Guwahati ODI: Jasprit Bumrah की गैरमौजूदगी में Nitish Kumar Reddy और गेंदबाजी पर नजरें
गुवाहाटी में बुधवार को भारत और वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाना है। पहले मैच में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम की नजर अब सीरीज अपने नाम करने पर है। बल्लेबाजी में भारत की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है, लेकिन गेंदबाजी में सही संयोजन तलाशना टीम के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
पहले मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज के 295 रन के स्कोर को 42 ओवर से पहले ही हासिल कर लिया था। कप्तान शुभमन गिल और विराट कोहली ने शतक लगाकर टीम की जीत आसान कर दी थी। ऐसे में गुवाहाटी में एक बार फिर सबसे ज्यादा नजर विराट कोहली पर रहने वाली हैं। कोहली ने पहले मैच में 74 गेंदों पर शतक लगाकर कई उपलब्धियां अपने नाम की थीं। वह सचिन तेंदुलकर के बाद 15,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज भी बने हैं।
गौरतलब है कि कोहली का गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम से भी खास रिश्ता रहा है। उन्होंने जनवरी 2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ अपना 45वां वनडे शतक लगाया था। उस समय भारतीय टीम 2023 विश्व कप की तैयारी कर रही थी। अब कोहली के सामने 2027 विश्व कप की तैयारी का दौर है और उनकी मौजूदा लय भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है।
हालांकि गेंदबाजी में भारत को कुछ सवालों के जवाब तलाशने होंगे। जसप्रीत बुमराह एशियाई खेलों में व्यस्त हैं, जबकि हार्दिक पांड्या को अभी फिटनेस की मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में पहले मुकाबले में मोहम्मद सिराज को बाहर रखकर नितीश कुमार रेड्डी से नई गेंद से गेंदबाजी कराने का प्रयोग किया गया था। यह प्रयोग उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा था।
वापसी कर रहे रेड्डी गेंद से लय और कंट्रोल हासिल नहीं कर सके। उन्होंने एक ओवर में 7 गेंदें डालीं और 18 रन दिए। उनकी गेंदें कई बार बल्लेबाज के लिए आसान रहीं और लाइन भी बिगड़ी हुई दिखाई दी।
गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल पहले ही रेड्डी को लंबे समय के विकल्प के रूप में विकसित करने की बात कह चुके हैं। टीम प्रबंधन उन्हें ऐसे खिलाड़ी के रूप में देख रहा है, जो बल्लेबाजी के साथ छठे गेंदबाजी विकल्प की भूमिका भी निभा सकें। अब सवाल यह है कि भारत दूसरे मुकाबले में भी उन्हें गेंद से मौका देता है या मोहम्मद सिराज की वापसी होती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को भी टीम में शामिल किया गया है। वह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका नहीं मिला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ कमजोर चुनौती को देखते हुए उन्हें गुवाहाटी में मौका दिए जाने की संभावना पर भी चर्चा है।
भारत ने पहले मुकाबले में बल्लेबाजी करने वाले ऑलराउंडर नमन धीर को भी पदार्पण कराया था। उन्होंने 5 ओवर में 33 रन दिए, लेकिन बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में उनके आक्रामक प्रदर्शन के बाद टीम में उन्हें आजमाया गया था।
वेस्टइंडीज के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। टीम को सीरीज में बने रहने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। पहले मैच में खराब फिल्डिंग और कैच छोड़ने का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा था। कप्तान शाई होप और मुख्य प्रशिक्षक डैरेन सैमी की कोशिश इन गलतियों को सुधारने की होगी।
इसके अलावा वेस्टइंडीज की नजर अगले विश्व कप पर भी है। 2 बार की विश्व विजेता टीम अभी 2027 विश्व कप के लिए सीधे स्थान की स्थिति में नहीं है और फरवरी में क्वालीफायर मुकाबलों में उतरने वाली है। इसलिए भारत का यह दौरा उसके लिए टीम संयोजन और आत्मविश्वास मजबूत करने का महत्वपूर्ण मौका है।
दूसरा मुकाबला दोपहर 2 बजे से शुरू होगा। भारतीय टीम में शुभमन गिल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल, ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर शामिल हैं।
वेस्टइंडीज की टीम में शाई होप, ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, अमीर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉव्स, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड और जेडन सील्स शामिल हैं।
ACC अध्यक्ष पद से PCB चीफ मोहसिन नकवी की विदाई तय? रोटेशन और विवादों ने बिगाड़ा खेल, सर्वसम्मति की 'दीवार' लांघना नामुमकिन
Mohsin Naqvi: एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के भीतर इस समय बड़ी प्रशासनिक हलचल चल रही है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी, जो इस समय ACC के भी अध्यक्ष हैं, उनका कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म होने जा रहा है. वैसे तो नियमों के मुताबिक उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ACC बोर्ड के सभी देशों की सहमति होना जरूरी है. एशिया के अलग-अलग क्रिकेट बोर्ड्स के बीच चल रही खींचतान और बदलते समीकरणों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि नकवी को दोबारा अध्यक्ष बनने का मौका मिलना नामुमकिन है. अगर कोई चमत्कार नहीं हुआ, तो अप्रैल 2027 के बाद एशियाई क्रिकेट को संभालने के लिए एक नया अध्यक्ष मिलने वाला है.
रोटेशन पॉलिसी और बांग्लादेश की बारी
ACC के नियमों के अनुसार, अध्यक्ष पद किसी एक देश के पास हमेशा नहीं रहता. सदस्य देशों के बीच रोटेशन पॉलिसी चलती है. यानी हर देश को बारी-बारी से 2 साल के लिए अध्यक्ष बनने का मौका मिलता है. पाकिस्तान के मोहसिन नकवी ने अप्रैल 2025 में यह पद संभाला था और उनका 2 साल का समय अप्रैल 2027 में पूरा हो रहा है. इस रोटेशन नियम के हिसाब से, पाकिस्तान का कोटा खत्म होने के बाद अब अगला नंबर बांग्लादेश का है. खबरों की मानें तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस बड़ी जिम्मेदारी को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है. एशिया के बाकी क्रिकेट बोर्ड भी अब बदलाव के मूड में हैं, जिसके कारण मोहसिन नकवी के लिए कुर्सी बचा पाना बेहद मुश्किल हो गया है.
BCCI का रुख और 'सर्वसम्मति' वोट पाना नामुमकिन
मोहसिन नकवी का कार्यकाल बढ़ाने के रास्ते में सबसे बड़ी दीवार यह शर्त है कि बोर्ड के सभी देशों का एक सुर में राजी होना जरूरी है. एशियन क्रिकेट काउंसिल में बीसीसीआई का बहुत बड़ा दबदबा है. भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के बिगड़ते रिश्तों और हाइब्रिड मॉडल (एशिया कप/चैंपियंस ट्रॉफी के विवाद) को देखते हुए, इस बात की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं है कि बीसीसीआई नकवी का कार्यकाल बढ़ाने के लिए राजी होगा. जब तक सभी सदस्य देश हामी नहीं भरते, तब तक नकवी का कुर्सी पर बने रहना नामुमकिन है. मौजूदा हालात को देखकर लगता नहीं कि भारत इसके लिए कभी तैयार होगा.
????Mohsin Naqvi’s current term as ACC president is scheduled to end in April 2027, and any extension would require near-unanimous agreement from the Executive Board - which is unlikely ???? pic.twitter.com/SzLSt5KB39
— Cricbuzz (@cricbuzz) September 29, 2026
ट्रॉफी प्रेजेंटेशन विवाद और गहराता गतिरोध
मोहसिन नकवी के कार्यकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर तनाव और अधिक बढ़ गया है. हाल ही में महिला एशिया कप जैसे टूर्नामेंट्स में भारतीय टीमों द्वारा पाकिस्तानी अधिकारियों से ट्रॉफी लेने से बचने की घटनाओं ने एशियन क्रिकेट काउंसिल में असहज स्थिति पैदा कर दी है, जिसके चलते सदस्य देश अब किसी नए और विवाद-मुक्त चेहरे को अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं.
अगले एशिया कप पर क्या होगा असर?
अप्रैल 2027 में मोहसिन नकवी के हटते ही इसका सीधा असर उसी साल होने वाले एशिया कप 2027 पर पड़ेगा. पुरुषों का अगला एशिया कप साल 2027 के बीच में खेला जाना है. इसका मतलब यह है कि जब एशिया की सबपाकिसे बड़ी क्रिकेट जंग शुरू होगी, तब तक एशियन क्रिकेट काउंसिल को एक नया अध्यक्ष मिल चुका होगा. इस प्रशासनिक बदलाव से टूर्नामेंट के आयोजन, भारत और पाकिस्तान के मैचों के वेन्यू और क्रिकेट से जुड़े अन्य बड़े फैसलों की पूरी तस्वीर बदल सकती है, क्योंकि तब पाकिस्तान के बजाय किसी नए अध्यक्ष के हाथ में टूर्नामेंट की कमान होगी.
यह भी पढ़ें: 'समझ नहीं आया उन्होंने टेस्ट क्रिकेट क्यों...', विराट कोहली को लेकर कपिल देव ने कह दी ये बड़ी बात
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News Nation










