म्यांमार ने रखाइन राज्य में एयरस्ट्राइक की, 49 की मौत:सेना ने बाजार के पास बम गिराए; विद्रोही गुट के कब्जे में है यह इलाका, 58 लोग घायल
म्यांमार की सेना ने सोमवार को पश्चिमी रखाइन राज्य में एक बाजार के पास एयरस्ट्राइक की। इसमें कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई और 58 लोग घायल हुए हैं। हमले के वक्त बाजार में दुकानदारों और ग्राहकों की भीड़ थी। विद्रोही संगठन अराकान आर्मी के मुताबिक, सेना के लड़ाकू विमान ने बाजार के पास दो बम गिराए। घायलों में 22 की हालत गंभीर है। यह इलाका ताकतवर विद्रोही संगठन अराकान आर्मी के कब्जे में है। संगठन और राहतकर्मियों ने हमले में लोगों के मारे जाने की जानकारी दी है। हालांकि, हमले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अराकान आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी अराकान आर्मी ने मंगलवार तड़के जारी बयान में कहा कि वह हमले के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ जल्द जवाबी कार्रवाई करेगी। संगठन ने आरोप लगाया कि जानबूझकर किए गए हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम लोगों की जान गई है। म्यांमार की सेना ने हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, सेना पहले कहती रही है कि उसके हवाई हमलों का निशाना केवल सैन्य ठिकाने होते हैं। वह सैन्य शासन का विरोध करने वाले संगठनों पर आतंकवाद में शामिल होने का आरोप भी लगाती रही है। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से संघर्ष जारी म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को सेना ने आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार को सत्ता से हटा दिया था। इसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। सुरक्षा बलों ने इन प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाया, जिसके बाद सैन्य शासन के कई विरोधियों ने हथियार उठा लिए। तब से देश के बड़े हिस्से में संघर्ष जारी है। अराकान आर्मी रखाइन के जातीय अल्पसंख्यक समुदाय को अधिक स्वायत्तता दिलाने की मांग करने वाले आंदोलन का सशस्त्र संगठन है। इसने नवंबर 2023 में रखाइन में सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद संगठन ने राज्य के 17 में से 14 टाउनशिप और एक अहम क्षेत्रीय सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। सेना की पाबंदियों से खाने-पीने की चीजों की कमी रखाइन में लड़ाई तेज होने के बाद म्यांमार की सेना ने व्यापारिक रास्तों पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। इससे इलाके में खाने-पीने की चीजों की कमी बढ़ गई है। इससे पहले दिसंबर में रखाइन के म्राउक-यू टाउनशिप में एक अस्पताल पर हुए हवाई हमले में कम से कम 34 लोगों की मौत हुई थी और 80 लोग घायल हुए थे।
आईआईटी में पढ़ चुके आरक्षित वर्ग के छात्रों ने साझा किए अपने ये अनुभव
आईआईटी में जातिगत भेदभाव की ख़बरें कोई नई नहीं हैं लेकिन इसके पीछे की वजहें क्या हैं? इन वजहों के बारे में आईआईटी में पढ़ चुके आरक्षित वर्ग के छात्रों ने ये बताया.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
BBC News










