इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से वायु प्रदूषण को कम करने में मिल रही मदद : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से अमेरिका के कैलिफोर्निया के आस-पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता में पहले के मुकाबले सुधार हो रहा है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सोमवार को दी गई।
केके स्कूल ऑफ मेडिसिन ऑफ यूएससी के रिसर्च द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट डेटा का उपयोग करते हुए, टीम ने पहली सांख्यिकीय में शून्य-उत्सर्जन वाहनों से सीधे जुड़े नाइट्रोजन डाइऑक्साइड प्रदूषण में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की है, जिससे पता चलता है कि स्वच्छ परिवहन आज वास्तविक लाभ प्रदान कर रहा है।
द लैंसेट प्लेनेटरी हेल्थ में प्रकाशित इस अध्ययन में 2019 से 2023 के बीच वायु प्रदूषण के स्तर में आए बदलावों का विश्लेषण किया गया है, क्योंकि अधिक से अधिक कैलिफोर्निया के लोग शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों, जिनमें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड कारें शामिल हैं, की ओर रुख कर रहे हैं।
रिसर्चर्स ने पाया कि किसी भी इलाके में हर 200 इलेक्ट्रिक वाहनों के जुड़ने से नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का स्तर लगभग 1.1 प्रतिशत कम हो जाता है।
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड एक हानिकारक प्रदूषक है जो मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन जलाने से उत्पन्न होता है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, हृदय रोग और स्ट्रोक का कारण बनता है।
हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को अकसर जलवायु परिवर्तन से निपटने के दीर्घकालिक उपाय के रूप में बढ़ावा दिया जाता है, लेकिन यह शोध दर्शाता है कि वे अल्पकालिक रूप से भी हवा को स्वच्छ बना रहे हैं।
सीनियर लेखक डॉ. एरिका गार्सिया ने कहा कि ये नतीजे इसलिए जरूरी हैं क्योंकि हवा का प्रदूषण लगभग तुरंत सेहत पर असर डालता है।
ट्रैफिक से होने वाला प्रदूषण कम समय और लंबे समय दोनों में फेफड़ों और दिल को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे इसमें कमी समुदाय की भलाई के लिए बहुत अधिक मायने रखती है।
मुख्य लेखक डॉ. सैंड्रा एकेल ने कहा कि भले ही कैलिफ़ोर्निया में सभी कारों में इलेक्ट्रिक वाहनों का हिस्सा अभी भी कम है, लेकिन उनका असर पहले से ही मापा जा सकता है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
77वें गणतंत्र दिवस पर ईयू के नेताओं का जमावड़ा, बोले- 'ये बड़े सम्मान की बात है'
नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय यूनियन के बड़े नेताओं ने शिरकत की। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इसके अलावा, ईयू के ट्रेड और इकोनॉमिक सिक्योरिटी कमिश्नर मारोस शेफकोविक ने भी हिस्सा लिया।
मारोस शेफकोविक ने गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का अनुभव साझा करते हुए कहा, भारत के रिपब्लिक डे पर गेस्ट के तौर पर बुलाया जाना बहुत सम्मान की बात है। हमारी पार्टनरशिप को फिर से पक्का करने और एक बड़े ईयू-भारत एफटीए के जरिए इसे और मजबूत करने के लिए इससे अच्छा समय और कोई नहीं हो सकता।
एंटोनियो कोस्टा ने कहा, भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर इस साल की शानदार परेड में हिस्सा लेने के लिए यूरोपीय संघ को बुलाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद। यह भारत के समृद्ध इतिहास और जीवंत सांस्कृतिक विविधता का एक शानदार जश्न है और भविष्य के लिए इसकी उम्मीदों का प्रतीक है।
यूरोपीय आयोग के उपाध्यक्ष काजा कैलास ने कहा, भारत के साथ और करीबी सहयोग के लिए मजबूत क्षण है, और हम इसका फायदा उठा रहे हैं। आज नई दिल्ली में होना खुशी की बात है और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है। हमारे गहरे होते रिश्ते के निशान के तौर पर हमारे ईयू नेवल ऑपरेशन्स, अटलांटा और एस्पाइड्स के लोग पहली बार परेड में हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, कल समिट में हम ईयू-भारत सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करके अपने रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे। इससे मैरीटाइम सिक्योरिटी, साइबर सिक्योरिटी और काउंटरटेररिज्म जैसे क्षेत्र में ठोस नतीजे मिलेंगे।
इसके अलावा आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान बताया और कहा, गणतंत्र दिवस समारोह में चीफ गेस्ट बनना जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान है। एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, खुशहाल और सुरक्षित बनाता है और हम सभी को फायदा होता है।
दुनिया भर में कई भारतीय राजनयिक मिशनों ने सोमवार को भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्र के नाम संदेश पढ़ा गया।
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर न्यूजीलैंड की भारतीय उच्चायुक्त नीता भूषण ने वेलिंगटन में तिरंगा फहराया, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। उन्होंने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्र के नाम संदेश भी पढ़ा।
इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं और ऑपरेशन सिंदूर पर एक नृत्य नाटक भी प्रस्तुत किया गया, जिसने प्रवासी भारतीयों और स्थानीय व्यक्तियों की उपस्थिति में देशभक्ति की भावना को और बढ़ाया।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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