77th Republic Day Parade LIVE Updates: गणतंत्र दिवस पर President Droupadi Murmu लाइव | Kartavya Path
77th Republic Day Parade LIVE Updates: गणतंत्र दिवस पर President Droupadi Murmu लाइव | Kartavya Path देशभर में आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. जिसको लेकर पूरे देशभर में जश्न का माहौल है. बता दें कि इस दौरान राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। #republicday2026 #republicdayparade #pmmodi #republicday #kartavyapath #pmmodi #pmmodispeech #redfort #breakingnews ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
अजमेर के प्रिंसिपल बोले- पाकिस्तान हमारा बड़ा भाई:आजादी मिली तो देश में तीन ही नेता थे- गांधी, जिन्ना और अम्बेडकर; नेहरू का नाम नहीं था
अजमेर के राजकीय महाविद्यालय के प्रिंसिपल मनोज बेहरवाल ने कहा- 14 अगस्त 1947 को भारत के राजनीतिक पटल पर और विश्व के पटल पर एक देश का नाम आया। वह देश पाकिस्तान था। 15 अगस्त 1947 सुबह दस-साढ़े 10 बजे भारत का उदय हुआ। पाकिस्तान हमसे 12 घंटे बड़ा है, पाकिस्तान हमारा बड़ा भाई है। जब आजादी मिली तो देश में तीन ही नेता थे- गांधी, जिन्ना और अम्बेडकर। यहां नेहरू नाम नहीं था, ध्यान रखना। ये तीन ही नेता लोकप्रिय थे। विदेशी पत्रकार इंटरव्यू के लिए आए तो पहले गांधी जी के पास गए। रात के आठ बज चुके थे। गांधी सो गए थे। करीब दस बजे जिन्ना के पास गए। वहां पता चला कि वे बाहर गए या सो गए। इसके बाद रात करीब 12 बजे अम्बेडकर के पास गए। अम्बेडकर हिन्दू कोड बिल की तैयारी कर रहे थे। जब पत्रकारों ने कहा कि अब तक आप जाग रहे हैं। इस पर अम्बेडकर ने कहा- उन दोनों के समाज जाग चुके हैं, इसलिए वे सो गए हैं। मेरा समाज अभी सो रहा है, इसलिए मुझे जागना पड़ रहा है। समाज व देश एक ही है, यही भारतीय ज्ञान परम्परा है। ब्यावर के सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में हुए राजस्थान सोशियो लॉजिकल एसोसिएशन की 31वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस 23 और 24 जनवरी को हुई थी। 24 जनवरी को मनोज बेहरवाल ने ये बातें कही थीं। 3 देशों के प्रतिनिधियों ने पहुंचे थे कॉन्फ्रेंस में राजस्थान सोशियोलॉजिकल एसोसिएशन की 31वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भारत के सात राज्यों और राजस्थान के 20 से अधिक जिलों के प्रतिभागियों के साथ-साथ तीन देशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। यह सेमिनार भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित थी और इसका आयोजन ब्यावर के सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में किया गया था। पाकिस्तान ने पहले घुट्टी पी मुख्य मेहमान के रूप में बोलते हुए, प्रिंसिपल मनोज बेहरवाल ने पाकिस्तान के निर्माण पर टिप्पणी की। बेहरवाल ने कहा- पाकिस्तान ने पहले घुट्टी पी उसके गीत गाए, उसे नहलाया गया और उसका सब कुछ कराया गया, जिसके कारण वह बड़ा भाई बन गया। भारत बाद में अस्तित्व में आया। बेहरवाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने खुद को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया और सोचा कि वह बहुत कुछ हासिल कर लेगा, लेकिन बाद में भारत ने उसे 45 करोड़ रुपए दिए ताकि वह अपनी जिंदगी जी सके। हालांकि, पाकिस्तान ने उन पैसों को आतंकवाद पर सट्टा लगाने में बर्बाद कर दिया। राजनीति भारत के समाज को तोड़ने का काम करती थी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बेहरवाल ने यह भी कहा कि 2014 के बाद भारतीय राजनीति और भारत के समाज के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा का कनेक्शन पहली बार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले, राजनीति भारत के समाज को तोड़ने का काम करती थी, जिससे समाज परेशान था और यह नहीं जानता था कि क्या करना है। कौम अपना इतिहास नहीं जानती बेहरवाल ने कहा- भारतीय ज्ञान परम्परा, जिसे आईकेएस कहते हैं, लेकिन बीकेएस होना चाहिए। आई हटा देना चाहिए और बी लगाना चाहिए। थोड़ी गड़बड़ है। अम्बेडकर ने कहा कि जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, उसका पतन निश्चित है। पढ़े लिखे लोगों का समाज से कनेक्शन कट हो चुका है। ऐसे लोगों को समाज के लिए कुछ न कुछ करते रहना चाहिए। ये अतिथि इनको मिला सम्मान विशिष्ट अतिथि सी ए अंकुर गोयल थे। मुख्य वक्ता राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के प्रोफेसर एम एल शर्मा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ रेखा मंडोवरा ने की। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के समन्वयक डॉ दुष्यंत पारीक व सह समन्वयक डॉ मानक राम सिंगारिया थे। सर्वश्रेष्ठ पत्र वाचन का पुरस्कार शोधार्थी तन्मय शर्मा, लकी बिरजानिया, कृष्णा गोसाई एवं टीना शर्मा को प्राप्त हुआ। ऑनलाइन प्रस्तुतकर्ता आसिफ अहमदी और अफगानिस्तान से आए शोधार्थी जकारिया को भी पुरस्कार मिला। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर हरीश कुमार (हिंदी) एवं श्वेता स्वामी (अंग्रेजी) ने किया।
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