फ्रांस, जापान, सऊदी अरब और श्रीलंका समेत कई देशों ने भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं
नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत को दुनिया के अलग-अलग देशों से बधाई संदेश मिल रहे हैं। सोमवार को जब भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है तो दुनिया भर के कई नेताओं और डिप्लोमैटिक मिशनों ने देश को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के साथ एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, “2024 में गणतंत्र दिवस की कितनी शानदार यादें हैं जो हमने साथ में शेयर कीं। मेरे प्यारे दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्यारे भारतीय दोस्तों, इस खास मौके पर मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। साथ मिलकर इसे और मजबूत बनाने के लिए फरवरी में मिलते हैं।”
भारत में फ्रांस के दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, “2024 में चीफ गेस्ट के तौर पर सम्मानित होने के बाद फ्रांस इस साल चीफ गेस्ट के तौर पर ईयू नेताओं की मौजूदगी से बहुत खुश है, क्योंकि हम शांति और खुशहाली के साझा भविष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।”
भारत में सिंगापुर के हाई कमिश्नर साइमन वोंग ने दिल से बधाई दी और एक्स पर पोस्ट कर कहा, “भारत के लोगों को 77वें रिपब्लिक डे पर हमारी हार्दिक बधाई। आगे और भी कई साल खुशहाली की कामना।”
रिपब्लिक डे के मौके पर भारत में आयरिश राजदूत केविन केली और आयरलैंड के दूतावास ने भारत के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और एक्स पर लिखा, “आयरलैंड भारत की लोकतांत्रिक भावना, डाइवर्सिटी और साझा मूल्यों का जश्न मनाता है जो आयरलैंड-भारत संबंधों को मजबूत करते रहते हैं।”
इसके अलावा भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने एक्स पर लिखा, “भारत और इजरायल मिलकर साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित दोस्ती को मजबूत करते रहेंगे।”
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने लिखा, हैप्पी रिपब्लिक डे, इंडिया। पहली बार रिपब्लिक डे परेड में शामिल होकर गर्व महसूस हो रहा है। यह भारत के संविधान और डेमोक्रेटिक भावना का जश्न है। अमेरिका में बने एयरक्राफ्ट को भारतीय आसमान में उड़ते देखकर बहुत खुशी हुई। यह यूएस-इंडिया रणनीतिक साझेदारी की ताकत का एक शक्तिशाली प्रतीक है।
भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने भारत के लोगों को रिपब्लिक डे की शुभकामनाएं दीं और लिखा, भारत के 77वें रिपब्लिक डे पर हार्दिक शुभकामनाएं। भारत के राष्ट्रपति से मिले। भारत की समृद्ध और विविध संस्कृति की याद दिलाने वाले जश्न में शामिल होने का इंतजार है।
भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने भी भारतीयों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। दूत द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में ऑस्ट्रेलियाई मिशन के अधिकारी लोगों को हिंदी, बंगाली और मराठी जैसी स्थानीय भाषाओं में शुभकामनाएं देते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, 26 जनवरी एक तारीख, दो राष्ट्रीय समारोह- ऑस्ट्रेलिया दिवस और गणतंत्र दिवस। हैप्पी रिपब्लिक डे, इंडिया। भारत की रिच विविधता के समारोह के तौर पर भारत में हमारे मिशन के दोस्तों ने सोचा कि हम कुछ स्थानीय भाषाओं में अपनी शुभकामनाएं शेयर करें।
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारत के 77वें गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी 2026, के शुभ अवसर पर श्रीलंका के लोगों और सरकार की ओर से भारत गणराज्य के लोगों और सरकार को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।
भारत में फिनलैंड के दूतावास ने भी एक वीडियो शेयर किया, जिसमें मिशन के अधिकारियों ने भारत के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने पोस्ट किया, हम अपने सभी दोस्तों, पार्टनर्स और भारत के लोगों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं। भारत में फिनलैंड में हम सभी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।
इसके अलावा सऊदी अरब ने भी भारत के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, सऊदी अरब की रॉयल एम्बेसी, भारत गणराज्य और उसके दोस्ताना लोगों को उसके 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर हार्दिक बधाई देती है, और लगातार तरक्की और खुशहाली की कामना करती है।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मन की उलझनें शरीर को बना सकती हैं लाचार, आयुर्वेद से जानिए समाधान
नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, पैसों की चिंता, रिश्तों की खटास, भविष्य की अनिश्चितता और हर समय कुछ बेहतर करने और दिखने की होड़, ये सब धीरे-धीरे हमारे मन को थका देते हैं। शुरुआत में हमें लगता है कि यह सिर्फ दिमागी परेशानी है, लेकिन जब तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो इसका असर शरीर पर साफ दिखने लगता है।
सिरदर्द, नींद न आना, पेट खराब रहना, थकान, चिड़चिड़ापन और दिल की धड़कन तेज होना ये सब संकेत हैं कि मन की उलझनें अब शरीर को लाचार बनाने लगी हैं।
आयुर्वेद मानता है कि मन और शरीर अलग-अलग नहीं हैं। दोनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। मन में असंतुलन होता है तो शरीर के दोष (वात, पित्त और कफ) भी बिगड़ने लगते हैं। लगातार चिंता और डर से वात दोष बढ़ता है, जिससे घबराहट, अनिद्रा और जोड़ों में दर्द होने लगता है।
गुस्सा और तनाव पित्त को बढ़ाते हैं, जिससे एसिडिटी, हाई ब्लड प्रेशर और त्वचा की समस्याएं पैदा होती हैं। वहीं उदासी और सुस्ती कफ को बढ़ाकर मोटापा, सुस्ती और कमजोर पाचन का कारण बनती हैं। इसलिए आयुर्वेद में इलाज की शुरुआत शरीर से नहीं, बल्कि मन को शांत करने से की जाती है।
मन को संतुलित रखने के लिए आयुर्वेद सबसे पहले दिनचर्या सुधारने पर जोर देता है। सुबह जल्दी उठना, सूरज की रोशनी में कुछ देर टहलना और दिन की शुरुआत गहरी सांसों के साथ करना मन को हल्का करता है। रोज 10-15 मिनट तिल या नारियल तेल से सिर और पैरों की मालिश करने से नर्वस सिस्टम शांत होता है और तनाव कम महसूस होता है। भोजन भी मन की स्थिति पर असर डालता है, इसलिए बहुत ज्यादा तीखा, तला-भुना और कैफीन से भरा खाना कम करना चाहिए। इसकी जगह हल्का, सादा और गर्म भोजन जैसे दाल, सब्जी, घी और दूध मन को स्थिर रखता है।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां भी तनाव से लड़ने में बहुत मददगार हैं। अश्वगंधा शरीर को मानसिक दबाव के अनुकूल बनाती है और थकान दूर करती है। ब्राह्मी और शंखपुष्पी याददाश्त सुधारने के साथ मन को शांत करती हैं। तुलसी और गिलोय की चाय रोज पीने से मन के साथ-साथ इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। इसके अलावा योग और प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और शवासन मन को गहरी शांति देते हैं और बेचैनी को धीरे-धीरे कम करते हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/वीसी
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