ACC अध्यक्ष पद से PCB चीफ मोहसिन नकवी की विदाई तय? रोटेशन और विवादों ने बिगाड़ा खेल, सर्वसम्मति की 'दीवार' लांघना नामुमकिन
Mohsin Naqvi: एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के भीतर इस समय बड़ी प्रशासनिक हलचल चल रही है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी, जो इस समय ACC के भी अध्यक्ष हैं, उनका कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म होने जा रहा है. वैसे तो नियमों के मुताबिक उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ACC बोर्ड के सभी देशों की सहमति होना जरूरी है. एशिया के अलग-अलग क्रिकेट बोर्ड्स के बीच चल रही खींचतान और बदलते समीकरणों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि नकवी को दोबारा अध्यक्ष बनने का मौका मिलना नामुमकिन है. अगर कोई चमत्कार नहीं हुआ, तो अप्रैल 2027 के बाद एशियाई क्रिकेट को संभालने के लिए एक नया अध्यक्ष मिलने वाला है.
रोटेशन पॉलिसी और बांग्लादेश की बारी
ACC के नियमों के अनुसार, अध्यक्ष पद किसी एक देश के पास हमेशा नहीं रहता. सदस्य देशों के बीच रोटेशन पॉलिसी चलती है. यानी हर देश को बारी-बारी से 2 साल के लिए अध्यक्ष बनने का मौका मिलता है. पाकिस्तान के मोहसिन नकवी ने अप्रैल 2025 में यह पद संभाला था और उनका 2 साल का समय अप्रैल 2027 में पूरा हो रहा है. इस रोटेशन नियम के हिसाब से, पाकिस्तान का कोटा खत्म होने के बाद अब अगला नंबर बांग्लादेश का है. खबरों की मानें तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस बड़ी जिम्मेदारी को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है. एशिया के बाकी क्रिकेट बोर्ड भी अब बदलाव के मूड में हैं, जिसके कारण मोहसिन नकवी के लिए कुर्सी बचा पाना बेहद मुश्किल हो गया है.
BCCI का रुख और 'सर्वसम्मति' वोट पाना नामुमकिन
मोहसिन नकवी का कार्यकाल बढ़ाने के रास्ते में सबसे बड़ी दीवार यह शर्त है कि बोर्ड के सभी देशों का एक सुर में राजी होना जरूरी है. एशियन क्रिकेट काउंसिल में बीसीसीआई का बहुत बड़ा दबदबा है. भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के बिगड़ते रिश्तों और हाइब्रिड मॉडल (एशिया कप/चैंपियंस ट्रॉफी के विवाद) को देखते हुए, इस बात की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं है कि बीसीसीआई नकवी का कार्यकाल बढ़ाने के लिए राजी होगा. जब तक सभी सदस्य देश हामी नहीं भरते, तब तक नकवी का कुर्सी पर बने रहना नामुमकिन है. मौजूदा हालात को देखकर लगता नहीं कि भारत इसके लिए कभी तैयार होगा.
????Mohsin Naqvi’s current term as ACC president is scheduled to end in April 2027, and any extension would require near-unanimous agreement from the Executive Board - which is unlikely ???? pic.twitter.com/SzLSt5KB39
— Cricbuzz (@cricbuzz) September 29, 2026
ट्रॉफी प्रेजेंटेशन विवाद और गहराता गतिरोध
मोहसिन नकवी के कार्यकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर तनाव और अधिक बढ़ गया है. हाल ही में महिला एशिया कप जैसे टूर्नामेंट्स में भारतीय टीमों द्वारा पाकिस्तानी अधिकारियों से ट्रॉफी लेने से बचने की घटनाओं ने एशियन क्रिकेट काउंसिल में असहज स्थिति पैदा कर दी है, जिसके चलते सदस्य देश अब किसी नए और विवाद-मुक्त चेहरे को अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं.
अगले एशिया कप पर क्या होगा असर?
अप्रैल 2027 में मोहसिन नकवी के हटते ही इसका सीधा असर उसी साल होने वाले एशिया कप 2027 पर पड़ेगा. पुरुषों का अगला एशिया कप साल 2027 के बीच में खेला जाना है. इसका मतलब यह है कि जब एशिया की सबपाकिसे बड़ी क्रिकेट जंग शुरू होगी, तब तक एशियन क्रिकेट काउंसिल को एक नया अध्यक्ष मिल चुका होगा. इस प्रशासनिक बदलाव से टूर्नामेंट के आयोजन, भारत और पाकिस्तान के मैचों के वेन्यू और क्रिकेट से जुड़े अन्य बड़े फैसलों की पूरी तस्वीर बदल सकती है, क्योंकि तब पाकिस्तान के बजाय किसी नए अध्यक्ष के हाथ में टूर्नामेंट की कमान होगी.
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TSDPL कर्मचारियों को दुर्गापूजा से पहले 3.91 करोड़ रुपये का बोनस, खाते में आएगी राशि
जमशेदपुर में दुर्गापूजा से पहले TSDPL यानी टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स लिमिटेड के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. कंपनी के कर्मचारियों को इस साल बोनस के रूप में कुल 3.91 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी सामने आई है. बोनस का भुगतान दुर्गापूजा से पहले किए जाने की तैयारी है. इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को त्योहार के समय अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी.
TSDPL में हर साल कर्मचारियों के बोनस को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच समझौता होता है. इस बार भी बोनस की राशि और भुगतान को लेकर बातचीत की प्रक्रिया चल रही है. कंपनी में बोनस को लेकर होने वाला समझौता जमशेदपुर की औद्योगिक इकाइयों में चल रही बोनस प्रक्रिया का हिस्सा है. हाल के दिनों में शहर की कई कंपनियों में बोनस समझौतों पर सहमति बनी है.
दुर्गापूजा से पहले बोनस भुगतान को लेकर कर्मचारियों के बीच उत्सुकता बनी हुई है. बोनस की राशि कर्मचारियों के लिए त्योहार की खरीदारी, घरेलू जरूरतों और अन्य खर्चों में मददगार हो सकती है. औद्योगिक क्षेत्र में बोनस भुगतान को कर्मचारियों के लिए सालाना आय के अतिरिक्त महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ के तौर पर देखा जाता है.
जमशेदपुर में टाटा समूह से जुड़ी कई कंपनियों में सितंबर के दौरान बोनस समझौतों की प्रक्रिया तेज हुई है. टाटा स्टील में भी बोनस राशि को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच समझौता हुआ है, जबकि अन्य कंपनियों में भी बोनस वार्ता चल रही है.
TSDPL कर्मचारियों को 3.91 करोड़ रुपये के बोनस की राशि का भुगतान दुर्गापूजा से पहले किए जाने से कर्मचारियों को त्योहार के दौरान आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है. बोनस भुगतान से कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में भी खरीदारी बढ़ने की संभावना रहती है.
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