्रेस के 16वें अधिवेशन के चौथे सत्र की शुरुआत 25 जनवरी को हुई। अपनी सरकारी कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए पेइचिंग के मेयर यिन योंग ने कहा कि शहर औद्योगिक क्लस्टरों के समन्वित विकास को और मजबूत करेगा तथा पेइचिंग-थ्येनचिन-हेबेई अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र के निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों की क्षमता और उनके व्यावहारिक उपयोग का अनुपात लगातार बेहतर बनाया जाएगा, ताकि पेइचिंग को एक वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
इसके साथ ही, बुद्धिमान कनेक्टेड नई ऊर्जा वाहनों सहित उन्नत विनिर्माण क्लस्टरों को विकसित कर औद्योगिक संरचना में नई गति लाई जाएगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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पाकिस्तान के साथ यूएई ने कैंसिल की डील, आखिर भारत के लिए क्या हैं इसके मायने
पाकिस्तान को एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान को इस बार यूएई से झटका मिला है. दरअसल, पाकिस्तान के साथ होने वाली अहम एयरपोर्ट मैनेजमेंट डील को यूएई ने रद्द कर दिया है. खास बात है कि यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के दौरे पर आए थे और इसी दौरे के बाद यूएई ने पाकिस्तान के साथ होने वाली इस डील को रद्द कर दिया.
दिलचस्पी खत्म हो गई: यूएई का स्पष्ट संदेश
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यूएई ने पाकिस्तान के एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में दिलचस्पी खत्म होने की बात कहकर समझौता रद्द कर दिया है. कहा जा रहा है कि कराची, इस्लामाबाद और लाहौर एयरपोर्ट्स के संचालन और विकास से जुड़ी डील पर लंबे वक्त से बातचीत हो रही थी लेकिन अब इसे पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है.
भारत दौरे के बाद बदला समीकरण
एक्सपर्ट्स की मानें तो यूएई के राष्ट्रपति हाल में भारत आए थे, जिसके बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है. भारत और यूएई के बीच रणनीतिक, आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. इसका असर पाकिस्तान पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है.
पाकिस्तान की कमजोर होती वैश्विक पकड़
पाकिस्तान वर्तमान में राजनीतिक अस्थिरता, सुरक्षा चिंताओं और आर्थिक संकट से जूझ रहा है. पाकिस्तान को पहले से ही विदेशी निवेश के मोर्चे पर संघर्ष करना पड़ रहा है. यूएई जैसे करीबी सहयोगी देश का पीछे होना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है. वहीं, यूईए और भारत के बीच मजबूत संबंध हैं. दोनों देश प्रमुख रणनीतिक साझेदार हैं. आने वाले वक्त में भारत को इसका सीधा लाभ दिया जा सकता है.
पाकिस्तान की चिंता बढ़ी
एयरपोर्ट डील रद्द होने की वजह से पाकिस्कतान की इंटरनेशनस बेइज्जती हुई है. पाकिस्तान कमजोर दिख रहा है. विश्लेषकों की मानें तो हालात अगर नहीं सुधरे तो अन्य विदेशी निवेशक भी पाकिस्तान से दूरी बना सकते हैं.
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