Responsive Scrollable Menu

'स्वरा भास्कर से बात कैसे कर ली?', सिवेट तोमर से नाराज राजपूत सामाज, इन्फ्लूएंसर बोलें- 'उसने माफी मांगी'

Siwet Tomar on Swara Bhasker: प्राइम वीडियो के रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ (Rise and Fall 2) की शुरुआत होने के साथ ही ये शो विवादों में आ गया है. हाल ही में शो में शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) को मारने की वजह से  सिवेट तोमर (Siwet Tomar) को आउट कर दिया गया. वहीं, अब शो से बाहर आने के बाद उन्हें स्वरा भास्कर की वजह से बायकॉट का सामना करना पड़ा रहा है. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सिवेट तोमर ने ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ में स्वरा भास्कर से बात की और उनके साथ बैठे भी थे. ऐसे में बाहर राजपूत समाज ने सिवेट तोमर पर नाराजगी जताई और बॉयकॉट करने की मांग की. वहीं, इसे लेकर सिवेट ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने कहा- 'जाट भाइयों को ये बात बुरी लग गई है कि मैंने स्वरा भास्कर से बात कैसे कर ली. मैं उसके साथ नहीं हूं. स्वरा ने सॉरी बोला था. मैं वीडियो डाल दूंगा. एडिट हुआ है कि क्योंकि जौहर की बात वहां नहीं कर सकते. अगर सॉरी नहीं बोला होगा ना तो बीच रोड में खड़ा होउंगा तुम लोग जो चाहें कर लेना. ये मेरी जबान है.'

स्वरा ने सिवेट से क्या कहा?

अपने वीडियो में आगे सिवेट ने ये भी बताया कि स्वरा ने उनसे क्या कहा था. उन्होंने कहा- ' मैं जबान दे चुका हूं कि मैं उस औरत से बात ही नहीं करुंगा अगर वो सॉरी नहीं बोलेगी. उसने जिस तरह से फिल्म में दिखाया या है उससे प्रॉब्लम थी. स्वरा ने रिक्वेस्ट की कि मुझसे बात करो. हर राजपूत रानी की इज्जत करती हूं. उसने उन रानियों का दर्द क्यों नहीं दिखाया. उसने ये क्यों नहीं दिखाया कि क्या औरतों ने सहा है. उन्होंने मुझसे चार बाल सॉरी बोला था.' सिवेट ने ये भी बताया कि स्वरा ने राजपूत समाज से माफी मांगी. एक्ट्रेस ने कहा- 'मैं पूरे राजपूत समाज से सॉरी बोलना चाहती हूं. अगर किसी को ये बात बुरी लगी हो तो.'

ये भी पढ़ें- कौन हैं सिवेट तोमर, शहजाद पूनावाला से बदसलूकी के बाद शो से हुए बाहर?

स्वरा भास्कर का बयान

बता दें, एक इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने कहा था- 'मैं पद्मावत देख रही थी, तभी मुझे जौहर सीन को देखकर लगा कि अगर मैं रेप सर्वाइवर होती तो ये फिल्म मुझे क्या मैसेज दे रही है? मुझे कायर जैसा फील होता, कि मैंने अपनी इज्जत को बचाने के लिए सुसाइड नहीं की. आप हमारे जैसी सोसायटी को ये बताना चाहते हो, जहां रेप महामारी की तरह फैला हआ है. हम मारे सर्वाइवर्स को ये बताना चाहते हैं कि वो जीना डिजर्व नहीं करती हैं. अगर वो इज्जतदार और स्ट्रॉन्ग महिला होती तो उन्होंने सुसाइड कर लिया होगा? क्या हम ये बताना चाह रहे हैं कि रेप का मतलब किसी महिला की जिंदगी का अंत है. ये सीन बहुत दिक्कत वाला था.' एक्ट्रेस के इस बयान से राजपूत समाज ने आवाज उठाई थी.

कौन हैं सिवेट तोमर?

वहीं, सिवेट तोमर की बात करे तो वो रियलिटी टीवी की दुनिया में नया नाम नहीं हैं.  इससे पहले उन्होंने MTV Roadies Season 19, MTV Splitsvilla 15 और 'The 50' जैसे यलिटी शोज में  काम किया है. मनोरंजन जगत में आने से पहले वह मॉडलिंग और फिटनेस से जुड़े रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिवेट ने साल 2018 में ‘मिस्टर देहरादून’ का खिताब भी जीता था. इसके अलावा वो फिटनेस मॉडल और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर भी काम कर चुके हैं औप कुछ म्यूजिक वीडियो में भी नजर आए हैं.

ये भी पढ़ें- कुर्ता पकड़कर घसीटा, फिर मारा पंच, Rise and Fall 2 में सिवेत ने शहजाद पूनावाला संग की हाथापाई

Continue reading on the app

सारा दिन लैपटॉप पर बैठते हैं? रीढ़ की जकड़न और थकान दूर करेगा ये योगासन

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों बैठे रहना, गलत पोस्चर और तनाव शरीर को जकड़ कर रख देता है। योग के विभिन्न आसनों में पूर्वोत्तानासन शरीर के अगले हिस्से को खींचता है और पिछले हिस्से को मजबूत बनाता है।

पूर्वोत्तानासन शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के तीन शब्दों से हुई है- पूर्व (शरीर का अगला हिस्सा या पूर्व दिशा), उत्तान (तीव्र खिंचाव), और आसन (मुद्रा)। इसलिए इसे शरीर के अग्र भाग का तीव्र खिंचाव या अपवर्ड प्लैंक पोज़ भी कहा जाता है। यह बैठकर आगे झुकने वाले आसनों (जैसे पश्चिमोत्तानासन) के प्रभाव को संतुलित करने के लिए एक बेहतरीन काउंटर-पोज है।

इस आसन को अपवर्ड प्लैंक पोज भी कहा जाता है, जो शरीर के अगले हिस्से में गहरा खिंचाव पैदा करता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, पूर्वोत्तानासन के नियमित अभ्यास से हाथों, पैरों और पीठ की मांसपेशियां मजबूत बनी रहती हैं। वहीं, रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बना रहता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। यह आसन थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करता है।

पूर्वोत्तानासन थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने में बहुत मददगार माना जाता है, और इसका कारण इसकी गर्दन और गले की मुद्रा में छिपा है। इस आसन को करने के दौरान गर्दन पीछे की ओर झुकती है, जिससे थायरॉयड ग्रंथि के आसपास रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है। ज्यादा ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलने से ग्रंथि ज्यादा सक्रिय और संतुलित तरीके से काम करने लगती है।

यह आसन पैरों और कूल्हों के लिए भी कंप्लीट वर्कआउट है। पूर्वोत्तानासन को करने के दौरान एड़ियों को ज़मीन पर दबाकर पैरों को सीधा रखा जाता है। इससे पिंडलियों, जांघों के पिछले हिस्से और आगे के हिस्से में तेज खिंचाव और मजबूती आती है। जो लोग दिनभर बैठे रहते हैं, उनके पैरों की जकड़न को यह आसन खोल देता है और पैरों में ताकत बढ़ाता है।

कूल्हों को ऊपर की ओर उठाकर रखने के लिए ग्लूट्स (नितंबों की मांसपेशियां) को पूरी तरह टाइट करना पड़ता है। इससे हिप्स शेप में आते हैं, हिप जॉइंट्स की अकड़न दूर होती है और कमर के निचले हिस्से को सहारा मिलता है। यह आसन हिप फ्लेक्सर्स को स्ट्रेच करता है, जो लगातार बैठने से टाइट हो जाते हैं। नियमित अभ्यास से पैरों में स्थिरता, कूल्हों में लचीलापन और पूरे लोअर बॉडी में मजबूती आती है।

यदि आप योग की शुरुआत कर रहे हैं, तो इस आसन को करने से पहले अपनी कलाइयों को घुमाकर थोड़ा वॉर्म-अप अवश्य कर लें। गर्दन या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट (जैसे स्लिप डिस्क) होने पर सिर को पीछे न लटकाएं या इस आसन से बचें।

--आईएएनएस

एनएस/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Success Story: कंधे का ऑपरेशन, दर्द और लंबा ब्रेक... फिर TC यशवीर की दमदार वापसी, एशियन गेम्स में जीता सिल्वर

Yashvir Singh Success Story: जयपुर के रेलवे टिकट क्लर्क और जेवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 85.72 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता है. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालिफाई किया है. यशवीर का खेल सफर आसान नहीं रहा. बैक पेन और शोल्डर इंजरी के कारण उन्हें कई बार मैदान से बाहर रहना पड़ा, जबकि कंधे के ऑपरेशन के चलते वह 2024 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके थे. यशवीर को जेवलिन थ्रो की शुरुआती ट्रेनिंग उनके पिता से मिली, जो खुद इस खेल से जुड़े रहे हैं. पिछले करीब सात साल से वह लगातार अभ्यास कर रहे हैं. रेलवे ग्राउंड और एसएमएस स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले यशवीर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता है. अब उनका लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना है. Tue, 29 Sep 2026 12:00:42 +0530

  Videos
See all

Republic Summit 2026: Hanuman Ansh में 15 पूड़ियां खाने का Actor Chandan Anand ने सुनाया किस्सा #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T07:04:27+00:00

India Pak War: फिर छिड़ेगा भारत पाकिस्तान युद्ध ? | PM Modi | Asim Munir | War zone | Terrorism #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T07:13:44+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers