हॉकी में देश को गोल्ड दिलाने वाली पार्वती के परिवार की मदद को आगे आया प्रशासन, घर में शौचालय तक नहीं
गुमला की हॉकी खिलाड़ी पार्वती तोपनो ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. चीन में 4 से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित जूनियर महिला एशिया कप में पार्वती भारतीय टीम का हिस्सा रहीं. भारत ने इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता.
कामडारा की रहने वाली पार्वती के गांव लौटने पर हॉकी डे-बोर्डिंग सेंटर के खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया. पार्वती ने वर्ष 2017 में कामडारा हॉकी डे-बोर्डिंग सेंटर से अपने खेल सफर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने बारियातू, मोरहाबादी और बेंगलुरु एनसीओई में प्रशिक्षण लिया. वह 2025 में चिली में आयोजित जूनियर महिला विश्व कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के बावजूद पार्वती के परिवार के सामने बुनियादी सुविधाओं की कमी की बात सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक उनके घर में अभी पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. उनके पिता मजदूरी और राजमिस्त्री का काम करते हैं. आर्थिक चुनौतियों के बीच पार्वती ने मेहनत जारी रखी और हॉकी में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई.
पार्वती की उपलब्धि और उनके परिवार की स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन से मदद की उम्मीद बढ़ी है. जिला परिषद सदस्य दीपक कंडुलना ने परिवार की समस्याओं को उपायुक्त के सामने रखने और समाधान कराने की बात कही है.
वहीं, झारखंड सरकार ने जुलाई 2026 में खेल विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए थे. सरकार ने ऐसे खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार करने पर भी जोर दिया था.
पार्वती की कहानी यह दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभा और मेहनत के दम पर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं. अब स्थानीय स्तर पर उनके परिवार को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल से इस उपलब्धि को और सार्थक बनाने की उम्मीद है.
इस सरकारी बैंक ने बदले क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम, 1 नवंबर से होंगे लागू, यूजर्स जरूर जान लें
पब्लिक सेक्टर के केनरा बैंक में क्रेडिट कार्ड ईएमआई से जुड़े कई (Credit Card Rules) बदलाव किए हैं। नए नियम 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाले हैं। जिसकी जानकारी बैंक में एक नोटिफिकेशन के जरिए दी है। वर्तमान में 3, 6 और 9 महीने के लिए ब्याज दर 13% सालाना है, जो नवंबर से बढ़कर 14% होने वाला है। 12, 15 और 18 महीने की अवधि के लिए 15% ब्याज लगेगा। वर्तमान में 12 18 और 24 महीने के अवधि के लिए ब्याज 14% है। 21 और 24 महीने की अवधि के लिए ब्याज दर 16% होगा।
नियमों के तहत क्रेडिट कार्ड के लिए ईएमआई सुविधा ऑटोमेटिक या मैन्युअल कैश डिसबर्समेंट, महंगे स्टोन, गहने और सिल्वर वेयर स्टोर जैसे ट्रांजैक्शन कैटेगरी पर लागू नहीं होते। वहीं फीस, चार्जेस, जीएसटी और अन्य चार्ज पर लगे इंटरेस्ट को ईएमआई में बदला नहीं जा सकता। यह सुविधा केवल लिमिटेड टेन्योर के लिए ही उपलब्ध होती है।
क्रेडिट कार्ड ईएमआई प्रोसेसिंग फीस में बदलाव
बैंक ने क्रेडिट कार्ड ईएमआई की प्रोसेसिंग फीस में भी बदलाव किया है। वर्तमान में प्रोसेसिंग फीस अमाउंट का 2% है। इसकी लिमिट न्यूनतम 100 रुपये और अधिकतम 200 रुपये और जीएसटी है। 1 नवंबर से इसकी लिमिट अधिकतम 499 रुपये और जीएसटी होने वाली है। हालांकि न्यूनतम लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रोसेसिंग फीस भी 2% होगी।
इन नियमों को भी जान लें
बैंक ने ईएमआई कन्वर्जन के लिए न्यूनतम योग्य अमाउंट में भी बदलाव किया है। अब ग्राहक 2500 रुपये तक के अमाउंट को ईएमआई में बदल सकते हैं। वर्तमान में यह लिमिट 5000 रुपये है। हालांकि बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कार्ड मेंबर को प्राइमरी या एड-ऑन क्रेडिट कार्ड से की गई रिटेल खरीदारी या ट्रांजैक्शन को ही ईएमआई में बदलने की अनुमति होगी। बैंक अपनी मर्जी और फैसले से कम से कम रकम की पात्रता में बदलाव भी कर सकता है। अगर लगातार 3 महीने से ज्यादा समय तक यदि ईएमआई का भुगतान नहीं किया जाता, तो बैंक के पास इस सुविधा को बंद करने का अधिकार भी होता है।
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