ऑपरेशन सिंदूर के डेढ़ साल बाद पाकिस्तान पहुंचे भारतीय अधिकारी:SCO की बैठक में शामिल होंगे; PM मोदी को न्योता दे सकता है इस्लामाबाद
ऑपरेशन सिंदूर के करीब डेढ़ साल बाद भारत ने SCO की बैठक में शामिल होने के लिए अपना एक सीनियर अधिकारी पाकिस्तान भेजा है। विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी और भारत के SCO कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी सोमवार से इस्लामाबाद में शुरू हुई बैठक में भारतीय टीम की अगुवाई कर रहे हैं। यह बैठक बुधवार तक चलेगी। बैठक में पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले SCO के कार्यक्रमों, आने वाली बैठकों की तैयारियों और संगठन से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा होगी। पाकिस्तान में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता दिए जाने की भी संभावना है। पाकिस्तान से द्विपक्षीय बातचीत नहीं करेगा भारत भारत का कहना है कि वह SCO के मंच पर पाकिस्तान के साथ बातचीत और सहयोग जारी रखेगा। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत के लिए आतंकवाद से मुक्त माहौल होना जरूरी है। भारत का रुख रहा है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले और इसके बाद मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के बाद भारत ने इस बात को दोहराया था। इसके बावजूद भारत SCO की बैठकों में हिस्सा ले रहा है। सूत्रों के मुताबिक, भारत इस संगठन के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इसी वजह से उसने अपने SCO कोऑर्डिनेटर को पाकिस्तान भेजा है। SCO के बारे में जानिए, 2001 में हुई थी इसकी स्थापना शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गीजस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी। बाद में भारत और पाकिस्तान 2017 में इससे जुड़े। 2023 में ईरान भी इसका सदस्य बना। SCO का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना है। संगठन आतंकवाद, उग्रवाद, ड्रग तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाता है। 2027 के लिए SCO की अध्यक्षता कर रहा पाकिस्तान पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने रविवार को बताया कि SCO के सदस्य देशों के राष्ट्रीय समन्वयकों की परिषद (CNC) की पहली बैठक इस्लामाबाद में हो रही है। यह बैठक 2026-27 के लिए संगठन की अध्यक्षता पाकिस्तान को मिलने के बाद आयोजित की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान के SCO कोऑर्डिनेटर डॉ. एम. फैसल कर रहे हैं। इसमें सदस्य देशों के राष्ट्रीय समन्वयकों के साथ SCO सचिवालय के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक, बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और आपसी तालमेल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रमों और आने वाली बैठकों की तैयारियों पर भी बात होगी। पाकिस्तान ने समिट की थीम कनेक्टिविटी और विकास रखी पाकिस्तान ने SCO की अध्यक्षता के लिए ‘विजन को काम में बदलना: कनेक्टिविटी, नई तकनीक और साझा समृद्धि’ थीम रखी है। इसके तहत सदस्य देशों के बीच संपर्क बढ़ाने, नई तकनीक को बढ़ावा देने और मिलकर आर्थिक विकास करने पर जोर दिया जाएगा। करीब दो साल बाद पाकिस्तान में SCO की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहा है। पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दे सकता है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
म्यांमार ने रखाइन राज्य में एयरस्ट्राइक की, 49 की मौत:सेना ने बाजार के पास बम गिराए; विद्रोही गुट के कब्जे में है यह इलाका, 58 लोग घायल
म्यांमार की सेना ने सोमवार को पश्चिमी रखाइन राज्य में एक बाजार के पास एयरस्ट्राइक की। इसमें कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई और 58 लोग घायल हुए हैं। हमले के वक्त बाजार में दुकानदारों और ग्राहकों की भीड़ थी। विद्रोही संगठन अराकान आर्मी के मुताबिक, सेना के लड़ाकू विमान ने बाजार के पास दो बम गिराए। घायलों में 22 की हालत गंभीर है। यह इलाका ताकतवर विद्रोही संगठन अराकान आर्मी के कब्जे में है। संगठन और राहतकर्मियों ने हमले में लोगों के मारे जाने की जानकारी दी है। हालांकि, हमले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अराकान आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी अराकान आर्मी ने मंगलवार तड़के जारी बयान में कहा कि वह हमले के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ जल्द जवाबी कार्रवाई करेगी। संगठन ने आरोप लगाया कि जानबूझकर किए गए हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम लोगों की जान गई है। म्यांमार की सेना ने हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, सेना पहले कहती रही है कि उसके हवाई हमलों का निशाना केवल सैन्य ठिकाने होते हैं। वह सैन्य शासन का विरोध करने वाले संगठनों पर आतंकवाद में शामिल होने का आरोप भी लगाती रही है। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से संघर्ष जारी म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को सेना ने आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार को सत्ता से हटा दिया था। इसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। सुरक्षा बलों ने इन प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाया, जिसके बाद सैन्य शासन के कई विरोधियों ने हथियार उठा लिए। तब से देश के बड़े हिस्से में संघर्ष जारी है। अराकान आर्मी रखाइन के जातीय अल्पसंख्यक समुदाय को अधिक स्वायत्तता दिलाने की मांग करने वाले आंदोलन का सशस्त्र संगठन है। इसने नवंबर 2023 में रखाइन में सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद संगठन ने राज्य के 17 में से 14 टाउनशिप और एक अहम क्षेत्रीय सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। सेना की पाबंदियों से खाने-पीने की चीजों की कमी रखाइन में लड़ाई तेज होने के बाद म्यांमार की सेना ने व्यापारिक रास्तों पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। इससे इलाके में खाने-पीने की चीजों की कमी बढ़ गई है। इससे पहले दिसंबर में रखाइन के म्राउक-यू टाउनशिप में एक अस्पताल पर हुए हवाई हमले में कम से कम 34 लोगों की मौत हुई थी और 80 लोग घायल हुए थे।
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