क्या आप भी रोजाना खाते हैं रोटी-चावल? एक्सपर्ट ने बताया किन गलतियों की वजह से बन सकते हैं अनहेल्दी
Rice And Wheat Eating Side Effects: अगर आप रोजाना चावल या रोटी खाते हैं तो यह लेख जरूर पढ़ें, क्योंकि यहां पर हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है.
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America Iran Tension: ईरान को मिली China की मदद, शुरू होने वाला है तीसरा विश्व युद्ध
बढ़ती सैन्य तैनाती के बीच ईरान ने कड़ा जवाब दिया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है. ईरानी नौसेना ने समंदर से उठ रहे खतरे से भी निपटने की तैयारी की है. अमेरिका की आक्रामक तैयारी से मिडिल ईस्ट में जंगी शोले भड़क रहे हैं. किसी भी वक्त अमेरिकी हमले की खबर से ईरान भी सुपर एक्टिव हो गया है.
कई हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन की तैनाती
ईरान अपनी ताकत यानी मिसाइल और ड्रोन से अमेरिकी सेना पर पलटवार करने का दम भर रहा है. ईरान में अचानक हलचल काफी बढ़ गई है. देश के कई हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन की तैनाती की जा रही है. ईरान की रहस्यमई अंडरग्राउंड मिसाइल सिटीज को एक्टिवेट कर दिया गया है. पहाड़ियों के नीचे करीब 90 फीट की गहराई में बने इन अंडरग्राउंड बेस से हमले करके अमेरिकी सेना को बैकफुट पर लाने की रणनीति बनाई जा रही है.
चीन से 20 से ज्यादा कार्गो विमान ईरान पहुंचे
इस बीच ईरान को उसके दोस्त, देश रूस और चीन से भी मदद मिलती दिख रही है. पिछले कुछ दिनों में चीन से 20 से ज्यादा कार्गो विमान ईरान पहुंचे हैं. जिनमें कथित तौर पर अनजान सामान पहुंचाया गया है. माना जा रहा है कि अमेरिका के संभावित हमलों से पहले चीन ईरान को गुपचुप तरीके से मदद देने की कोशिश कर रहा है ताकि तेहरान को संभावित सरप्राइज़ के लिए तैयार किया जा सके. कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन ने ईरान को बड़ी संख्या में एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल मुहैया कराई है. खबर यह भी है कि कार्गो प्लेस में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉारफेयर सिस्टम्स और अन्य हाई वैल्यू सैन्य उपकरण हो सकते हैं. इस बीच ईरान ने कई पड़ोसी और गैर
पड़ोसी देशों को सीधे-सीधे चेतावनी दी है.
सैन्य कारवाई का संचालन कर सकता है
ईरान ने धमकी दी है कि अगर कोई देश सैन्य कारवाई में अमेरिका और इजराइल का साथ देता है तो वह देश एक जायज निशाना बन जाएगा. यानी ईरान की घातक मिसाइलों का मुंह उस देश की तरफ मुड़ जाएगा. शायद इसीलिए मिडिल ईस्ट में अपने करीबी देशों को ईरान की मार से बचाने के लिए अमेरिका समंदर से ही सैन्य कारवाई का संचालन कर सकता है. जानकारों के मुताबिक समंदर से ही अमेरिकी टॉमक मिसाइलें होंगी. समंदर से ही फाइटर जेट्स फर्राटा भरेंगे और पलक झपकते ही ईरान को घुटनों पर ला देंगे. हालांकि ईरान भी झुकने वाले देशों में से
नहीं है. उसे समंदर से उठ रहे बारूदी ज्वार का अंदेशा है. इसीलिए इस खतरे से निपटने की रणनीति को अमल में ला दिया गया है.
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